पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को ममता बनर्जी की पिछली सरकार पर आरोप लगाया कि एक बिजनेस कॉन्क्लेव आयोजित करने के लिए फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) को 324 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान किया गया था. उन्होंने यह भी इशारा किया कि यह पेमेंट तय नियमों का उल्लंघन करते हुए की गई थी.
विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान, शुभेंदु ने अपने आरोपों के समर्थन में सरकारी फाइलें भी दिखाईं.
मुख्यमंत्री ने विपक्ष की तरफ देखते हुए कहा, "क्या आप देखना चाहते हैं कि आपकी नेता ने क्या किया है? आप BGBS की इतनी तारीफ करते हैं. FICCI को 324.73 करोड़ रुपये दिए गए थे."
क्या है पूरा मामला?
साल 2015 में शुरू किया गया 'बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट' (BGBS), राज्य में घरेलू और विदेशी निवेश लाने के लिए ममता बनर्जी की अहम पहलों में से एक था. इस समिट के अलग-अलग संस्करणों में कई देशों के बड़े उद्योगपति, राजनयिक और बिजनेस डेलिगेशन शामिल हुए.
शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट का आयोजन सरकार ने किया था. पूर्व वित्त मंत्री... आपकी पूर्व मुख्यमंत्री ने सीधे FICCI को 324.73 करोड़ रुपये दिए. यह पैसा कैसे दिया गया?"
शुभेंदु अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर वाले दस्तावेज भी दिखाए और दावा किया कि कथित अनियमितताएं एक बहुत बड़े मामले का सिर्फ एक छोटा सा हिस्सा हैं. उन्होंने कहा, "यह तो बस हिमशैल का सिरा यानी समस्या का बहुत छोटा हिस्सा है."
सीएम शुभेंदु ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने एक साल के लिए FICCI को सीधे 324.73 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए और भुगतान के तरीके पर सवाल उठाए.
हालांकि, मुख्यमंत्री ने उस साल का जिक्र नहीं किया, जिस दौरान यह कथित भुगतान किया गया था.
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FICCI ने क्या कहा?
बंगाल सरकार के आरोपों का जवाब देते हुए, FICCI ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने उसे 'बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट' के सात संस्करणों- 2016, 2017, 2018, 2019, 2022, 2023 और 2025 के लिए 'नेशनल इंडस्ट्री पार्टनर' के तौर पर चुना था.
इंडस्ट्री चैंबर ने कहा कि इन सात संस्करणों के दौरान, उसने इवेंट से जुड़े मैनपावर और ऑर्गनाइजेशनल खर्चों के लिए पश्चिम बंगाल इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (WBIDC) से कुल मिलाकर करीब 16 करोड़ रुपये की मैनेजमेंट फीस मिली.