scorecardresearch
 

ढाई करोड़ की कार से आकर 45 रुपये का गमला चोरी...CM योगी बोले ये तो चोरी का नया मॉडल

सीएम योगी ने सरकारी संपत्ति की चोरी पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि लोग शहर को सुंदर बनाने के लिए लगाए गए गमले भी उठा ले जाते हैं. मुख्यमंत्री ने बताया कि सीसीटीवी में ढाई करोड़ की कार से आए लोगों द्वारा 45 रुपये का गमला चोरी करते हुए देखा गया. उन्होंने इसे चोरी का नया मॉडल बताया और कहा कि सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी है.

Advertisement
X
सीएम योगी ने चोरी के नए मॉडल का किस्सा सुनाया (Photo ITG)
सीएम योगी ने चोरी के नए मॉडल का किस्सा सुनाया (Photo ITG)

सीएम योगी ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और चोरी करने वालों पर एक कार्यक्रम के दौरान सख्त टिप्पणी करते हुए एक ऐसा उदाहरण दिया कि लोग हंस पड़े. मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर को सुंदर बनाने के लिए प्रशासन सड़क किनारे गमले लगाता है, लेकिन कुछ लोग उन्हें भी चोरी कर ले जाते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि एक मामला ऐसा सामने आया, जिसमें बेहद ढाई करोड़ की कार से आए लोग 45 रुपये का गमला उठाकर ले गए. उन्होंने इसे चोरी का नया मॉडल बताते हुए कहा कि जितना खर्च उस कार में आने-जाने में हुआ होगा, उतने में कई नए गमले खरीदे जा सकते थे.

उन्होंने कहा, हम गमला लगाते हैं और कोई कार से आता है, गमला उठाकर ले जाता है. अब सोचिए, कार में जितना तेल लग रहा है, उसमें नया गमला भी खरीदा जा सकता था. लेकिन यह चोरी का नया मॉडल बन गया है. मुख्यमंत्री ने बताया कि अब हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं और निगरानी लगातार की जाती है. इसी दौरान पता चला कि ढाई करोड़ रुपये की कार से आए लोग गमला चोरी करके ले गए. उन्होंने कहा कि अगर वही लोग नया गमला खरीदकर अपने घर में लगाते तो सम्मान भी बना रहता और शहर भी सुंदर दिखता. मुख्यमंत्री ने हल्के अंदाज में यह भी कहा कि एक बार उनके मन में आया कि गमला चोरी करने वालों की तस्वीर चौराहे पर लगवा दी जाए.

सरकारी संपत्ति जनता की संपत्ति

Advertisement

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकारी संपत्ति किसी एक व्यक्ति की नहीं होती, बल्कि यह जनता के टैक्स के पैसे से तैयार होती है. ऐसे में उसे नुकसान पहुंचाना या चोरी करना गलत है. उन्होंने लोगों से अपील की कि शहरों को सुंदर बनाने में प्रशासन का सहयोग करें और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझें.


इस कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक भी ली.बैठक में उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में इलाज, जांच, दवाओं और इमरजेंसी सेवाओं की गुणवत्ता लगातार बेहतर होनी चाहिए ताकि आम लोगों को सीधा लाभ मिल सके. मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेजों, नर्सिंग संस्थानों और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन से मजबूत करने के निर्देश भी दिए.

यूपी में बढ़े मेडिकल कॉलेज और सीटें

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है. इस समय प्रदेश में 108 जिला अस्पताल, 106 विशिष्ट चिकित्सालय, 976 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 3757 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं. सरकार के अनुसार वर्ष 2025-26 में सरकारी अस्पतालों में 26 करोड़ से ज्यादा ओपीडी सेवाएं दी गईं और 24 करोड़ से ज्यादा पैथोलॉजी जांचें की गईं. मेडिकल कॉलेजों की संख्या भी बढ़कर 83 पहुंच गई है. एमबीबीएस सीटें 5390 से बढ़कर 12800 हो गई हैं, जबकि पीजी सीटों में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

Advertisement

नर्सिंग शिक्षा पर भी जोर

नर्सिंग शिक्षा के विस्तार की जानकारी देते हुए बताया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 652 नर्सिंग संस्थान संचालित हैं. एएनएम, जीएनएम, बीएससी नर्सिंग और अन्य पाठ्यक्रमों की सीटों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा राज्य में लगभग 3.95 लाख पंजीकृत नर्सिंग स्टाफ उपलब्ध हैं. ‘मिशन निरामया 1.0’ के तहत नर्सिंग शिक्षा में हुए सुधारों की जानकारी भी दी गई. बताया गया कि 17 हजार स्कूलों में परामर्श सत्र आयोजित किए गए तथा 3.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंच बनाई गई. 10,570 नर्सिंग संकाय सदस्यों को प्रशिक्षित किया गया है.

---- समाप्त ----
Live TV

TOPICS:
Advertisement
Advertisement