वाराणसी के बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के डालमिया हॉस्टल में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब मेस में परोसी गई चिकन करी में चिकन पीस की जगह मरी हुई छिपकली दिखाई पड़ी. इस घटना के सामने आते ही हॉस्टल में हड़कंप मच गया और खाना खा रहे छात्र असहज हो गए. कई छात्रों ने उल्टी और मितली की शिकायत भी की. देखते ही देखते बड़ी संख्या में छात्र मेस के बाहर इकट्ठा हो गए और खाने की गुणवत्ता को लेकर विरोध शुरू कर दिया.
बताया गया कि करीब 30 से 40 छात्र उसी चिकन करी को खा चुके थे, जबकि कई अन्य छात्र मेस में बैठकर खाना खा रहे थे. जैसे ही छात्रों को जानकारी मिली कि चिकन करी में मरी हुई छिपकली मिली है, तो मेस में मौजूद छात्रों के बीच नाराजगी फैल गई. कुछ छात्रों ने तबीयत खराब होने और उल्टी-मितली जैसी समस्या होने की बात कही.
घटना की जानकारी मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन सक्रिय हो गया. मौके पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम और हॉस्टल के वार्डन पहुंचे. इस दौरान आक्रोशित छात्रों ने वार्डन का घेराव किया और मेस में खाने की गुणवत्ता समेत हॉस्टल की अन्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए.
छात्रों ने मेस व्यवस्था पर उठाए सवाल
काफी देर तक चले हंगामे और बातचीत के बाद छात्रों को शांत कराया गया. वार्डन ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि मेस संचालक को हटाने की कार्रवाई की जाएगी और हॉस्टल में व्याप्त अन्य समस्याओं को भी जल्द दूर किया जाएगा. इसके बाद छात्र शांत हुए.
इस दौरान छात्रों ने अधिकारियों को एक शिकायत पत्र भी सौंपा, जिसमें मेस की खराब व्यवस्था और हॉस्टल की अन्य समस्याओं का जिक्र किया गया. छात्रों का कहना था कि मेस में खाने की गुणवत्ता बेहद खराब है और हॉस्टल में शुद्ध पेयजल का भी गंभीर संकट बना हुआ है.
मेस संचालक ने दी सफाई
छात्रों ने बताया कि छिपकली निकलने की खबर के बाद कई छात्रों को उल्टी होने लगी थी. हालांकि फिलहाल किसी छात्र की तबीयत ज्यादा खराब नहीं हुई है. घटना के बाद हॉस्टल में लंबे समय तक तनाव का माहौल बना रहा.
वहीं, मेस संचालक अरविंद चौरसिया ने सफाई देते हुए कहा कि गर्मी के दिनों में काफी संख्या में छिपकलियां आ जाती हैं और संभवतः उन्हीं में से कोई एक खाने में गिर गई होगी. फिलहाल पूरे मामले को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है.