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बंगाल में बड़े पैमाने पर सिक्योरिटी रिव्यू, अभिषेक बनर्जी समेत टीएमसी के कई नेताओं की सुरक्षा घटी

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार ने वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी समेत कई राजनीतिक नेताओं, पूर्व अधिकारियों और प्रमुख व्यक्तियों की सुरक्षा घटा दी है और उनके आवासों से पुलिस सुरक्षा हटा ली है.

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अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा में कटौती. (File photo)
अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा में कटौती. (File photo)

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नई बीजेपी सरकार ने रविवार को VIP सुरक्षा का रिव्यू कर ढांचागत बदलाव करते हुए तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी समेत कई हाई-प्रोफाइल नेताओं और पूर्व पुलिस अधिकारियों की वीआईपी सुरक्षा में भारी कटौती की है. इस प्रशासनिक समीक्षा के बाद गृह विभाग ने कल्याण बनर्जी, सुब्रत बख्शी, राजीव कुमार और अरूप बिस्वास जैसे कई वीआईपी के घरों के बाहर तैनात हाउस गार्ड्स को तुरंत वापस ले लिया है. 

अधिकारियों के अनुसार, ताजा थ्रेट परसेप्शन (खतरे का आकलन) की नई समीक्षा में पाया गया कि इन लोगों को अब अत्यधिक सुरक्षा की जरूरत नहीं है. हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट आदेश दिया है कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा में कोई कटौती नहीं होगी और उनकी सुरक्षा में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, राज्य में सरकार बदलने के ठीक बाद सुरक्षा समीक्षा प्रक्रिया शुरू की गई थी. इसके तहत सबसे पहले टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा को कम किया गया है. सरकार ने उनकी 'जेड-प्लस' (Z-Plus) कैटेगरी की सुरक्षा और विशेष पायलट कार की सुविधाओं को पूरी तरह बंद कर दिया है. इसके अलावा कालीघाट स्थित उनके आवास और कैमैक स्ट्रीट पर उनके ऑफिस कैंपस के बाहर तैनात पुलिस बल को भी वापस बुला लिया गया है.

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MP's और MLA's को मिलेगी केवल तय सुरक्षा

सरकार द्वारा जारी नई गाइडलाइन के मुताबिक, टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी और पूर्व पुलिस प्रमुख राजीव कुमार को अब केवल सांसद के रूप में मिलने वाली सुरक्षा ही दी जाएगी. पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास के पास वर्तमान में कोई मंत्री पद या विधायी पद नहीं होने के कारण उनकी पुरानी सुरक्षा हटा दी गई है. 

वहीं, बेलियाघाटा के विधायक कुणाल घोष को शारदा मामले में जमानत के बाद कोर्ट के निर्देश पर मिली अतिरिक्त सुरक्षा हटाकर अब केवल विधायक स्तर की सुरक्षा दी गई है.

पूर्व DGP और वकीलों की सुरक्षा भी घटी

सुरक्षा में कटौती की इस लिस्ट में पूर्व डीजीपी मनोज मालवीय, पूर्व कार्यवाहक डीजीपी पीयूष पांडे और टीएमसी के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने वाले एक प्रमुख अधिवक्ता का नाम भी शामिल है. पीयूष पांडे को अब केवल उनके वर्तमान पद के अनुसार ही सुरक्षा कवर मिलेगा. सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी व्यक्ति को उसकी वास्तविक जरूरत से ज्यादा सुरक्षा नहीं दी जानी चाहिए, इसलिए इन अतिरिक्त सुरक्षा बलों को वापस बुलाया गया है.

ममता बनर्जी की सुरक्षा रहेगी बरकरार

विभिन्न नेताओं की सुरक्षा में कटौती के बीच प्रशासन ने ये भी साफ किया है कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. कोलकाता पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि ममता बनर्जी के आवास, उनके दौरों और सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात रहने चाहिए. अधिकारियों ने कहा कि उनकी सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बिल्कुल भी सहन नहीं किया जाएगा.

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