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वाराणसी: 20 हजार रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़े गए दारोगा शिवाकर मिश्रा और सिपाही गौरव द्विवेदी, मुकदमे से नाम हटाने की एवज में की थी डील

वाराणसी की एंटी करप्शन टीम ने दहेज मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाने के नाम पर 20 हजार रुपये घूस लेते चौकी इंचार्ज शिवाकर मिश्रा और सिपाही गौरव को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. डीसीपी काशी जोन ने दोनों को निलंबित कर दिया है. इधर, दरोगा की पत्नी ने वीडियो जारी कर उन्हें बेगुनाह बताया है.

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वाराणसी में घूस लेने वाले दारोगा और सिपाही गिरफ्तार (Photo- ITG)
वाराणसी में घूस लेने वाले दारोगा और सिपाही गिरफ्तार (Photo- ITG)

वाराणसी में एंटी करप्शन टीम ने एक दारोगा और एक सिपाही को 20 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी की कार्रवाई सिगरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली काशी विद्यापीठ चौकी के इंचार्ज शिवाकर मिश्रा और सिपाही गौरव कुमार द्विवेदी पर की गई है. आरोप है कि दोनों ने ही दहेज उत्पीड़न के मामले में दर्ज एक मुकदमे से आरोपियों के नाम निकालने के एवज में घूस ली थी. 

फिलहाल, एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई के बाद डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने दोनों ही आरोपियों को निलंबित कर दिया. वहीं, सब इंस्पेक्टर शिवाकर की पत्नी ने अपने पति की बेगुनाही और उसे फंसाए जाने को लेकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है. उसने न्याय की मांग की है.

आपको बता दें कि बीते दिन विद्यापीठ विश्वविद्यालय के अंदर पुलिस चौकी पर उस समय अफरातफरी मच गई जब मौके पर पहुंची एंटी करप्शन टीम ने सब इंस्पेक्टर शिवाकर मिश्रा और सिपाही गौरव कुमार द्विवेदी को ₹20000 घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. दरअसल, चंदौली के अलीनगर थाना क्षेत्र के मुगलचक निवासी प्रहलाद गुप्ता ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी कि उनकी पत्नी ममता गुप्ता ने सिगरा थाने में दहेज उत्पीड़न मारपीट समेत अन्य आरोपों में प्राथमिक की दर्ज कराई है. जिसकी विवेचना विद्यापीठ चौकी इंचार्ज शिवाकर मिश्रा के पास है और चौकी इंचार्ज मुकदमे से नाम निकालने और फाइनल रिपोर्ट लगाने के एवज में ₹100000 की मांग की है. इसके लिए वो लगातार धमकी भी दे रहा है कि अगर पैसे नहीं दिए तो और भी धारा लगाकर जेल भेज दिया जाएगा. 

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इसके बाद किसी तरह ₹50000 घूस देना तय हुआ. इसकी पहली किस्त ₹20000 लेकर प्रहलाद पुलिस चौकी पहुंचा था. फोन पर हुई बातचीत में चौकी इंचार्ज ने चौकी पर मौजूद सिपाही गौरव कुमार द्विवेदी को ₹20000 देने की बात कही. इसके बाद एंटी करप्शन टीम की तरफ से चौकी इंचार्ज शिवाकर मिश्रा और सिपाही गौरव कुमार द्विवेदी को गिरफ्तार कर लिया गया. मौके से रिश्वत वाले 20 हजार रुपये भी बरामद किए गए.

बताया जाता है कि आरोपी सब इंस्पेक्टर शिवाकर मिश्रा यूपी के बस्ती जिले का 2019 बैच का दारोगा है, वहीं सिपाही गौरव द्विवेदी मूल रूप से गोरखपुर का निवासी है. इसकी भर्ती 2020 में हुई थी. 

इन सबके बीच आरोपी चौकी इंचार्ज शिवाकर मिश्रा की पत्नी की ओर से एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करके एंटी करप्शन टीम पर ही आरोप लगाया गया है कि टीम के सदस्य ने दबाव बनाकर उनके पति से झूठी रिपोर्ट लगाने के लिए कहा था. ऐसा न करने पर फंसाने की धमकी भी दी थी. इसलिए वाराणसी पुलिस कमिश्नर मामले में न्याय करें, क्योंकि उसके पति को फंसाया जा रहा है.

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