लखनऊ मध्य कमान के रिजर्व सप्लाई डिपो के स्टोर हैंडलर सैनिक ने अपने ही सीनियर अफसर के नाम पर पत्नी और बच्चों के साथ टिकट बुक कर यात्रा की. नेपाल से सटे जिलों से इस संदिग्ध सैनिक के बैंक खातों में तीन सालों से लाखों रुपये भेजे जा रहे हैं. अपने ही सैनिक के धोखे का शिकार हुए लेफ्टिनेंट कर्नल मिथिलेश यादव की तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है.
आरोपी सैनिक को सेना से बर्खास्त कर दिया गया है. लखनऊ मध्य कमान के रिजर्व सप्लाई डिपो में स्टोर डिस्पैचर के पद पर तैनात प्रिंस कुमार अक्टूबर 2019 से फरवरी 2021 तक सेना के अफसरों के फ्लाइट और ट्रेन टिकट बुकिंग का काम करता था. अफसर की टिकट बुक करने के लिए उनकी आईडी का प्रयोग होता है.
प्रिंस कुमार ने ऐसे ही एक अफसर लेफ्टिनेंट कर्नल मिथिलेश यादव की आईडी पर अपना, अपनी पत्नी अर्चना, बेटे अयांश और दक्ष सिंह के 20 अप्रैल 2022 में लखनऊ से बेंगलुरु के और 21 अप्रैल 2022 को बेंगलुरु से लखनऊ के इंडिगो एयरलाइंस के टिकट बुक करवाए थे.
बैंक खातों की जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे
इस मामले में सेना ने प्रिंस कुमार कि जब जांच शुरू की, तो उसके बैंक खातों से और भी चौंकाने वाले खुलासे हुए. जांच के दौरान पता चला प्रिंस और उसकी पत्नी के नाम पर 12 बैंक खाते और पोस्ट ऑफिस खाते हैं. इन खातों में आईसीआईसीआई, एसबीआई, एचडीएफसी, पीएनबी के बैंक खाते शामिल हैं.
सेना ने जब आरोपी सैनिक के बैंक खातों की जांच की, तो पता चला कि इसके अकाउंट में 1000 से लेकर एक लाख रुपये तक की रकम नेपाल से सटे गोपालगंज के खातों से ट्रांसफर की गई थी. यह रकम किसने ट्रांसफर की, क्यों ट्रांसफर की, इसका प्रिंस कुमार से क्या लेना देना था, इस पर पूछताछ में प्रिंस कोई जवाब नहीं दे सका.
तीन साल में 1.82 करोड़ रुपये हुए ट्रांसफर
बैंक खातों में लेन देन से साफ हुआ कि 2021 को प्रिंस के बैंक खाते में गोपालगंज के रहने वाले राज और सत्यम ने 6 लाख 95 हजार भेजे. 18 मार्च 2021 को 1लाख रुपये भेजे, 18 जनवरी 2022 को 1 लाख रुपये कृष्ण मुरारी ने भेजे.
सिर्फ 3 सालों में प्रिंस कुमार के खाते में 80 बार 5000 रुपये और 20 बार 4000 रुपये की रकम भेजी गई. यानी हर पांचवी ट्रांजेक्शन 4000 का 3 सालों में हुआ है. इस तरह प्रिंस के बैंक अकाउंट में 3 साल में एक करोड़ 82 लाख के लगभग रकम नेपाल से सटे जिलों से भेजी गई.
ससुरालवालों से भी कर चुका है ठगी
सेना को शक है कि कहीं ये रकम किसी देश विरोधी संगठन ने प्रिंस को तो नहीं भेजी है. सेना ने इस संबंध में प्रिंस से शुरुआती पूछताछ की. इस दौरान पता चला प्रिंस ने गोल्ड लोन से लेकर मोबाइल ऐप के जरिए तक 29 लोन ले रखे थे. अपने ही ससुर से पैसा ऐंठने के लिए वह खुद को सेना का अफसर बताता था.
उसने अफसर की वर्दी में फोटो खिंचवाकर आईडी कार्ड बनवा रखा था. उसने बेंगलुरु में अपनी साली वंदना सिंह को मेडिकल सेवा की कॉर्प्स में नौकरी दिलवाने के नाम पर मोटी रकम ऐंठी थी. इतना ही नहीं खुद को नेपाल पुलिस के द्वारा गिरफ्तार कर घायल होने की फोटो भी ससुर को भेज कर पैसे ऐंठ लिए थे. फिलहाल सेना ने पूछताछ के बाद प्रिंस कुमार को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है.