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'शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद करा सकते हैं मेरी हत्या...', FIR कराने वाले आशुतोष महाराज ने लगाए गंभीर आरोप

आशुतोष महाराज ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी और बटुकों की हत्या की साजिश रची जा रही है. उन्होंने दावा किया कि उनकी गाड़ी का पीछा कराया गया और उनके पास मजबूत सबूत हैं. सपा प्रमुख अखिलेश यादव को भी उन्होंने इस विवाद से दूर रहने की चेतावनी दी. साथ ही आईपीएस अजय पाल शर्मा के साथ वायरल फोटो को AI से बना फर्जी बताया.

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आशुतोष महाराज ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर गंभीर आरोप लगाए हैं. Photo ITG
आशुतोष महाराज ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर गंभीर आरोप लगाए हैं. Photo ITG

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद पर नाबालिग बटुकों के यौन शोषण का आरोप लगाने वाले आशुतोष महाराज ने एक इंटरव्यू देकर कई बड़े दावे किए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि शंकराचार्य उन्हें और उनके साथियों को खत्म करने की साजिश रच रहे हैं. साथ ही समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को भी इस विवाद से दूर रहने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मेरे और हमारे बटुकों की हत्या कराना चाहते हैं. आशुतोष महाराज ने कहा, 'ये हमारी और बटुकों की हत्या कराना चाहते हैं.'

'हमारा पीछा कराया जा रहा, जान को खतरा'
आशुतोष महाराज ने कहा कि शंकराचार्य उनसे भयभीत हैं और उन्हें रास्ते से हटाना चाहते हैं. उनके मुताबिक हाल ही में उनकी गाड़ी का पीछा कराया गया, जिससे उन्हें अपनी और अपने साथ मौजूद बटुकों की सुरक्षा को लेकर खतरा महसूस हो रहा है. उन्होंने दावा किया कि उनके पास ऐसे पुख्ता सबूत हैं, जिनसे शंकराचार्य का बच पाना मुश्किल होगा.

अखिलेश यादव को दी चेतावनी
इस विवाद में अखिलेश यादव की कथित दखलंदाजी पर आशुतोष महाराज ने कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव इस मामले से दूर रहें, अन्यथा वे ऐसे खुलासे करेंगे जो बड़ा विवाद खड़ा कर सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि जिस सरकार में उन्हें 2017 में फर्जी केस में जेल भेजा गया था, आज वही लोग राम भक्तों और सनातन की बात कर रहे हैं.

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IPS अजय पाल शर्मा के साथ फोटो पर सफाई
शंकराचार्य की ओर से दिखाई गई तस्वीर जिसमें आशुतोष महाराज और आईपीएस अजय पाल शर्मा केक काटते दिख रहे हैं, उस तस्वीर को आशुतोष महाराज ने पूरी तरह फर्जी और AI से तैयार बताया. उन्होंने सवाल उठाया कि जिसने उन्हें 2017 में जेल भेजा, उसके साथ वे कैसे बैठ सकते हैं. उनके अनुसार यह तस्वीर लोगों को भ्रमित करने और असली मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश है.

पॉक्सो साक्ष्यों को सार्वजनिक न करने की वजह
आशुतोष महाराज ने कहा कि पॉक्सो एक्ट की धारा 23 के तहत पीड़ित बच्चों की पहचान या संबंधित वीडियो सार्वजनिक करना कानूनन अपराध है. उन्होंने दावा किया कि सभी जरूरी साक्ष्य पहले ही अदालत और जांच एजेंसियों को सौंप दिए गए हैं और अब फैसला न्याय प्रक्रिया पर निर्भर है.

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