बुंदेलखंड में किसानों की समस्याओं को लेकर विशाल किसान महापंचायत का आयोजन किया गया. इसमें किसान नेता राकेश टिकैत ने क्षेत्र की बदहाली और प्राकृतिक आपदाओं से बर्बाद हुई फसलों का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि ओलावृष्टि और जलभराव के कारण किसानों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं, लेकिन उन्हें कोई सरकारी सहायता नहीं मिल रही है. सरकार ने साल 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, जो सिर्फ एक चुनावी जुमला साबित हुआ. आय दोगुनी होने के बजाय किसानों पर कर्ज का बोझ चार गुना बढ़ गया है.