Wrestlers' Protest: यौन शोषण के आरोपों का सामना कर रहे बीजेपी सांसद और भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आज दिल्ली पुलिस एफआईआर दर्ज हो सकती है. वहीं इस मामले में बृजभूषण सिंह ने आजतक से बातचीत में कहा- मुझे पता चला है कि मेरे खिलाफ FIR हो सकती है, लेकिन मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है. मैं पूरी तरह से मजे में हूं. कोर्ट में दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा. उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस अपनी जांच करे, मुझे पुलिस प्रणाली पर पूरा भरोसा है, सब सच सामने आ जाएगा. मैं किसी से बात नहीं करूंगा अब. मुझे अपना मीडिया ट्रायल नहीं करवाना है.
बृजभूषण सिंह ने आजतक से कहा- मैं भागा नहीं हूं. मैं अपने आवास पर हूं. जिन लोगों ने मुझ पर आरोप लगाया है, उनके पास मजबूत राजनीतिक समर्थन है. इस मामले का राजनीतिकरण किया जा रहा है. पहलवानों की मांगें लगातार बदल रही हैं. उन्होंने निचली अदालत के फैसले का इंतजार नहीं किया और सुप्रीम कोर्ट चले गए.
उन्होंने कहा- मैं सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत करता हूं. मैंने अपना कार्यकाल पूरा कर लिया है. मैं जांच में सहयोग करने को तैयार हूं. मैं आपके चैनल के माध्यम से सवाल पूछना चाहता हूं कि कैंप के अन्य पहलवान बाहर क्यों नहीं आए? सब कुछ उन्हीं के साथ ही क्यों हो रहा है?
प्रदेश के और भी कई पहलवान खेमे में हैं लेकिन उनके अलावा किसी अन्य पहलवान ने कोई आरोप नहीं लगाया है. मैं गलत नहीं था और न ही मैं हूं.
वे सवाल उठाते रहेंगे, दिल्ली पुलिस पर भी सवाल उठाएंगे. वे राजनीति से प्रेरित हैं. मुझे किसी भी मामले में किसी भी अदालत द्वारा दोषी नहीं ठहराया गया है.
उन्होंने कहा कि अगर कुश्ती संघ के अध्यक्ष पद से मेरे इस्तीफे से खिलाड़ी संतुष्ट हों, तो मैं पद छोड़ने के लिए तैयार हूं. मैं चाहता हूं कि खिलाड़ी धरना खत्म करें और रेसलिंग की तैयारी करें.
हालांकि विनेश फोगाट ने कहा कि हम चाहते हैं कि वह सांसद पद से इस्तीफा दें. उन्होंने महिला पहलवानों का शोषण किया है. हम उन्हें जेल भिजवाकर रहेंगे.
सात महिला पहलवानों ने लगाया है आरोप
पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह और कोच पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाकर उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है. सात महिला पहलवानों ने एक हफ्ते पहले दिल्ली पुलिस में बृजभूषण के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामले में शिकायत दर्ज कराई थी. पहलवानों का आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने मामले में अब तक FIR दर्ज नहीं की. इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. इस मामले में जब कोर्ट सुनवाई हुई तो सिलिस्टर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि आज ही बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दिल्ली पुलिस एफआईआर दर्ज करेगी.
जनवरी के बाद फिर धरने पर बैठे पहलवान
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलवान बीजेपी नेता के खिलाफ धरने पर बैठे हैं. इससे पहले पहलवानों ने जनवरी में भी धरना दिया था. हालांकि, तब खेल मंत्रालय के दखल के बाद पहलवानों ने अपना धरना खत्म कर दिया था. तब खेल मंत्रालय ने पहलवानों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों की जांच के लिए कमेटी का गठन किया था. अब तीन महीने बाद पहलवान फिर धरना दे रहे हैं. पहलवानों ने अब कमेटी पर ही सवाल खड़े किए हैं.
बीजेपी सांसद पर दर्ज हैं 38 केस!
पहलवानों ने धरनास्थल पर एक पोस्टर लगाया है. इसमें बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दर्ज मामलों को दिखाया गया है. पोस्टर में कुश्ती संघ के अध्यक्ष पर दर्ज 38 मामलों का जिक्र है.
'अध्यक्ष के जेल जाने तक जारी रहेगा धरना'
जंतर-मंतर पर धरना दे रहे पहलवानों ने शुक्रवार शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि बृजभूषण सिंह को सभी पदों से हटाया जाए और जेल भेजा जाए. उन्होंने कहा कि जब यह उनके खिलाफ यह कार्रवाई नहीं होगी, पहलवानों का धरना जारी रहेगा.
विनेश फोगाट ने कहा कि बृजभूषण सिंह को सभी पदों से हटाया जाए, वह अपने पदों का दुरुपयोग कर सकते हैं. हमें किसी भी कमेटी या कमेटी के सदस्य पर भरोसा नहीं है. उन्होंने कहा कि ये लड़ाई सिर्फ FIR तक नहीं थी. लड़ाई बृजभूषण सिंह को सजा दिलाने की है. बृजभूषण सिंह को जेल में डाला जाए.
वहीं बजरंग पूनिया ने कहा कि हमारा धरना जारी रहेगा. मैं दिल्ली पुलिस को बताना चाहता हूं कि बृजभूषण कुश्ती संघ के अध्यक्ष हैं. अगर अध्यक्ष यौन उत्पीड़न करते हैं तो पहलवान किससे संपर्क करेंगे. दिल्ली पुलिस को बृजभूषण को तुरंत गिरफ्तार करना चाहिए.