उत्तर प्रदेश के कानपुर में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक और भ्रामक पोस्ट करने के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बयान दिया है.
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मैं पिछले दिनों देख रहा था कि अखिलेश यादव की बेटी के खिलाफ कुछ लोगों ने गलत टिप्पणियां की थी. ये जैसे ही मेरे संज्ञान में आया. मैंने तत्काल पुलिस से कहा कि इसमें एफआईआर दर्ज कराओ. बेटी के खिलाफ कोई भी अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं होनी चाहिए. बेटी तो बेटी होती है और हम तो संस्कार में भले बसे हैं, जहां कहा जाता है कि गांव की बेटी सब की बेटी, गांव की बहन सबकी बहन. हमने तो कोई भेदभाव नहीं किया लेकिन अखिलेश जी दूसरों को उपदेश देते हो. अपने चेले-चपाटों को भी थोड़ा उपदेश दे दो कि अपनी भाषा पर संयम रखें.
उन्होंने कहा कि हम बेटियों में भेदभाव नहीं रखते. कोई भी बेटियों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी नहीं कर सकता. आज मुझे बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि हमने राज्य में बेटियो के जन्म लेने से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए हमने व्यवस्था दी है.
सीएम योगी ने कहा कि अखिलेश जी दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले अपने चेले-चपाटों को भी समझा दो. अगर नहीं समझा सकते तो उन्हें हमारे हवाले कर दो. हम समझा देंगे.
बता दें कि अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक और भ्रामक पोस्ट करने के मामले में कानपुर के साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को नामजद करते हुए जांच शुरू कर दी है.
एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रवीण यादव ने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया पर गलत जानकारी साझा कर अदिति यादव की छवि खराब करने का प्रयास किया गया. मामले में तीन लोगों को नामजद किया गया है.
शिकायत के अनुसार, 9 जून को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें भारत कुमार पटेल नाम की आईडी से कथित रूप से भ्रामक और आपत्तिजनक सामग्री साझा की गई थी.
आरोप है कि पोस्ट में अदिति यादव के खिलाफ चोरी और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े गलत दावे किए गए थे. साथ ही एक फोटो को एडिट कर प्रसारित किया गया, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा. शिकायतकर्ता का कहना है कि यह पोस्ट पूरी तरह फर्जी तथ्यों पर आधारित थी और इसका उद्देश्य सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना था.