Uttar Pradesh News: सहारनपुर के भेंट रोड स्थित चकलापुरी मंदिर के पुजारी विजय शास्त्री पर दस साल की बच्ची से छेड़छाड़ के आरोप में एससी-एसटी और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होने के बाद बड़ा बवाल हो गया. इसके विरोध में ब्राह्मण समाज, मंदिरों के पुजारियों और सवर्ण समाज के हजारों लोगों ने शहर और देहात के अलग-अलग इलाकों से जुलूस निकालकर एसएसपी कार्यालय का घेराव किया. भीम आर्मी द्वारा मुकदमा दर्ज कराने के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया और भीम आर्मी मुर्दाबाद के नारे लगाए. इस भीड़ के कारण सड़कों पर लंबा जाम लग गया.
छावनी में बदला इलाका, हनुमान चालीसा का पाठ
प्रदर्शनकारियों ने भगवा दुपट्टे और तिलक लगाकर एसएसपी कार्यालय परिसर के बाहर सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया. पूरे इलाके में ‘जय श्रीराम’ और ‘हनुमान जी महाराज की जय’ के उद्घोष गूंजते रहे. हालात को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल, बैरिकेडिंग और पीएसी के जवानों को तैनात कर इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया. इस दौरान वहां कुछ भीम आर्मी के कार्यकर्ता भी खड़े थे, जिन्हें देखकर ब्राह्मण समाज और ज्यादा आक्रोशित हो गया.
मंदिर की संपत्ति हड़पने के लिए रची गई साजिश
प्रदर्शन में शामिल एक पंडित ने मंच से आरोप लगाया कि 45 साल के ब्राह्मण पुजारी को एक सोची-समझी साजिश के तहत फंसाया गया है. यह पूरा षड्यंत्र मंदिर की संपत्ति पर कब्जा करने के लिए रचा गया है ताकि डरकर पुजारी भाग जाएं और वे कब्जा कर सकें. उन्होंने कहा कि जिस बच्ची को लेकर मामला दर्ज कराया गया है, वह मंदिर परिसर में खेलने आने वाले बच्चों में से एक है और पुजारी वहां सभी बच्चों को सिर्फ प्रसाद दिया करते थे.
मंदिरों के कपाट बंद, बड़े आंदोलन की चेतावनी
विरोध जताने के लिए सहारनपुर के कई मंदिरों के कपाट बंद रखे गए. सवर्ण समाज के लोगों ने कहा कि अगर मंदिर में रहकर भगवान की पूजा करने पर भी ऐसे मुकदमों का सामना करना पड़ेगा, तो कोई पुजारी कैसे काम करेगा. प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. पंडित ने दावा किया कि प्रशासन से निष्पक्ष जांच का आश्वासन मिला है, लेकिन यदि किसी दबाव में कार्रवाई हुई तो समाज सड़कों पर उतरेगा.
भीम आर्मी पर पैसे ऐंठने का संगीन आरोप
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने भीम आर्मी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि भीम आर्मी के सिर्फ 10 से 20 लोग हैं जो हर जगह जाकर झूठे मुकदमे कायम करवाते हैं और फिर फैसले के नाम पर पैसे वसूलते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के मामलों से पूरे देश में सवर्ण समाज को प्रताड़ित किया जा रहा है. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में निष्पक्षता से जांच नहीं की गई तो इस आंदोलन को और ज्यादा बड़ा किया जाएगा.