उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के युवा भाला फेंक खिलाड़ी रोहित यादव की ऐतिहासिक उपलब्धि अब राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गई है. 25 वर्षीय रोहित यादव के विश्व रैंकिंग में दूसरे स्थान पर पहुंचने और राष्ट्रीय चैंपियन बनने के बाद समाजवादी पार्टी की दो युवा महिला जनप्रतिनिधि मछलीशहर लोकसभा सीट से सांसद प्रिया सरोज और मछलीशहर विधानसभा से विधायक डॉ. रागिनी सोनकर अलग-अलग उनके गांव पहुंचीं और परिवार से मुलाकात कर शुभकामनाएं दीं. दोनों नेताओं ने सोशल मीडिया पर फोटो शेयर कर रोहित की सफलता को पूरे देश और उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बताया.
रोहित यादव ने हाल ही में भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में आयोजित 65वीं नेशनल इंटर स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 87.05 मीटर का शानदार थ्रो कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया. इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने देश के स्टार एथलीट और दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा को पीछे छोड़ते हुए भारत के नंबर-1 और विश्व के नंबर-2 जैवलिन थ्रोअर बनने का गौरव हासिल किया.
गांव अदारी पहुंचीं विधायक रागिनी सोनकर
मछलीशहर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम अदारी निवासी रोहित यादव की इस उपलब्धि पर विधायक डॉ. रागिनी सोनकर उनके घर पहुंचीं. उन्होंने रोहित के परिजनों से मुलाकात कर बधाई दी और कहा कि यह केवल एक खिलाड़ी की सफलता नहीं, बल्कि पूरे जौनपुर, उत्तर प्रदेश और देश के लिए गौरव का विषय है. रागिनी सोनकर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ग्राम अदारी के गौरव और युवा प्रतिभा रोहित यादव ने विश्व के नंबर-2 जैवलिन थ्रोअर बनकर इतिहास रच दिया है. उन्होंने कहा कि रोहित की अथक मेहनत, अनुशासन, संघर्ष और समर्पण देश के युवाओं के लिए प्रेरणा है. उन्हें विश्वास है कि आने वाले अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भी रोहित शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत का तिरंगा विश्व मंच पर और ऊंचा लहराएंगे. उन्होंने ईश्वर से रोहित के उत्तम स्वास्थ्य, उज्ज्वल भविष्य और निरंतर सफलता की कामना करते हुए परिवार को भी इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दीं.
सांसद प्रिया सरोज ने भी परिवार को दी बधाई
मछलीशहर लोकसभा सीट से सांसद प्रिया सरोज भी रोहित यादव के घर पहुंचीं. उन्होंने रोहित के माता-पिता से मुलाकात कर इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी. सांसद ने कहा कि किसी भी खिलाड़ी की सफलता के पीछे उसके परिवार का त्याग, संस्कार और लगातार मिला प्रोत्साहन सबसे बड़ी ताकत होता है. सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में प्रिया सरोज ने लिखा कि भारत के उभरते हुए भाला फेंक खिलाड़ी रोहित यादव ने अपने शानदार प्रदर्शन, अदम्य आत्मविश्वास और अथक परिश्रम के दम पर स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है. उन्होंने कहा कि रोहित की सफलता करोड़ों युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए कठिन परिश्रम करने की प्रेरणा देती है. सांसद ने ईश्वर से प्रार्थना की कि रोहित आगे भी इसी तरह नई-नई उपलब्धियां हासिल करते रहें और विश्व पटल पर भारत का नाम रोशन करते रहें.
जौनपुर के गांव से विश्व मंच तक का सफर
जौनपुर जिले के मछलीशहर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम अदारी के रहने वाले रोहित यादव का सफर संघर्ष और मेहनत की मिसाल माना जा रहा है. सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने लगातार अभ्यास जारी रखा और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई. अब वह केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के सबसे बड़े भाला फेंक खिलाड़ियों में शामिल हो चुके हैं. रोहित की सफलता ने यह साबित किया है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या आधुनिक सुविधाओं की मोहताज नहीं होती. अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो गांव का युवा भी विश्व मंच तक पहुंच सकता है.
87.05 मीटर के थ्रो ने बदल दी तस्वीर
भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में आयोजित 65वीं नेशनल इंटर स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के अंतिम दिन रोहित यादव ने 87.05 मीटर का भाला फेंककर स्वर्ण पदक अपने नाम किया. यह प्रदर्शन उनके करियर का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है. इस थ्रो के साथ उन्होंने न केवल राष्ट्रीय खिताब जीता बल्कि भारत के नंबर-1 जैवलिन थ्रोअर भी बन गए. इसी प्रदर्शन के आधार पर उन्होंने 2026 में जापान के नागोया में होने वाले 20वें एशियाई खेलों के लिए भी क्वालीफाई कर लिया.
नीरज चोपड़ा को पीछे छोड़ा
रोहित यादव की इस उपलब्धि की सबसे बड़ी चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि उन्होंने इस प्रदर्शन से भारत के दिग्गज खिलाड़ी और दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा को पीछे छोड़ दिया. राष्ट्रीय प्रतियोगिता में रोहित के 87.05 मीटर के थ्रो ने उन्हें देश का नया नंबर-1 खिलाड़ी बना दिया, जबकि नीरज चोपड़ा का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 85.69 मीटर रहा. इससे भारतीय जैवलिन में प्रतिस्पर्धा और भी मजबूत होती दिखाई दे रही है. खेल विशेषज्ञ मानते हैं कि रोहित और नीरज जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी भारत को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में और मजबूती देगी. रोहित यादव फिलहाल विश्व रैंकिंग में दूसरे स्थान पर पहुंच चुके हैं. पहले स्थान पर श्रीलंका के रुमेश थरंगा पाथिरागे हैं, जिन्होंने 92.62 मीटर का थ्रो किया है. वहीं भारतीय स्टार नीरज चोपड़ा चौथे स्थान पर हैं. विश्व रैंकिंग में इतनी कम उम्र में शीर्ष खिलाड़ियों के बीच जगह बनाना रोहित के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल माना जा रहा है.
खेल के साथ राजनीति में भी चर्चा
रोहित यादव की सफलता ने खेल जगत के साथ-साथ राजनीतिक हलकों में भी उत्साह पैदा किया है. खास बात यह रही कि समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज और विधायक रागिनी सोनकर दोनों अलग-अलग उनके घर पहुंचीं और परिवार का सम्मान किया. दोनों नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी रोहित की उपलब्धि को व्यापक रूप से साझा किया. स्थानीय नेताओं का मानना है कि खेल प्रतिभाओं को सम्मान देने की यह पहल सकारात्मक संदेश देती है. इससे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ता है और ग्रामीण क्षेत्रों में खेल संस्कृति को भी प्रोत्साहन मिलता है.
युवाओं के लिए प्रेरणा बने रोहित
आज रोहित यादव केवल एक सफल खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं जो छोटे शहरों और गांवों से निकलकर बड़े सपने देखते हैं. उनकी कहानी बताती है कि कठिन परिस्थितियां सफलता की राह में बाधा नहीं बनतीं, बल्कि मजबूत इरादे और लगातार मेहनत उन्हें अवसर में बदल देते हैं. जौनपुर का यह युवा अब एशियाई खेलों और आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत की उम्मीद बन चुका है. पूरे जिले को उम्मीद है कि रोहित आने वाले समय में विश्व स्तर पर और बड़ी उपलब्धियां हासिल करेंगे तथा देश का तिरंगा नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे.