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बंगाल: तालाब में कूदे, सब छोड़कर भागे... फलता में जहांगीर खान के समर्थकों पर लाठीचार्ज, Video

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में जहांगीर खान की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन हुआ. सड़क जाम कर रहे लोगों पर पुलिस और केंद्रीय बलों ने लाठीचार्ज किया, जिससे बचने के लिए कई लोग तालाब में कूद गए.

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दक्षिण 24 परगना में जहांगीर खान की रिहाई के लिए प्रदर्शन. (Photo: ITG)
दक्षिण 24 परगना में जहांगीर खान की रिहाई के लिए प्रदर्शन. (Photo: ITG)

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में जहांगीर खान की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन हुआ. फलता इलाके में सड़क जाम कर विरोध कर रहे लोगों पर पुलिस और केंद्रीय बलों ने लाठीचार्ज किया. हालात ऐसे बने कि कार्रवाई से बचने के लिए कई प्रदर्शनकारी पास के तालाब में कूद गए.

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जहांगीर खान को कमर में रस्सी बांधकर सड़कों पर नहीं घुमाया जा सकता. इसी नाराजगी में स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए. मल्लिकपुर के मामूदपुर, नौपुकुरिया और बोनहोगला इलाकों में भीड़ ने रास्ता पूरी तरह जाम कर दिया. जाम की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षाबल मौके पर पहुंचे. बोनहोगला इलाके में पुलिस ने भीड़ को हटाने की कोशिश की. प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे, तो सुरक्षाबलों ने लाठीचार्ज कर दिया.

बचने के लिए लगाई छलांग

लाठीचार्ज होते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई. पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए लोग इधर-उधर भागने लगे. खुद की जान बचाने के लिए कई प्रदर्शनकारियों ने पास के तालाब में छलांग लगा दी. फिलहाल पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात है और हालात पर नजर रखी जा रही है.

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बता दें कि फलता इलाके में जहांगीर खान का अच्छा-खासा दबदबा रहा है. चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने खुद को फिल्म ‘पुष्पा’ के किरदार की तरह पेश किया था. वे कई बार फिल्म का मशहूर डायलॉग ‘पुष्पा झुकेगा नहीं साला’ भी बोलते थे. वे खुद को इलाके का ऐसा मजबूत नेता बताते थे, जो किसी के सामने नहीं झुकेगा.

जहांगीर खान ने साल 2026 का विधानसभा चुनाव तृणमूल कांग्रेस (TMC) के टिकट पर फलता सीट से लड़ा था. इस चुनाव के दौरान उन पर वोटरों को डराने, ईवीएम (EVM) में गड़बड़ी करने और हिंसा फैलाने के गंभीर आरोप लगे. चुनाव में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद यहां 21 मई को दोबारा वोटिंग तय हुई, लेकिन इस दोबारा चुनाव से ठीक 48 घंटे पहले जहांगीर ने मैदान छोड़ दिया और अपना नाम वापस ले लिया.

24 मई को आए नतीजों में जहांगीर की हार हुई, जिसके बाद से ही वे गायब हो गए थे. फलता थाने में उनके खिलाफ जबरन वसूली समेत कई एफआईआर दर्ज हैं. गिरफ्तारी से बचने के लिए जहांगीर ने कलकत्ता हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका भी लगाई थी, लेकिन वहां से राहत नहीं मिली. इसके बाद वे देश छोड़कर नेपाल भागने की फिराक में थे, तभी 8 जून को पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने उन्हें नेपाल बॉर्डर के पास से दबोच लिया.

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फिलहाल मंगलवार को हुए इस बवाल के बाद पूरे फलता और बोनहोगला इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है. हालात पूरी तरह काबू में रहें, इसके लिए पुलिस और केंद्रीय बल लगातार गश्त कर रहे हैं.

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