बिजनौर जिले के मंडावर थाना क्षेत्र में 7 वर्षीय एक बच्चे की मौत के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. परिजनों का आरोप है कि छह दिन पहले पड़ोसियों के साथ हुए विवाद के दौरान एक युवक ने बच्चे को पशुओं के लिए इस्तेमाल होने वाला इंजेक्शन लगा दिया था. घटना के बाद बच्चे की तबीयत लगातार बिगड़ती गई और मेरठ के अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा.
21 जून को हुआ था विवाद
घटना मंडावर थाना क्षेत्र के मोहल्ला कस्साबान स्थित आयशा कॉलोनी की है. मृतक बच्चे की पहचान 7 वर्षीय रूहान के रूप में हुई है. रूहान की मां रेशमा, पत्नी गुलजार कुरैशी ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि 21 जून की शाम उनकी बेटी मस्जिद से पढ़ाई कर घर लौट रही थी. आरोप है कि रास्ते में पड़ोस में रहने वाले अरमान कुरैशी ने उसकी पिटाई कर दी.
बेटी के शोर मचाने पर रेशमा अपने बेटे रूहान के साथ मौके पर पहुंचीं. आरोप है कि इसी दौरान विवाद बढ़ गया और पप्पू कुरैशी व अल्लू कुरैशी भी वहां पहुंच गए. परिजनों का कहना है कि तीनों ने उनके साथ मारपीट की.
'मारपीट के दौरान बच्चे को लगाया गया पशुओं का इंजेक्शन'
रेशमा का आरोप है कि झगड़े के दौरान अरमान कुरैशी ने उनके 7 वर्षीय बेटे रूहान को पशुओं में इस्तेमाल होने वाला इंजेक्शन लगा दिया. उनका कहना है कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने मंडावर थाने में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी.
अचानक बिगड़ी तबीयत, मेरठ में इलाज के दौरान मौत
परिजनों के अनुसार घटना के कुछ दिन बाद बुधवार को रूहान की तबीयत अचानक गंभीर रूप से खराब हो गई. पहले उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उसे मेरठ के हायर सेंटर रेफर कर दिया. वहां उपचार के दौरान शुक्रवार सुबह मासूम ने दम तोड़ दिया.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा मौत के कारण का खुलासा
पुलिस ने बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चे की मौत कथित इंजेक्शन के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य चिकित्सीय वजह रही.
क्या बोली पुलिस? -
सीओ सिटी अभय कुमार पांडेय ने बताया कि मिली शिकायत की भी जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी. यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.