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एक दिन CID, दूसरे दिन ED… TMC सांसद अभिषेक बनर्जी से आज फिर पूछताछ

TMC सांसद अभिषेक बनर्जी रविवार को शिक्षक भर्ती घोटाला जांच मामले में ED के सामने पेश होंगे. इससे एक दिन पहले CID ने उनसे सिग्नेचर फर्जीवाड़ा केस में 8 घंटे से ज्यादा पूछताछ की थी.

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फर्जी हस्ताक्षर केस में CID ने अभिषेक बनर्जी से 8 घंटे तक की थी पूछताछ. (Photo: PTI)
फर्जी हस्ताक्षर केस में CID ने अभिषेक बनर्जी से 8 घंटे तक की थी पूछताछ. (Photo: PTI)

तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में आज उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने पेश होना है. इससे ठीक एक दिन पहले, रविवार को फर्जी हस्ताक्षर वाले एक मामले में राज्य की CID ने उनसे 8 घंटे से ज्यादा समय तक कड़ी पूछताछ की थी. बैक-टू-बैक केंद्रीय और राज्य एजेंसियों की कार्रवाई के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.

अभिषेक बनर्जी रविवार को शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़ी जांच के सिलसिले में ED के सामने पेश होंगे. इससे एक दिन पहले शनिवार को कोलकाता में CID ने उनसे लंबी पूछताछ की थी. यह पूछताछ पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति से जुड़े कथित सिग्नेचर फर्जीवाड़ा मामले में हुई थी. सूत्रों के मुताबिक, CID अधिकारियों ने अभिषेक बनर्जी से कई सवाल पूछे और पूछताछ आठ घंटे से ज्यादा चली.

बताया जा रहा है कि शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच में भी ED कुछ अहम बिंदुओं पर जवाब चाहती है. हालांकि एजेंसी की तरफ से आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई है. ऐसे में सबकी नजर इस बात पर बनी हुई है कि पूछताछ में क्या नया सामने आता है. अभिषेक बनर्जी पर हो रही इस कार्रवाई को लेकर बंगाल के मंत्री दिलीप घोष का एक बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उन्हें बार-बार जांच एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. वह पहले भी जा चुके हैं, अब सीआईडी उन्हें बुला रही है तो ईडी भी लगातार नोटिस भेज रही है. घोष के इस बयान ने इस पूरे मामले को राजनीतिक रूप से और गरमा दिया है.

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इस बीच, बंगाल की सियासत में एक और बड़ी हलचल TMC के बागी सांसदों को लेकर देखने को मिल रही है. दरअसल, TMC के कुछ नाराज सांसदों ने हाल ही में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की. इस मुलाकात पर टिप्पणी करते हुए दिलीप घोष ने कहा कि कोई भी सांसद स्पीकर से मिलकर अपनी बात रख सकता है. हालांकि, उन्हें इस बातचीत के असली मकसद या पूरी डिटेल की जानकारी नहीं है, लेकिन यह सच है कि इस वक्त पर्दे के पीछे बहुत कुछ चल रहा है. दिलीप घोष ने कहा कि बागी सांसदों की लिखित मांग की जांच के बाद स्पीकर फैसला लेंगे. उन्होंने दावा किया कि अगर उन्हें अलग पार्टी की मान्यता मिलती है तो संसद में अलग बैठने का अधिकार होगा, साथ ही TMC पर निशाना साधते हुए कहा कि कई लोग पार्टी छोड़ना चाहते हैं.

फिलहाल, पश्चिम बंगाल में चल रही राजनीतिक खींचतान के बीच अभिषेक बनर्जी की लगातार पूछताछ ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि ED की पूछताछ के बाद इस मामले में आगे क्या मोड़ आता है.
 

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