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होर्मुज में 'कयामत' का वो आधा घंटा! चश्मदीद दोस्त ने बयां की ओमान शिप हमले की खौफनाक दास्तान; आज देवरिया में शिवानंद का अंतिम संस्कार

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक शिप पर हुए हवाई हमले में जान गंवाने वाले देवरिया के शिवानंद चौरसिया का शव हादसे के आठ दिन बाद उनके पैतृक गांव पहुंचा. गुरुवार को बरहज के श्मशान घाट पर मासूम बेटे ने जब पिता को मुखाग्नि दी तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं.

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होर्मुज में मारे गए शिवानंद का अंतिम संस्कार (Photo: ITG)
होर्मुज में मारे गए शिवानंद का अंतिम संस्कार (Photo: ITG)

Uttar Pradesh News: देवरिया के सुरौली गांव निवासी शिवानंद चौरसिया की पिछले हफ्ते ओमान में सेटोबेला शिप पर अमेरिकी हवाई हमले के दौरान मौत हो गई थी. बुधवार शाम उनका शव विमान से गोरखपुर होते हुए एम्बुलेंस से उनके घर पहुंचा. प्रशासन द्वारा उचित मदद के आश्वासन के बाद गुरुवार को बरहज में उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ. हादसे के वक्त जहाज पर मौजूद शिवानंद के दोस्त और बैतालपुर के बेलही तिवारी गांव निवासी अमरेंद्र चौहान ने बताया कि सुबह करीब 7:30 बजे दो जोरदार धमाके हुए, जिसके बाद वर्कशॉप में काम कर रहे शिवानंद और एक अन्य इंजीनियर सुरेश लापता हो गए और इंजन रूम में भीषण आग लग गई.

चश्मदीद दोस्त की जुबानी, तबाही का मंजर

हादसे के वक्त शिप पर मौजूद अमरेंद्र चौहान ने बताया कि वे, शिवानंद और एक अन्य साथी साथ रहते थे. शिवानंद सुबह 7 बजे ड्यूटी पर गए थे. साढ़े सात बजे अचानक दो भीषण धमाके हुए. बाहर निकलने पर हर तरफ आग लगी थी. गिनती के दौरान तीन लोग लापता मिले. इंजन का दरवाजा खोलकर देखा गया, लेकिन आग के कारण वे अंदर नहीं जा सके. एक घायल कर्मी ने आधे घंटे तक सांस ली और फिर दम तोड़ दिया. अमरेंद्र के मुताबिक, पहले भी हमले की चेतावनियां मिली थीं, लेकिन कैप्टन बातें खुद हैंडल करते थे और नौकरी के चक्कर में वे लोग कॉन्ट्रैक्ट लेटर भी ठीक से नहीं पढ़ पाते थे.

मुआवजे और नौकरी की मांग पर अड़े परिजन

शिवानंद दिसंबर 2025 में शिप पर हेल्पर के तौर पर गए थे और सिंगापुर से लौटते समय यह हादसा हुआ. बुधवार को जब शव घर पहुंचा, तो परिजनों ने उसे एम्बुलेंस से उतारने से इनकार कर दिया. पिता रामजी चौरसिया ने डीएम को मांग पत्र सौंपकर पत्नी को नौकरी, केंद्र और राज्य सरकार से 1-1 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद, बच्चों की मुफ्त शिक्षा और शिवानंद को शहीद का दर्जा देने की मांग की. डीएम मधुसूदन हुलगी और एसपी अभिजीत आर शंकर ने मौके पर पहुंचकर परिवार को सांत्वना दी और मांगों को शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया.

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उदासीनता का आरोप और राजनीतिक प्रतिक्रिया

शिवानंद के मामा ने सरकार पर उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि देवरिया आए डिप्टी सीएम से मिलकर पत्रक दिया गया, लेकिन उन्होंने बिना देखे उसे अपने असिस्टेंट को सौंप दिया. वहीं सलेमपुर से सपा सांसद रमाशंकर राजभर ने परिवार से मिलकर 1 करोड़ रुपये, नौकरी और सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की मांग की और मामले को संसद में उठाने की बात कही. भाजपा विधायक सुरेंद्र चौरसिया ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनके साथ खड़े होने की बात कही.

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