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Gaganyaan मिशन के एस्ट्रोनॉट चुने गए शुभांशु शुक्ला, टीचर्स ने बताया सक्सेस का सीक्रेट, Video 

तिरुवनंतपुरम के विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर (VSSC) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गगनयान मिशन (Gaganyaan Mission) के चारों एस्ट्रोनॉट्स को दुनिया के सामने पेश किया. ये भारतीय वायुसेना के टेस्ट पायलट हैं. यानी इन चारों ने वायुसेना के लगभग सभी फाइटर जेट्स उड़ाए हैं. इनमें से लखनऊ के रहने वाले शुभांशु शुक्ला के स्कूल में आजतक की टीम ने उनके टीचर्स से बात की. उन्होंने शुभांशु की पढ़ाई और एंबिशन के बारे में बताया. 

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फिजिक्स के टीचर डीपी सिंह बाएं और मैथ्य के टीचर नागेश्वर प्रसाद दाएं ने बताए शुभांशु के सीक्रेट्स.
फिजिक्स के टीचर डीपी सिंह बाएं और मैथ्य के टीचर नागेश्वर प्रसाद दाएं ने बताए शुभांशु के सीक्रेट्स.

देश के पहले ह्यूमन स्पेस मिशन के लिए देशभर में उत्साह है. जिन चार एस्ट्रनॉट्स को इसके लिए चुना गया है, उनमें लखनऊ के विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला भी शामिल हैं. शुभांशु के स्कूल को शिक्षकों को अपने छात्र पर बहुत गर्व है. उनका कहना है कि पढ़ने में शुभांशु बहुत तेज थे. हमेशा टॉप 5 में आता रहा.

शुभांशु की इस कामयाबी के बारे में जब हमें पता चला, तो बहुत खुशी हुई. शुभांशु ने लखनऊ के सिटी मॉंटेसॉरी स्कूल से क्लास 12 तक की पढ़ाई की है. शुभांशु से मिलने के लिए स्कूल के छात्र भी उत्साहित हैं. आखिर उन्होंने अपने देश और शहर का नाम ही नहीं, अपने स्कूल का नाम भी रोशन किया है. 

यहां देखें वीडियो...

यह भी पढ़ें- Gaganyaan Mission Astronauts: कौन हैं गगनयान मिशन के चारों एस्ट्रोनॉट, जानिए इनके बारे में...

फिजिक्स के टीचर ने शेयर किया सक्सेस का सीक्रेट  

शुभांशु के फिजिक्स के टीचर डीपी सिंह ने बताया कि शुभांशु से कुछ समय पहले मुलाकात हुई थी. तब शुभांशु ने इस बात का संकेत किया था कि इस तरह के मिशन में उनका चयन हो सकता है. डीपी सिंह ने शुभांशु की सफलता का सीक्रेट भी शेयर किया. उन्होंने बताया कि वह गैरजरूरी एक्टिविटिज में इनवॉल्व नहीं रहता था. अपनी एनर्जी को चैनलाइज करके कंस्ट्रक्टिवली यूज करके अच्छा रिजल्ट लाना. उसकी इसी प्रवृत्ति की वजह से वह आज इस मुकाम तक पहुंचा है. 

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एटीट्यूट से लगता था बनेगा एस्ट्रोनॉट- मैथ्य टीचर 

शुभांशु के मैथ्स टीचर नागेश्वर प्रसाद शुक्ला ने बताया कि उन्होंने नौंवी से लेकर 12वीं क्लास तक उसे मैथ्य पढ़ाई थी. शुभांशु बहुत मिलनसार और पढ़ने में तेज थे. शुभांशु के क्लास टीचर रहे नागेश्वर प्रसाद शुक्ला ने बताया कि हमारे स्कूल में हर टीचर पर कुछ बच्चों को घर तक मैनेज करने की जिम्मेदारी होती है. 

हम शुभांशु के टीचर-गार्जियन भी थे. लिहाजा, दो साल में तीन बार उसके घर आना जाना रहा. उस दौरान एक फार्म भी भराया जाता है, जिसमें लिखा जाता है कि बच्चे की एंबीशन क्या है. वह बड़े होकर क्या बनना चाहता है. मुझे याद नहीं है कि उस वक्त उसने फॉर्म में क्या भरा थ. लेकिन उसे एटीट्यूट से लगता था कि वह एस्ट्रोनॉट बननेगा. शुभांशु की पत्नी कामना भी उनकी क्लासमेट रही हैं और उन्होंने भी इसी स्कूल से पढ़ाई की है.

गगनयान मिशन में शामिल होंगे ये चारों एस्ट्रोनॉट्स.

फाइटर कॉम्बैट लीडर और टेस्ट पायलट हैं विंग कमांडर शुभांशु 

बताते चलें कि PM Narendra Modi ने Gaganyaan Mission के चारों एस्ट्रोनॉट्स को दुनिया के सामने पेश किया. ये हैं ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर, ग्रुप कैप्टन अजिन कृष्णन, ग्रुप कैप्टन अंगद प्रताप और विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला. इनमें से विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला का जन्म 10 अक्टूबर 1985 में लखनऊ में हुआ था.

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उन्होंने एनडीए में मिलिट्री ट्रेनिंग ली है. वायुसेना के फाइटर स्ट्रीम में उन्हें 17 जून 2006 में शामिल किया गया. वो फाइटर कॉम्बैट लीडर होने के साथ ही टेस्ट पायलट भी हैं. उनके पास 2000 घंटे का उड़ान का अनुभव है. उन्होंने सुखोई-30 एमकेआई, मिग-21, मिग-29, जगुआर, हॉक, डॉर्नियर, एन-32 जैसे विमान और फाइटर जेट्स उड़ाए हैं.

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