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UP: बाढ़ खंड कार्यालय में एक्जीक्यूटिव इंजीनियर पर हमला, ब्लैक हेलमेट पहनकर आए युवक ने जड़े थप्पड़

गोरखपुर के बाढ़ खंड कार्यालय में गुरुवार को निरीक्षण के दौरान एक्जीक्यूटिव इंजीनियर पर हमला कर दिया गया. आरोप है कि निलंबित सहायक अपने साथियों के साथ ऑफिस पहुंचा और एक युवक ने ब्लैक हेलमेट व काला चश्मा पहनकर अभियंता को थप्पड़ मारे. पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

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बाढ़ खंड कार्यालय में इंजीनियर पर हमला. (Photo: Screengrab)
बाढ़ खंड कार्यालय में इंजीनियर पर हमला. (Photo: Screengrab)

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में रेलवे स्टेशन के पास स्थित बाढ़ खंड कार्यालय में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब निरीक्षण के दौरान एक्जीक्यूटिव इंजीनियर पर हमला कर दिया गया. आरोप है कि विभाग का एक निलंबित सहायक अपने दो साथियों के साथ कार्यालय पहुंचा. इस दौरान उसके साथ आए एक युवक ने ब्लैक हेलमेट और काला चश्मा पहन रखा था. उसने अधिशासी अभियंता को थप्पड़ मारने शुरू कर दिए और गाली-गलौज की. पूरी घटना कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई.

घटना गुरुवार दोपहर करीब साढ़े 12 से 1 बजे के बीच कैंट थाना क्षेत्र के पैडलेगंज स्थित बाढ़ खंड कार्यालय की है. जानकारी के मुताबिक, गंडक चीफ विकास सिंह कार्यालय के निरीक्षण के लिए पहुंचे थे. इसी दौरान बाढ़ खंड अभियंता विपिन बिहारी सिंह भी निरीक्षण में शामिल थे. आरोप है कि तभी विभाग का निलंबित सहायक दीपक पांडे अपने दो साथियों के साथ कार्यालय पहुंच गया और गाली-गलौज शुरू कर दी.

कार्यालय में घुसकर गाली-गलौज और मारपीट का आरोप
 

पीड़ित अभियंता के अनुसार, गाली-गलौज के बीच साथ आए एक युवक ने, जिसने ब्लैक हेलमेट और काला चश्मा पहन रखा था, उनके साथ मारपीट शुरू कर दी. उसने लगातार कई थप्पड़ मारे और जान से मारने की धमकी भी दी. चेहरा हेलमेट और चश्मे से ढका होने के कारण हमलावर की पहचान मौके पर नहीं हो सकी. घटना के दौरान कार्यालय में मौजूद अधिकारी और कर्मचारी बीच-बचाव के लिए पहुंचे. उन्होंने किसी तरह विवाद शांत कराया. इसके बावजूद हमलावर अभियंता को धमकी देकर वहां से चला गया. कार्यालय में हुई इस घटना से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

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बाढ़ खंड एक्जीक्यूटिव इंजीनियर विपिन बिहारी सिंह ने आरोप लगाया कि निलंबित सहायक दीपक पांडे जनवरी और अप्रैल महीने में भी उनके कार्यालय कक्ष में बैठकर उन्हें उठाने की बात कहता था. इस कारण उन्होंने डर के चलते जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी. उन्होंने बताया कि जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो विभागीय प्रक्रिया शुरू की गई और 30 अप्रैल को दीपक पांडे को निलंबित कर दिया गया. फिलहाल वह निलंबित है.

CCTV में कैद हुई पूरी घटना, पुलिस ने शुरू की जांच

घटना के बाद पीड़ित अभियंता कैंट थाने पहुंचे और पुलिस को सूचना दी. उनका कहना है कि पुलिस ने बताया है कि विभाग की ओर से लिखित शिकायत मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी. उधर, घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी सामने आई है, जिसमें पूरी घटना कैद बताई जा रही है. पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान करने में जुटी है और मामले की जांच कर रही है.
 

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