यूपी में बीजेपी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में क्लीन स्वीप का टार्गेट रखा है. इसे पूरा करने के लिए बूथ स्तर तक पार्टी की पकड़ मजबूत करने को निर्वाचित कार्यकर्ताओं से संबंधित करीब 1.75 लाख व्हाट्सएप ग्रुप बनाए जाएंगे. इन ग्रुप के जरिए पार्टी अपना पूरा प्रचार डिजिटल तरीके से करेगी. इसके अलावा पार्टी करीब डेढ़ लाख सिम भी बांटेगी, जो प्रदेश भर के बूथ अध्यक्षों को दिए जाएंगे.
पार्टी ने बूथ स्तर पर प्रचार शुरू कर दिया है. यह भी तय किया गया है कि प्रदेश अध्यक्ष या राष्ट्रीय अध्यक्ष जब चाहें किसी भी बूथ अध्यक्ष से सीधे संपर्क कर सकेंगे. प्रदेश अध्यक्ष के स्तर से लेकर बूथ अध्यक्ष तक कोई सूचना पहुंचाने में चंद मिनट ही लगेंगे. इससे पार्टी के अभियान का आधार सुनिश्चित होगा और बूथ स्तर पर मतदाताओं को जोड़ने में मदद मिलेगी.
हर कमेटी अध्यक्ष को दिए जाएंगे सिम कार्ड
तय रणनीति के तहत बीजेपी सभी बूथों पर अपनी कमेटी बना रही है. इस कमेटी में कम से कम 11 सदस्य होंगे. इसका एक अध्यक्ष होगा. उन्हें ही सिम दिया जाएगा. इसी नंबर के आधार पर बूथ अध्यक्ष व्हाट्सएप ग्रुप बनाएगा. इस ग्रुप में करीब 100 सदस्य होंगे.
इस अभियान में सभी पन्ना प्रमुख, बूथ समिति सदस्य और विस्तारक शामिल होंगे, जिसमें बोर्ड अध्यक्ष भी इस ग्रुप के सदस्य होंगे. इस तरह करीब 1.75 लाख ग्रुप बनाए जाएंगे, जिससे लोकसभा चुनाव का पूरा प्रचार डिजिटल तरीके से होगा और व्यापक कवरेज जोड़ने वाले अभियान पर फोकस रहेगा. यह काम 31 मार्च 2023 तक पूरा कर लिया जाएगा.
व्हाट्सएप ग्रुप बनेंगे जीत का आधार: राकेश त्रिपाठी
बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा, 'हमारी पार्टी टेक्नोलॉजी के साथ खड़ी है. ये व्हाट्सएप ग्रुप लोकसभा चुनाव में हमारी जीत का आधार बनेंगे. हम सोशल मीडिया के जरिए लगातार कार्यकर्ताओं को जोड़ रहे हैं. इस बार भी कुछ ऐसा ही किया जा रहा है. पार्टी इसी तरह के कुछ और बड़े अभियान चलाएगी और कार्यकर्ताओं से प्रतिक्रिया लेंगे. इसके लिए व्यापक स्तर पर संदेश पहुंचाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद ली जाएगी.
बीजेपी ने निकाय चुनाव की भी तैयारी शुरू की
दूसरी ओर, बीजेपी ने लोकसभा चुनाव की तैयारियों के साथ ही नगर निकाय चुनाव की तैयारी भी शुरू कर दी है. इसके लिए 18 मार्च के बाद बीजेपी निकायों के हर बूथ पर बूथ सम्मेलन होगा. सूत्रों के अनुसार बताया गया कि बीजेपी 27 मार्च से युवा सम्मेलन शुरू करेगी. केंद्र और यूपी सरकार के मंत्री स्थानीय निकायों में होने वाले बौद्धिक सम्मेलन की कमान संभालेंगे और पार्टी के लिए बूथ मजबूत करने का काम किया जाएगा.