गोरखपुर के दक्षिणी ग्रामीण इलाके बांसगांव क्षेत्र के किशनपुर बगही गांव निवासी कमलेश पांडेय (पुत्र हरिश्चंद्र पांडेय) की सऊदी अरब में ड्रोन हमले में मौत हो जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. घटना की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई.
कमलेश पांडेय सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट पर काम करते थे, 21 अक्टूबर की रात हुए ड्रोन हमले में वह इसकी चपेट में आ गए. जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. कमलेश की मौत की खबर से उनकी पत्नी सुनीता देवी और दोनों बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल है.
कम उम्र में बेटियों से उठा पिता का साया
उनकी बड़ी बेटी 14 वर्ष की, जबकि छोटी बेटी महज 10 वर्ष की है कम उम्र में ही दोनों बच्चियों के सिर से पिता का साया उठ जाने से परिवार गहरे सदमे में है. विदेश में परिवार की आजीविका के लिए काम कर रहे कमलेश की असामयिक मौत ने परिजनों को झकझोर कर रख दिया है, पत्नी सुनीता देवी का विलाप सुनकर लोगों की आंखें नम हो जा रही हैं, गांव के लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं और इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़े हैं.
कमलेश पांडेय का शव भारत लाने के लिए परिजन आवश्यक प्रक्रिया में जुटे हुए हैं, परिवार को इंतजार है कि उनके पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द गांव लाया जा सके, जिससे अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जा सके. इस हृदयविदारक घटना से किशनपुर बगही गांव में मातम पसरा हुआ है.