उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में प्रशासन ने गैंगस्टर मोहम्मद इकबाल उर्फ हाजी इकबाल उर्फ बाला की 56 संपत्तियों को कुर्क किया है. इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत करीब 2 अरब 75 करोड़ रुपये से अधिक है. यह कार्रवाई गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के अंतर्गत की गई है. इस संबंध में जिलाधिकारी मनीष बंसल ने आदेश जारी किया था.
प्रशासन ने कहा कि आरोपी के खिलाफ विभिन्न थानों में करीब 50 केस दर्ज हैं. वर्ष 2022 में थाना मिर्जापुर में गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज केस की जांच के दौरान अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों का खुलासा हुआ था. जांच में सामने आया कि आरोपी और उसके गिरोह ने वन क्षेत्र से खैर लकड़ी की तस्करी, अवैध खनन और अन्य आपराधिक गतिविधियों के जरिए बड़ी मात्रा में संपत्ति अर्जित की.
प्रशासन के अनुसार, कुर्क की गई संपत्तियां अलग-अलग गांवों में स्थित हैं. इनमें कृषि भूमि, प्लॉट और अन्य अचल संपत्तियां शामिल हैं. जांच में सामने आया कि कई संपत्तियां आरोपी, उसके परिजनों, सहयोगियों और कुछ कंपनियों के नाम पर खरीदी गई थीं. प्रशासन का कहना है कि प्रभाव और दबाव का इस्तेमाल कर सरकारी व गैर-सरकारी जमीनों पर कब्जा किया गया था.

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जिलाधिकारी ने बताया कि गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत ऐसी संपत्तियां, जो आपराधिक गतिविधियों से अर्जित की गई हों, उन्हें कुर्क करने का प्रावधान है. इसी के तहत यह आदेश पारित किया गया. प्रशासन ने कुर्क की गई सभी 56 संपत्तियों के प्रबंधन के लिए तहसीलदार बेहट को प्रशासक नियुक्त किया है. उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि सभी संपत्तियों को विधिवत कब्जे में लेकर उनका संरक्षण और प्रबंधन सुनिश्चित करें.
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई अपराध से अर्जित संपत्ति के खिलाफ की गई है. प्रशासन ने संबंधित गांवों में राजस्व और पुलिस टीमों को भेजकर संपत्तियों का भौतिक सत्यापन भी कराया है. अब इन संपत्तियों को विधिक प्रक्रिया के तहत सरकारी नियंत्रण में रखा जाएगा. जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कहा कि आज गैंगस्टर एक्ट की धारा 14 ए के अंतर्गत आदेश किया गया है. मोहम्मद इकबाल उर्फ हाजी इकबाल उर्फ बाला पर करीब 50 केस दर्ज हैं.
आरोपी बाला पर गैंगस्टर एक्ट के तहत 2022 में एक केस दर्ज हुआ था. उसके अंतर्गत कुछ प्रॉपर्टी की कुर्की की गई थी, और काफी प्रॉपर्टी थी, जिसके बारे में पता चला. ये सब बाला के नाम पर थी, गैंग के सदस्यों के नाम भी थे. यह करीब 275 करोड़ 97 लाख रुपए की प्रॉपर्टी है. ये अलग-अलग गांव में है. इन प्रॉपर्टी को मुक्त किया गया है.