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कानपुर के नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट में काट डाले गए 722 पेड़, डायरेक्टर सहित 5 के खिलाफ एक्शन

कानपुर के नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट (NSI) के कैंपस में 600 से ज्यादा पेड़ों को काट दिया गया. इस मामले को लेकर इंस्टीट्यूट की डायरेक्टर समेत पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. यह मामला रीजनल फॉरेस्ट ऑफिसर की शिकायत पर दर्ज किया गया. काटे गए पेड़ों में नीम, शीशम, यूकेलिप्टस, गुलमोहर, गूलर, सिरिस और बॉटल ब्रश जैसे पेड़ शामिल थे.

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कई पेड़े जेसीबी की मदद से उखाड़ दिए गए. (Photo: ITG)
कई पेड़े जेसीबी की मदद से उखाड़ दिए गए. (Photo: ITG)

यूपी के कानपुर में नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट (NSI) परिसर में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है. इस मामले में डायरेक्टर समेत पांच लोगों और कुछ अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. आरोप है कि परिसर में 722 से अधिक पेड़ों को बिना परमिशन के काटा और उखाड़ा गया.

यह मामला क्षेत्रीय वन अधिकारी की शिकायत के बाद दर्ज किया गया. शिकायत में कहा गया है कि संस्थान परिसर के गेट नंबर 5 के पास बिना अनुमति बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की गई. एफआईआर में शुगर इंस्टीट्यूट की डायरेक्टर सीमा पारोहा, प्राइवेट सिक्योरिटी कमांडर उदय प्रताप सिंह राठौर, एस्टेट ऑफिसर विनय कुमार, फार्म मैनेजर अशोक कुमार और एक लकड़ी व्यापारी कंपनी सहित कुछ अज्ञात लोगों को नामजद किया गया है.

यहां अधिकारियों ने कटाई करने के लिए साल 2025 में वन विभाग से सिर्फ 9 पेड़ काटने की अनुमति मांगी थी, लेकिन 2026 में इस आधार पर संस्थान के अंदर 722 पेड़ों को साफ कर दिया गया. वन विभाग के अनुसार, पहले कर्मचारियों की शिकायतों के बाद मामला सामने आया. जब 27 मई को वन विभाग की टीम परिसर पहुंची तो सुरक्षा कर्मियों ने यह कहकर एंट्री से रोक दिया कि डायरेक्टर की परमिशन के बिना अंदर नहीं जाने दिया जा सकता.

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इसके बाद 2 जून को वन विभाग की टीम ने फिर से निरीक्षण किया, इस बार डायरेक्टर की मौजूदगी में जांच में अधिकारियों को ऐसे सबूत मिले, जिनसे पता चला कि पेड़ों की कटाई कई महीनों से चल रही थी और लकड़ी को रात के समय परिसर से बाहर ले जाया गया.

Over 600 Trees Illegally Felled at NSI Kanpur Director Among Five Booked

एफआईआर के अनुसार, कुल 655 बड़े पेड़ और 67 छोटे झाड़ीनुमा पौधे काटे गए. इनमें नीम, शीशम, यूकेलिप्टस, गुलमोहर, गूलर, सिरीस और बॉटल ब्रश जैसी प्रजातियां शामिल थीं.

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को 377 ठूंठ मिले, जिन्हें लगभग छह महीने पुराना बताया जा रहा है. इसके अलावा लगभग 250 पेड़ों को जेसीबी मशीनों की मदद से उखाड़ने के सबूत भी मिले हैं. जांच में यह भी सामने आया कि परिसर में रखी गई कुछ लकड़ी 8 से 10 महीने पुरानी हो सकती है.

पूरे मामले को लेकर क्या बोले अधिकारी?

कानपुर के वन अधिकारी संजय कुमार पांडे का कहना है कि हमको पेड़ काटने की शिकायत मिली थी. इन लोगों ने 2025 में नौ पेड़ काटने की अनुमति मांगी थी. हम जब जांच करने पहुंचे तो पहले हमें जाने नहीं दिया गया. फिर दोबारा अधिकारियों के साथ जांच करने गए. जांच में 700 से ज्यादा पेड़ काटे जाने के सबूत मिले. हमने रिपोर्ट दर्ज करा दी है. अपनी तरफ से भी जांच कर रहे हैं. 

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इस मामले में एसीपी आशुतोष कुमार का कहना है कि वन विभाग के अधिकारी संजय कुमार पांडे ने रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसमें नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट में पेड़ काटे जाने का आरोप है. इस मामले में रिपोर्ट कर जांच की जा रही है. इस मामले में संस्थान का पक्ष जाने के लिए टीम नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट पहुंची, लेकिन अंदर एंट्री से रोक दिया गया.

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