अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है. रिमांड पर लिए गए आरोपी अनुकल्प मिश्रा की निशानदेही पर पुलिस ने एक स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की है. पुलिस ने बरामद कार को रामजन्मभूमि थाने के परिसर में खड़ा कराया है. सूत्रों के मुताबिक, यह कार मंदिर के चढ़ावे से चोरी किए गए पैसों से खरीदी गई थी.
पुलिस के अनुसार, बरामद स्विफ्ट डिजायर कार 16 मई 2025 को गोरखपुर से खरीदी गई थी. इसके बाद 22 मई 2025 को अयोध्या आरटीओ कार्यालय में इसका पंजीकरण कराया गया. वाहन का पंजीकरण आरोपी अनुकल्प मिश्रा के पिता रविंद्र कुमार के नाम पर दर्ज है. कार का रजिस्ट्रेशन नंबर UP 42 BZ 5222 है.
सुबह 4 बजे पैतृक घर पहुंची पुलिस
पुलिस ने गुरुवार सुबह करीब 4 बजे तीनों आरोपियों को उनके पैतृक घर लेकर पहुंची. वहां उनकी निशानदेही पर छापेमारी की गई. इस कार्रवाई के दौरान कई अहम चीजें बरामद की गईं. सूत्रों के मुताबिक, अनुकल्प मिश्रा की निशानदेही पर स्विफ्ट डिजायर कार के अलावा एक सोने की चेन और सोने का पेंडुलम भी बरामद किया गया है. पुलिस इन बरामदगी को मामले की जांच में महत्वपूर्ण मान रही है.
सूत्रों के मुताबिक, बरामद स्विफ्ट डिजायर कार मंदिर के चढ़ावे से चोरी किए गए पैसों से खरीदी गई थी. पुलिस इस दावे से जुड़े सभी साक्ष्य जुटाने में लगी है. बरामद कार को फिलहाल रामजन्मभूमि थाने में रखा गया है और उसे जांच का हिस्सा बनाया गया है. जांच के दौरान पुलिस को पैसों के लेनदेन से जुड़े कुछ अहम सुराग भी मिले हैं. पुलिस ने ऐसे कुछ लोगों को चिन्हित किया है, जिन्होंने नगद पैसा लेकर अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की थी.
सूत्रों के अनुसार, पुलिस अब इन चिन्हित लोगों के बैंक खातों पर भी नजर बनाए हुए है. बैंक खातों में हुए लेनदेन की जांच की जा रही है ताकि चोरी की रकम के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके. पुलिस ने इस मामले में आरोपी अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा और करुणेश पांडे को 40 घंटे की रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी. पूछताछ के दौरान मिले इनपुट और आरोपियों की निशानदेही के आधार पर लगातार साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं.
पुलिस का मानना है कि पूछताछ के दौरान मिली जानकारी से मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं. इसी आधार पर अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की जा रही है. इससे पहले पुलिस आरोपी अविनाश शुक्ला के पास से एक ब्रेजा कार भी बरामद कर चुकी है. अब स्विफ्ट डिजायर कार की बरामदगी के बाद पुलिस मामले में खरीदी गई अन्य संपत्तियों और चोरी की रकम के इस्तेमाल की भी जांच कर रही है.
40 घंटे की रिमांड में जुटाए जा रहे साक्ष्य
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी की रकम का इस्तेमाल कहां-कहां किया गया और उससे कौन-कौन सी संपत्तियां खरीदी गईं. इसके साथ ही मामले में आर्थिक लेनदेन से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले में बरामद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है. जांच एजेंसियां आरोपियों की निशानदेही पर अन्य संपत्तियों और रकम की बरामदगी के प्रयास में भी जुटी हुई हैं.