मथुरा के थाना बरसाना पुलिस ने विश्व प्रसिद्ध 'लट्ठमार होली' की छवि सोशल मीडिया पर बदनाम करने वाले सात यूट्यूबर्स/सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. इन आरोपियों ने पिछले वर्षों के पुराने वीडियो क्लिप को एडिट कर इस तरह वायरल किया जिससे मथुरा और बरसाना की मर्यादा को ठेस पहुंचे.
पुलिस जांच में पाया गया कि इन भ्रामक वीडियो के जरिए ब्रज की परंपराओं को गलत तरीके से पेश किया गया था. मामले में बीएनएस और आईटी एक्ट की धारा 67/67A के तहत कार्यवाही शुरू कर दी गई है. यह कदम भ्रामक प्रचार से ब्रजवासियों में व्याप्त भारी आक्रोश के बाद उठाया गया है.
पुलिस ने नकारी छेड़छाड़ की खबरें
एसपी देहात सुरेश चंद रावत ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही खबरें पूरी तरह निराधार हैं. उन्होंने बताया कि ब्रज में 24 फरवरी से होली का पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया जा रहा है और किसी भी महिला या पर्यटक के साथ कोई अप्रिय घटना घटित नहीं हुई है. प्रशासन को इस संबंध में कोई भी लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है. पुलिस का कहना है कि पुराने वीडियो को नए रूप में दिखाकर लोगों को गुमराह करने और सांस्कृतिक विरासत को चोट पहुंचाने की कोशिश की गई है.
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सुरक्षा के कड़े इंतजाम और सीसीटीवी से निगरानी
होली पर्व की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है. जनपद में लगभग 230 स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है. इसके साथ ही एंटी रोमियो टीमें भी लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को कोई असुविधा न हो. एसपी देहात ने अपील की है कि यदि किसी के साथ कोई घटना होती है, तो वे तुरंत लिखित शिकायत दर्ज कराएं. भ्रामक वीडियो फैलाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है.