उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में संपत्ति हड़पने के विवाद में सौतेले बेटे ने अपनी मां और पत्नी के साथ मिलकर पिता की बेरहमी से हत्या कर दी. जिसके बाद पुलिस ने मुठभेड़ में मुख्य आरोपी को दबोचकर मृतक के सिर की तलाश शुरू की है. आइये जानते हैं पूरी कहानी...
दरअसल, सिखेड़ा पुलिस और एसओजी टीम ने बुधवार रात मुठभेड़ के दौरान अगवा किए गए विकसित उर्फ रॉकी की हत्या के आरोपी और उसके सौतेले बेटे बादल को जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया. यह मुठभेड़ भोपा रोड के पास असद नगर भंडूर मार्ग पर चेकिंग के दौरान हुई जब आरोपी अपनी मां के साथ काली स्कॉर्पियो से भागने की फिराक में था. जायदाद हड़पने के डर से सौतेले बेटे ने अपनी मां, पत्नी और दो दोस्तों के साथ मिलकर 16 दिन पूर्व रॉकी की गोली मारकर हत्या कर दी थी और साक्ष्य मिटाने के लिए गर्दन काटकर गंगनहर में फेंक दी थी.
एनकाउंटर में दबोचा गया मुख्य आरोपी
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रॉकी हत्याकांड का मुख्य आरोपी बादल अपनी मां रेणु के साथ भोपा की तरफ भागने की फिराक में है. संयुक्त पुलिस टीम ने नाकेबंदी कर जब एक संदिग्ध काली स्कॉर्पियो को टॉर्च की रोशनी से रुकने का इशारा किया, तो आरोपियों ने गाड़ी कच्चे रास्ते पर दौड़ा दी. खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस पर जान से मारने की नीयत से सीधे फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश बादल के दोनों पैरों में गोली लग गई और वह वहीं गिर पड़ा.
अंधेरे का फायदा उठाकर भागी मां
इस मुठभेड़ के दौरान कार में मौजूद मृतक रॉकी की पत्नी और आरोपी की मां रेणु रात के घने अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भागने में कामयाब रही. पुलिस बल उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार जंगलों और संभावित ठिकानों पर कांबिंग कर रहा है. घायल अवस्था में पकड़े गए अभियुक्त बादल के पास से पुलिस को एक 315 बोर का तमंचा, जिंदा व खोखा कारतूस, वारदात में इस्तेमाल स्कॉर्पियो कार और एक बैग मिला है, जिसमें मृतक के कपड़े और कुछ बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज मौजूद थे.
जायदाद के चक्कर में खूनी साजिश
पूछताछ में सामने आया कि बादल अपने सौतेले पिता विकसित उर्फ रॉकी को बिल्कुल पसंद नहीं करता था. उसे लगातार यह डर सता रहा था कि रॉकी उसकी पूरी पारिवारिक जायदाद हड़प लेगा. इसी खौफ और लालच में आकर बादल ने अपनी मां रेणु, अपनी पत्नी और दो दोस्तों के साथ मिलकर रॉकी की हत्या की खूनी साजिश रची. उन्होंने 18 तारीख को रॉकी का अपहरण किया और बड़ौत ले जाकर उसकी हत्या कर दी. साक्ष्य मिटाने के लिए धड़ को खेत में गाड़ दिया और सिर अलग कर दिया.
सिर की तलाश में आधी रात 'टॉर्च अभियान'
पुलिस दो दिन पहले एक अन्य आरोपी मोंटी त्यागी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर कादीपुर गांव के एक खेत से जेसीबी द्वारा गड्ढा खुदवाकर रॉकी का धड़ बरामद कर चुकी थी. बुधवार रात बादल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे लेकर जौली रोड स्थित गंगनहर पटरी पर पहुंची, जहां उसने सिर फेंकने की बात कबूली. रात का घने अंधेरा होने के कारण पुलिस अधिकारियों और जवानों ने गंगनहर के आसपास 'टॉर्च अभियान' चलाकर सिर की तलाश शुरू की. हालांकि, रात में सफलता नहीं मिल सकी, लेकिन तलाश जारी है.