उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. एक युवक घर से मुंबई जाने के लिए निकला. रास्ते में उसने परिवार को फोन किया और बताया कि आगरा कैंट स्टेशन से उसकी ट्रेन छूट गई है. इसके बाद उसका फोन बंद हो गया. परिवार को लगा कि वह किसी दूसरी ट्रेन से मुंबई चला गया होगा. लेकिन अगले दिन जो खबर मिली, उसने सबको हिला दिया.
शुक्रवार की शाम शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के नगला प्रभु गांव के पास भुड़ा नहर में दो शव उतराते हुए दिखाई दिए. ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी. देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई. पुलिस ने दोनों शवों को नहर से बाहर निकलवाया और पहचान की कोशिश शुरू की.
युवक की पहचान एटा जिले के सेनुआ गांव के रहने वाले 26 साल के जितेंद्र के रूप में हुई. उसके पास मिले आधार कार्ड और पर्स से पुलिस ने शिनाख्त की. जब पुलिस ने परिवार से संपर्क किया तो पता चला कि जितेंद्र मुंबई में अपने भाई के साथ शटरिंग मजदूर का काम करता था. वह बुधवार को घर से मुंबई जाने के लिए निकला था.
परिजनों के मुताबिक, रास्ते में जितेंद्र ने फोन कर बताया था कि आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर उसकी ट्रेन छूट गई है. इसके बाद उससे कोई संपर्क नहीं हो सका. परिवार लगातार फोन मिलाता रहा, लेकिन मोबाइल बंद आता रहा. अब नहर से उसका शव मिलने के बाद परिवार सदमे में है.
लेकिन इस कहानी में एक और किरदार है. उसी नहर से एक महिला का शव भी बरामद हुआ. बाद में उसकी पहचान 28 वर्षीय फूलन देवी के रूप में हुई, जो जसराना क्षेत्र के नगला फकीरा गांव की रहने वाली थी. अब सवाल यही है कि क्या जितेंद्र और फूलन देवी एक-दूसरे को जानते थे? अगर जानते थे तो दोनों एक साथ नहर तक कैसे पहुंचे? और अगर नहीं जानते थे, तो फिर दोनों के शव एक ही जगह कैसे मिले?
क्षेत्राधिकारी अमरीश कुमार का कहना है कि दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है. रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह और मामले की असली तस्वीर साफ हो सकेगी. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों के बीच कोई संबंध था या नहीं. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि मामला हादसे का है, आत्महत्या का है या फिर इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश छिपी हुई है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच ही बताएगी कि यह महज संयोग था या फिर इसके पीछे कोई ऐसी कहानी है, जो अभी सामने आना बाकी है.