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हाथों की मेहंदी, कोख में 3 महीने का बच्चा और 'अनाथ' नेहा... बागपत के डबल मर्डर ने उजाड़ दिया हंसता-खेलता संसार

बागपत में 9 जून को ₹100 के पुराने विवाद में हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी ने व्यापारी सोहनलाल और उनके इकलौते बेटे विकास की गोली मारकर हत्या कर दी. इस वारदात से छह महीने पहले ब्याही अनाथ नेहा का संसार उजड़ गया, जो तीन महीने की गर्भवती है. सास ने भी पति-बेटा दोनों खो दिए.

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मृतक व्यापारी विकास अग्रवाल की पत्नी (Photo- ITG)
मृतक व्यापारी विकास अग्रवाल की पत्नी (Photo- ITG)

Uttar Pradesh News: बागपत के डबल मर्डर ने सिर्फ दो जिंदगियां नहीं छीनीं, बल्कि एक पूरे परिवार की खुशियां भी उजाड़ दीं. व्यापारी विकास अग्रवाल की मौत के बाद सबसे बड़ा दर्द अगर किसी को मिला है तो वह है विकास की पत्नी नेहा को. शादी को अभी महज छह महीने ही हुए थे, हाथों की मेहंदी का रंग भी पूरी तरह फीका नहीं पड़ा था कि किस्मत ने उसके सिर से पति का साया छीन लिया. नेहा की कोख में पल रही तीन महीने की मासूम जिंदगी अब अपने पिता को कभी नहीं देख पाएगी.

दरअसल, बागपत में 9 जून 2026 की शाम हुई खूनी वारदात ने एक हंसते-खेलते परिवार को हमेशा के लिए बिखेर दिया. कारोबारी सोहनलाल अग्रवाल और उनके बेटे विकास अग्रवाल की हत्या के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. लेकिन इस त्रासदी का सबसे दर्दनाक चेहरा विकास की पत्नी नेहा का है, जिसकी शादी को अभी केवल छह महीने ही हुए थे. 

नेहा ने शायद सपने में भी नहीं सोचा होगा कि जिस शख्स के साथ उसने सात फेरे लेकर पूरी जिंदगी बिताने का वादा किया था, वह इतनी जल्दी उसका साथ छोड़ जाएगा. शादी के छह महीने बाद ही उसकी दुनिया उजड़ गई. अभी तो नए जीवन की शुरुआत हुई थी, भविष्य के सपने बुने जा रहे थे, लेकिन 9 जून की शाम सब कुछ खत्म हो गया.

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नेहा तीन महीने की गर्भवती है. उसकी कोख में विकास की आखिरी निशानी पल रही है. पति की मौत के बाद अब उसी आने वाले बच्चे में उसे अपने जीवन का सहारा नजर आ रहा है. नेहा पहले से ही जीवन में कई संघर्ष झेल चुकी थी. उसके मायके में भी कोई अपना नहीं था. वह अनाथ थी. नाम को सिर्फ बहने थी जिन्होंने उसकी शादी कराई ऐसे में विकास के रूप में उसे एक जीवनसाथी ही नहीं, बल्कि अपना पूरा संसार मिला था. लेकिन अब वह संसार भी उससे छिन गया. 

इतना ही नहीं उसकी सास की हालत भी किसी को भी भावुक कर देने वाली है. उन्होंने एक ही दिन में अपना पति और अपना इकलौता बेटा दोनों खो दिया. आंखों में आंसू हैं, लेकिन दर्द इतना गहरा है कि शब्द भी साथ छोड़ चुके हैं. न वह कुछ कह पा रही हैं और न ही किसी से नजर मिला पा रही हैं. घर का इकलौता चिराग बुझ चुका है और पूरे परिवार पर मातम पसरा हुआ है.

यह खूनी वारदात 9 जून 2026 की शाम को हुई थी. पुरानी रंजिश के चलते हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी दुकान पर पहुंचा और व्यापारी सोहनलाल पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं. पिता को बचाने के लिए आगे आए बेटे विकास को भी उसने निशाना बना लिया. कुछ ही पलों में बाप-बेटे की जिंदगी खत्म हो गई और पूरा परिवार तबाह हो गया. कहा जा रहा है कि इस दुश्मनी की जड़ वर्षों पुरानी वह रंजिश थी, जिसकी शुरुआत महज सौ रुपये के विवाद से हुई थी. लेकिन समय के साथ यह विवाद इतनी खतरनाक दुश्मनी में बदल गया कि आखिरकार दो जिंदगियां निगल गया और कई लोगों को जिंदगी भर का दर्द दे गया. हर तरफ एक ही सवाल गूंज रहा है- आखिर इस रंजिश ने किसका भला किया? पीछे रह गई है एक गर्भवती पत्नी, बूढ़ी मां और वह मासूम बच्चा, जो इस दुनिया में आने से पहले ही अपने पिता को खो चुका है. 
 

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