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दिव्यांग बनकर परीक्षा में बैठा सॉल्वर, लाखों में हुई थी डील, UP STF ने 4 को दबोचा

यूपी STF ने कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र में ऑनलाइन परीक्षा में नकल कराने वाले सॉल्वर गैंग का खुलासा किया है. टीम ने परीक्षा केंद्र से दो सॉल्वर और दो अभ्यर्थियों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया. आरोप है कि गैंग दिव्यांगों के फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर उनके सहायक के नाम पर सॉल्वर बैठाता था. परीक्षा पास कराने के लिए लाखों रुपये लिए जाते थे.

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दो सॉल्वर, दो अभ्यर्थियों के साथ गिरफ्तार. (Photo: Santosh Sharma/ITG)
दो सॉल्वर, दो अभ्यर्थियों के साथ गिरफ्तार. (Photo: Santosh Sharma/ITG)

यूपी एसटीएफ ने कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र में ऑनलाइन परीक्षा के दौरान सॉल्वर गैंग का खुलासा करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपियों में दो सॉल्वर और दो अभ्यर्थी शामिल हैं. यह गैंग दिव्यांग अभ्यर्थियों की मदद के नाम पर परीक्षा में सॉल्वर बैठाकर उन्हें परीक्षा पास कराने का काम करता था. मामला सहभागी और सहकारी क्षेत्र के बैंक में PO और मैनेजर भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा से जुड़ा है. यूपी एसटीएफ ने कानपुर के परीक्षा केंद्र पर कार्रवाई करते हुए बिहार से आए दो सॉल्वर और दो अभ्यर्थियों को पकड़ा. एसटीएफ अब इस गैंग के सरगना और उसके मददगार की तलाश में जुटी है.

जांच के मुताबिक, गैंग पहले अभ्यर्थी को दिव्यांग दिखाने के लिए फर्जी प्रमाण पत्र का इस्तेमाल करता था. इसके बाद परीक्षा में दिव्यांग अभ्यर्थी के सहायक के तौर पर सॉल्वर को बैठाया जाता था. इस तरह अभ्यर्थी की जगह पेशेवर सॉल्वर परीक्षा देता था और उसे पास कराने के लिए लाखों रुपये लिए जाते थे. गैंग दिव्यांग अभ्यर्थियों को परीक्षा में मदद देने के नाम पर यह पूरा खेल करता था. PWD यानी Persons with Disabilities के तहत परीक्षा में दिव्यांग अभ्यर्थी को सहायक की सुविधा मिलती है. इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर गैंग पेशेवर सॉल्वर को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाता था.

PO और मैनेजर भर्ती परीक्षा के दौरान हुई कार्रवाई

एसटीएफ के मुताबिक, फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए पहले अभ्यर्थी को दिव्यांग बताया जाता था. इसके बाद उसी आधार पर परीक्षा में सहायक के रूप में सॉल्वर को बैठाया जाता था. सॉल्वर अभ्यर्थी की ओर से परीक्षा देता था और इसके बदले गैंग लाखों रुपये की रकम लेता था. यूपी एसटीएफ ने कार्रवाई के दौरान चार आरोपियों को पकड़ा है. इनमें कानपुर के रहने वाले अवनीश यादव और अंकित सचान शामिल हैं. दोनों अभ्यर्थी बताए जा रहे हैं. वहीं सॉल्वर बनकर परीक्षा देने के लिए बिहार से आए आशीष कुमार और राहुल कुमार सिन्हा को भी गिरफ्तार किया गया है.

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आशीष कुमार मधुबनी, बिहार का रहने वाला है. वहीं राहुल कुमार सिन्हा शेखपुरा सराय, बिहार का रहने वाला बताया गया है. दोनों परीक्षा केंद्र पर सॉल्वर के रूप में पहुंचे थे. एसटीएफ ने परीक्षा के दौरान ही दोनों को पकड़ लिया. जांच में गैंग के संचालन की जानकारी भी सामने आई है. बताया गया है कि इस गैंग को झांसी का मनीष कुमार मिश्रा और बिहार का राजू गुप्ता चला रहे थे. संतकबीर नगर का मूल निवासी मनीष कुमार मिश्रा वर्तमान में झांसी की सेंट फ्रांसिस कॉलोनी में रहता है.

पुलिस ने मनीष और राजू की तलाश तेज की

एसटीएफ ने अब मनीष कुमार मिश्रा और राजू गुप्ता की तलाश तेज कर दी है. दोनों की भूमिका इस पूरे नेटवर्क को चलाने में बताई जा रही है. एसटीएफ यह पता लगाने में जुटी है कि इस गैंग से और कितने लोग जुड़े हुए हैं. फिलहाल यूपी एसटीएफ ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इनमें दो अभ्यर्थी और दो सॉल्वर शामिल हैं. वहीं गैंग के बताए जा रहे सरगना मनीष कुमार मिश्रा और राजू गुप्ता की तलाश की जा रही है. एसटीएफ की कार्रवाई के बाद ऑनलाइन परीक्षा में फर्जी तरीके से अभ्यर्थियों को पास कराने वाले इस नेटवर्क की जांच आगे बढ़ रही है.
 

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