समाजवादी पार्टी ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है. यह कार्रवाई अयोध्या के कथित चढ़ावा गड़बड़ी मामले के आरोपी टिन्नू यादव को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए दावों और पोस्ट के बाद की गई है. इससे पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने निशिकांत दुबे को पोस्ट हटाने के लिए चेतावनी दी थी.
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा था कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों को समान संसदीय विशेषाधिकार प्राप्त हैं. उन्होंने कहा कि भगवान राम की मर्यादा, सामाजिक शिष्टाचार और संसदीय परंपराओं का सम्मान करते हुए निशिकांत दुबे को 10 मिनट का समय दिया जाता है कि वे अपनी "झूठी पोस्ट" हटा लें, अन्यथा उनके खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई जाएगी.
निशिकांत दुबे का पलटवार
समाजवादी पार्टी के नोटिस पर निशिकांत दुबे ने कहा, 'अखिलेश जी इस तरह का वकील लोग आपको बेइज्जत कर रहा है, मानहानि यदि आपका हुआ है तो नोटिस भी आपकी तरफ से ही आएगा ना, कानून यही कहता है . इस कानून को बनाने वाले कमिटि का मैं भी सदस्य था, इसलिए जानकारी है. आपने क्या हालत बना रखी है, कुछ लेते क्यों नहीं? कम से कम विक्स की गोली ले लीजिए.
अखिलेश का एक तीर से कई निशाना
सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि केवल निशिकांत दुबे ही नहीं, बल्कि जिन लोगों ने इस कथित झूठे दावे को सोशल मीडिया पर साझा किया है, वे भी तुरंत पोस्ट हटाएं और सार्वजनिक रूप से माफी मांगें. ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
अखिलेश यादव ने भाजपा पर समाजवादी पार्टी के PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) सामाजिक गठबंधन को बदनाम करने के लिए झूठा प्रचार करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि PDA समाज एकजुट होकर इसका जवाब देगा.
उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि भाजपा नेताओं का कोई साथ नहीं देता और यदि कानूनी कार्रवाई हुई तो वर्षों तक अदालतों के चक्कर लगाने पड़ेंगे. उन्होंने लिखा कि "जो भगवान के नहीं हुए, वो इंसान के क्या होंगे."
अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि "चढ़ावा-चंदा-दान चोरों का गिरोह" जनता के आक्रोश से डरकर छिपा हुआ है और विपक्ष के खिलाफ साजिश रच रहा है. उन्होंने अयोध्या के संतों, रामभक्तों, सनातन धर्म के अनुयायियों, उत्तर प्रदेश और अयोध्या की जनता, लोकसभा अध्यक्ष, सर्वोच्च न्यायालय और PDA समाज से इस पूरे मामले का संज्ञान लेने की अपील की.
यह पूरा विवाद अयोध्या के कथित चढ़ावा गड़बड़ी मामले और आरोपी टिन्नू यादव को लेकर सोशल media पर किए गए दावों के बाद शुरू हुआ, जिस पर अब राजनीतिक बयानबाजी के साथ कानूनी लड़ाई भी तेज होती नजर आ रही है.