पुरुलिया (Purulia) जिला पश्चिम बंगाल राज्य के तेईस जिलों में से एक है (District of West Bengal). पुरुलिया शहर जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है. जिले के कुछ अन्य महत्वपूर्ण शहर रघुनाथपुर-आद्रा, झालदा, अनारा और बलरामपुर हैं. जिले का क्षेत्रफल 6,259 वर्ग किमी है (Purulia Area). यह जिला पूर्व में बांकुड़ा, पश्चिम मेदिनीपुर जिलों, उत्तर में पश्चिम बंगाल राज्य के बर्धमान जिले और झारखंड राज्य के धनबाद जिले, पश्चिम में झारखंड राज्य के बोकारो और रांची जिलों और दक्षिण में पश्चिम सिंहभूम और झारखंड राज्य के पूर्वी सिंहभूम जिले के दक्षिण में स्थित है (Purulia Location).
पुरुलिया जिले में कई नदियां बहती हैं. इनमें कंगसबती, कुमारी, सिलबती (सिलाई), द्वारकेश्वर, सुवर्णरेखा और दामोदर प्रमुख हैं (Purulia Rivers). पुरुलिया जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से औद्योगिक और कृषि क्षेत्र और पर्यटन पर निर्भर है. इनमें औद्योगिक क्षेत्र जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है (Purulia Economy).
जिले में स्थित अयोध्या, तुर्ग जलप्रपात, पीपीएसपी ऊपरी और निचले बांध, केस्तो बाजार बांध में दावरी खाल, लाहौरिया शिव मंदिर, मठ और कुइलापाल, झरने और आदिवासी बस्तियों के प्राकृतिक दृश्यों के आकर्षण को देखने के लिए हर साल सैकड़ों हजारों पर्यटक पुरुलिया आते हैं. अयोध्या हिल्स और बागमुंडीह, पंचेत, मुर्गुमा बांध और फुतियारी जैसे बांध, पंचकोट राज प्लेस जैसी विरासत इमारतें, पाखी पहाड़ के साथ गर्वित मठ की ट्रेकिंग रेंज, और जोयचंडी पहाड़, बारंती, डुआरसिनी, डोलडांगा, जमुना जैसे पिकनिक स्थल हैं साथ ही, पारंपरिक लोक नृत्य और संस्कृति जैसे छाऊ नृत्य और झूमर गीत प्रसिद्ध है (Purulia Tourism and Culture).
पश्चिम बंगाल के चुनावी रुझानों में टीएमसी के पिछड़ने के बाद दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय में सन्नाटा छाया हुआ है. पुरुलिया की सभी 9 सीटों पर भाजपा की बढ़त ने कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह भर दिया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुरुलिया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अपना भाषण बीच में ही रोक दिया. उनकी नजर एक छोटे बच्चे पर गई जो उनकी मां की फोटो लेकर पहुंचा था. पीएम मोदी ने उस बच्चे से बात की और उसे थैंक्यू कहा.
बंगाल के पुरुलिया में एक जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने BJP पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि उन्हें मारने की साजिश हो सकती है और उनके अधिकार छीन लिए गए हैं. ममता ने वोटर लिस्ट से नाम हटाने और दंगे भड़काने के आरोप भी लगाए.
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और पुरुलिया में रामनवमी की शोभायात्रा के दौरान जमकर बवाल और पथराव हुआ. घटना के बाद पूरे इलाके में भारी पुलिस बल और सेंट्रल फोर्सेस तैनात कर दी गई हैं. फिलहाल, हालात काबू में हैं और कई उपद्रवियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में रामनवमी से पहले माहौल तनावपूर्ण हो गया है. आरोप है कि कोटशिला थाना क्षेत्र में हनुमान की दो मूर्तियां तोड़ी गईं और बसंती माता की प्रतिमा को अपवित्र किया गया. मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें अदालत ने दो दिन की हिरासत में भेजा गया है.
पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में एक दर्दनाक हादसा हो गया. जहां 4 वर्षीय बच्चे को ट्यूशन छोड़ने जा रही एक मां की सड़क हादसे में मौत हो गई. जबकि बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया. जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में विधानसभा चुनाव 2026 से पहले माओवादी नाम से लगे पोस्टर मिलने से हड़कंप मच गया है. BORO थाना क्षेत्र के आंकरो गांव में सफेद कागज पर लाल स्याही से लिखा पोस्टर मिला, जिसमें बंद नहीं मानने पर मौत की धमकी दी गई है. पुलिस ने पोस्टर जब्त कर जांच शुरू कर दी है.
पश्चिम बंगाल में तमाम कोशिशों की बावजूद बीजेपी अब तक टीएमसी के किले को ढहा नहीं पाई है. ऐसे में पार्टी आदिवासी वोटबैंक के जरिए आगामी विधानसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करने को कोशिश में जुट गई है और आदिवासी वोटबैंक पर फोकस कर रही है.
लोकसभा चुनाव 2024 बेहद नज़दीक हैं. नरेंद्र मोदी की अगुआई में बीजेपी लगातार तीसरी बार सत्ता पर काबिज होने के लिए पूरा ज़ोर लगा रही है. वहीं, विपक्षी दल भी उलटफेर करने की रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं. चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल की पुरूलिया सीट पर क्या हैं सियासी समीकरण, वीडियो में जानिए. (रिपोर्ट: अनिल गिरी)
पश्चिम बंगाल के पुरुलिया की खबर से साधु-संत गुस्से में हैं. बीजेपी ने ममता सरकार पर जोरदार हमला बोला है. तीन साधुओं के साथ पुरुलिया में मारपीट के बाद सियासी तापमान बढ़ गया है. हालांकि पुलिस की थ्योरी कुछ और है लेकिन बीजेपी लगातार गिरती कानून व्यवस्था पर सवाल पूछ रही है. देखें दंगल.
पुरुलिया में दो कलाकारों की रहस्यमयी तरीके से डूबने से मौत हो गई. मृतकों की पहचान तोरंग गांव के रहने वाले निधिराम महतो (55) और करम चंद मूदि (56) के तौर पर हुई. गांव वालों का कहना है कि दोनों छउ कला के बेहतरीन कलाकरा थे. मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
पांच दिनों के विरोध प्रदर्शन के बाद कुर्मी समाज ने आज अपना आंदोलन रोक दिया है. पुरुलिया जिला प्रशासन के साथ कुर्मी नेता अजीत महतो ने बैठक की थी. इसके बाद विरोध प्रदर्शन रोक दिया गया. बीते पांच दिनों से पुरुलिया से निकलने वाली ट्रेनें रद्द चल रही थीं. इसका असर झारखंड में भी देखने को मिला था.
पश्चिम बंगाल के पुरूलिया में बीते महीने हुए जुदन महतो हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. इस वारदात को उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अंजाम दिया था. इसके बाद उसका प्रेमी झारखंड जाकर छिप गया. आरोपियों के पकड़े जाने पर कई हैरान कर देने वाली बातें सामने आई हैं.