उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम 'पाती' (चिट्ठी) लिखी है. इसमें उन्होंने कहा है कि नए भारत का नया उत्तर प्रदेश बीते 9 वर्षों में नव-निर्माण का स्वर्णिम अध्याय बन चुका है. सीएम योगी ने प्रदेशवासियों के नाम अपने संदेश में कहा है कि सुशासन और समावेशी नीतियों के बल पर आज उत्तर प्रदेश देश के टॉप-3 राज्यों में शामिल है.
उन्होंने उत्तर प्रदेश के बढ़ते सामर्थ्य की आधारशिला युवा, महिलाओं और अन्नदाताओं को बताया है. मुख्यमंत्री योगी ने कहा है कि उनकी सरकार वंचितों, पिछड़ों और दलितों के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है. योगी आदित्यनाथ ने अपनी पाती में लिखा है कि वन डिविजनल हेडक्वार्टर-वन स्पोर्ट्स कॉलेज, टेक युवा-समर्थ युवा योजना और एआई मिशन से युवाओं को सशक्त किया जा रहा है.
उन्होंने महिलाओं के लिए 'महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना', 'महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड' और 'श्रमजीवी महिला छात्रावास' जैसी योजनाओं का जिक्र किया है और कहा है कि प्रदेश में महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जा रहा है. सीएम ने कहा है कि 2017 से पहले बेसिक शिक्षा में बेटियां नंगे पैर स्कूल जाती थीं, जबकि अब हर छात्रा को दो यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते, मोजे और स्वेटर अनिवार्य रूप से मिलते हैं. सरकार ने क्षेत्र, जाति या मजहब का भेद नहीं किया क्योंकि बेटियां पूरे समाज की हैं.
मेरे सम्मानित प्रदेश वासियों,
'नए भारत' का 'नया उत्तर प्रदेश' नौ वर्षों में नव-निर्माण का स्वर्णिम अध्याय बन चुका है।
प्रदेश के बढ़ते सामर्थ्य की आधारशिला युवा, महिलाएं और अन्नदाता हैं। वंचितों, पिछड़ों एवं दलितों के सम्मान के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।
विकसित उत्तर प्रदेश @ 2047… pic.twitter.com/ltLBQsx48O— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) February 23, 2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के लोगों के नाम जारी अपनी 'पाती' में कहा है कि उनकी सरकार में अन्नदाताओं को बेहतर मूल्य दिलाने और उनके उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है. 2017 से पहले बिजली कटौती के दौर में ट्यूबवेल नहीं चलते थे, जबकि अब 16 लाख से अधिक किसानों को निःशुल्क बिजली मिल रही है. वृद्धावस्था, दिव्यांगजन और निराश्रित महिला पेंशन के 1.06 करोड़ लाभार्थियों के लिए राशि बढ़ाई गई है.
सीएम योगी ने बताया कि डॉ. भीमराव राम आंबेडकर, संत रविदास और महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमाओं को भव्य स्वरूप देने के लिए इस बार के बजट में ₹500 करोड़ उपलब्ध कराए गए हैं. उन्होंने कहा कि 2047 तक उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य बनाने का संकल्प तभी सिद्ध होगा, जब प्रदेश आत्मनिर्भर बनेगा.