यूपी के सहारनपुर में एआईएमआईएम की विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने संभल विवाद, मस्जिदों पर कार्रवाई, अयोध्या में अनियमितताओं और युवाओं की बेरोजगारी के मुद्दे उठाते हुए राजनीतिक नेतृत्व मजबूत करने की जोरदार अपील की. इस बीच उनका एक बयान काफी वायरल हो रहा है.
जनसभा में गरजे AIMIM प्रमुख
सहारनपुर में एआईएमआईएम (AIMIM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार और विपक्षी दलों पर तीखे हमले बोले. ओवैसी ने जनसभा में जुटी भारी भीड़ के बीच कहा कि लोग अब सिर्फ दरी बिछाने का काम नहीं करेंगे, बल्कि अपना राजनीतिक नेतृत्व खुद तैयार करेंगे. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी संविधान के दायरे में रहकर गरीबों और मजलूमों के हक की लड़ाई लड़ रही है. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा और कहा कि मुस्लिम समाज को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया गया है.
चुनावी गठबंधन का प्रस्ताव और साउंड सिस्टम पर तंज
भाजपा को हराने के लिए ओवैसी ने चुनाव से पहले अन्य दलों के साथ गठबंधन करने की इच्छा जताई. भाषण के दौरान बार-बार माइक बंद होने पर उन्होंने चुटकी लेते हुए साउंड सिस्टम वाले को बीजेपी की 'बी टीम' और सपा का समर्थक बता दिया. उन्होंने कहा कि आवाज दबाने की कोशिशों के बावजूद वह पीछे नहीं हटेंगे और जल्द ही दोबारा सहारनपुर की जनता के बीच आएंगे. इस कार्यक्रम में समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ी, जहां लोग पेड़ों, पोलों पर चढ़कर ओवैसी को सुनते नजर आए.
सीएम योगी के बयान पर पलटावार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संभल में दिए गए बयान पर तंज कसते हुए ओवैसी ने कहा कि प्रदेश में एक ही वर्ग को तवज्जो मिल रही है. उन्होंने अयोध्या में हुए कथित घोटालों और अनियमितताओं को लेकर सरकार को घेरा और सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री के नाक के नीचे इतनी बड़ी गड़बड़ी कैसे हो गई. ओवैसी ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी विफलताओं और असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए नए-नए विवाद खड़े कर रही है. उन्होंने कहा कि सच बोलने की अपनी आदत को वह हमेशा बरकरार रखेंगे.
मस्जिदों और यूनिवर्सिटी पर निशाना साधने का आरोप
ओवैसी ने सहारनपुर मस्जिद विवाद, संभल और रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि सहारनपुर में वर्षों पुरानी मस्जिद को भारी जुर्माना और नोटिस दिया जा रहा है. रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी पर हो रही कार्रवाई को उन्होंने शिक्षा के खिलाफ बताया. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले से ही केवल चार प्रतिशत मुस्लिम ग्रेजुएट हैं, ऐसे में शैक्षणिक संस्थानों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाना गलत है. इसके साथ ही उन्होंने पिछले 12 वर्षों में लगातार हो रहे पेपर लीक और बढ़ती बेरोजगारी पर भी चिंता व्यक्त की.