उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर का सरकारी मंडलीय अस्पताल एक बार फिर से सुर्खियों में है. जहां एक मृतक के परिजनों ने अस्पताल के मोर्चरी घर में रखे शव को चूहों के खा जाने का आरोप लगाया है. फिलहाल परिजनों के हंगामे के बाद प्रशासन एक्शन में आ गया. जिसके बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने परिजनों को किसी तरह समझाया और शांत कराया.
चूहों ने शव को काटकर कमर पर कर दिया था छेद
दरअसल मिर्जापुर का मंडलीय चिकित्सालय, मेडिकल कॉलेज के अधीन है. जहां 8 मार्च को नई बस्ती तरकापुर के रहने वाले अभिषेक का शव अस्पताल के पीछे बने मोर्चरी में रखा गया था. अभिषेक ने आत्महत्या कर ली थी. परिजनों का कहना है कि मोर्चरी घर मे रखा फ्रीजर खराब है. जिसकी वजह से परिजनों को बर्फ लाने को कहा गया.
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जिसके बाद परिजन अपने पैसे से बर्फ खरीद कर ले गए और शव को उसे पर रखवा दिया गया. वहीं मंगलवार सुबह जब परिजन शव को लेने पहुंचे तो देखा कई जगह से मांस गायब थे. हाल यह था कि शव को चूहों ने काट कर कमर पर छेद कर दिया था. साथ ही हाथ का भी मांस गायब था.
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने क्या कहा?
मामले में जब चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सचिन किशोर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि कल एक बॉडी आई थी. जिस पर घाव के निशान मिले हैं. परिजनों ने आरोप लगाया है कि चूहे के काटने से घाव बने हैं. मामले में ड्यूटी पर कार्यरत कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है. साथ ही जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है, जो भी दोषी होंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी.