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CA बनकर बिछाया ठगी का जाल, 59 लोगों से 3.74 करोड़ की ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के भिलाई में शेयर ट्रेडिंग और फॉरेक्स निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी योगेश साहू को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. आरोपी खुद को चार्टर्ड अकाउंटेंट बताकर हर महीने 10 फीसदी मुनाफे और रकम दोगुनी करने का लालच देता था. पुलिस अब उसके फरार साथियों की तलाश में जुटी है.

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एरिना कैपिटल के जरिए बिछाया ठगी का जाल.(Photo: Raghunandan Panda/ITG)
एरिना कैपिटल के जरिए बिछाया ठगी का जाल.(Photo: Raghunandan Panda/ITG)

छत्तीसगढ़ के भिलाई में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. आरोपी ने खुद को चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) बताकर लोगों का भरोसा जीता. इसके बाद हर महीने 10 प्रतिशत मुनाफा देने के साथ निवेश की रकम दोगुनी करने का झांसा दिया. इस लालच में 59 लोगों ने करोड़ों रुपये निवेश कर दिए, लेकिन बाद में न मुनाफा मिला और न ही मूलधन वापस मिला.

सुपेला थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी योगेश साहू को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया. पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ वर्ष 2025 में सुपेला और स्मृति नगर थाने में अलग-अलग मामले दर्ज हुए थे. दोनों मामलों में उसे हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी थी.

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इसी दौरान आरोपी अपने वकील के साथ कोर्ट पहुंचा था. कोर्ट में उसके पहुंचने की जानकारी जैसे ही निवेशकों को मिली, बड़ी संख्या में पीड़ित वहां पहुंच गए और उसे पकड़कर सुपेला पुलिस के हवाले कर दिया. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.

एरिना कैपिटल के जरिए बिछाया ठगी का जाल

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पुलिस ने रिटायर्ड भिलाई स्टील प्लांट (BSP) कर्मचारी राजू नामदेव की शिकायत पर योगेश साहू, उसकी पत्नी मेघा, गौरव सनन और उसकी पत्नी निशा सनन के खिलाफ केस दर्ज किया है. इनमें से तीन आरोपी अभी भी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है.

शिकायत के मुताबिक, योगेश साहू ने 'एरिना कैपिटल' नाम से कंपनी बनाई थी. इसके जरिए उसने शेयर ट्रेडिंग और फॉरेक्स निवेश में मोटे मुनाफे का सपना दिखाकर लोगों से निवेश कराया. आरोपी खुद को चार्टर्ड अकाउंटेंट बताता था, जिससे लोगों का उस पर आसानी से भरोसा हो जाता था.

राजू नामदेव ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2025 में एक दोस्त के जरिए उनकी पहचान योगेश साहू से हुई थी. आरोपी ने उन्हें ऐसा निवेश प्लान बताया, जिसमें हर महीने 10 प्रतिशत तक लाभ और कुछ समय में रकम दोगुनी होने का दावा किया गया. भरोसा बढ़ाने के लिए उसने कई निवेशकों के कथित बैंक स्टेटमेंट भी दिखाए, जिन्हें जांच में भ्रामक और फर्जी बताया जा रहा है.

15 लाख से शुरू हुआ निवेश, फिर करोड़ों की ठगी

राजू नामदेव ने 21 मार्च 2025 को अपने बैंक खाते से 15 लाख रुपये 'योग अकाउंटिंग एंड फाइनेंशियल सर्विस' के खाते में ट्रांसफर किए. शुरुआत में आरोपी ने कुछ समय तक भरोसा बनाए रखा, लेकिन बाद के 9 से 10 महीनों में न तो किसी निवेशक को मुनाफा मिला और न ही उनकी जमा राशि लौटाई गई.

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जांच में सामने आया कि आरोपी योगेश साहू ने शादाब सिद्दीकी से करीब 1.61 करोड़ रुपये, इंद्रेश कुमार बांगरेड़ से 1.12 करोड़ रुपये, विद्यानंद चंद्र दत्ता और अंकित दत्ता से 23 लाख रुपये, जबकि अरुण कुमार और प्रज्ञा दुबे से 63 लाख रुपये लिए. इस तरह कुल 59 निवेशकों से शेयर ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर 3 करोड़ 74 लाख रुपये से अधिक की ठगी की गई.

पीड़ितों का आरोप है कि यह मामला केवल 3.74 करोड़ रुपये तक सीमित नहीं है. उनका दावा है कि योगेश साहू और उसके साथियों ने आसपास के जिलों और दो अन्य राज्यों के एक हजार से अधिक निवेशकों को भी इसी तरह फंसाया है. शिकायतकर्ताओं के मुताबिक कुल ठगी का आंकड़ा 500 करोड़ रुपये से भी अधिक हो सकता है. पुलिस इन दावों की भी जांच कर रही है.

विदेश भाग गया था आरोपी, पुलिस ने बताई पूरी कार्रवाई

भिलाई नगर पुलिस अधीक्षक सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि सुपेला थाना में भिलाई स्टील प्लांट के सेवानिवृत्त कर्मचारी राजू नामदेव ने लिखित शिकायत पर मामला दर्ज किया गया. शिकायत में आरोप लगाया गया कि योगेश साहू स्मृति नगर में कार्यालय संचालित करता था और खुद को CA बताकर शेयर ट्रेडिंग और फॉरेक्स में निवेश कराने के नाम पर करोड़ों रुपये जमा कराता था.

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एसपी के मुताबिक, निवेशकों से कुल 3 करोड़ 74 लाख रुपये निवेश कराए गए, लेकिन न तो उन्हें लाभांश दिया गया और न ही मूलधन लौटाया गया. पुलिस के अनुसार आरोपी कुछ समय के लिए विदेश भी चला गया था. शिकायत मिलने के बाद उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 318(2) और 61(2) के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया.

पुलिस ने बताया कि योगेश साहू के अलावा उसके अन्य साथियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. उनके खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. आरोपी जमानत की प्रक्रिया के सिलसिले में कोर्ट आया था. इसकी जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में निवेशक वहां पहुंच गए और उसे घेरने की कोशिश की. हालात को देखते हुए पुलिस ने आरोपी को सुरक्षा में लिया, कानूनी कार्रवाई पूरी की और उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. फरार आरोपियों की तलाश जारी है.

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