
Budaun Double Murder Case: बदायूं के मूसाझाग थाना क्षेत्र स्थित एचपीसीएल (HPCL) प्लांट में गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे एक सनकी पूर्व वेंडर अजय प्रताप सिंह उर्फ रामू ने अंधाधुंध फायरिंग कर दो सीनियर अधिकारियों की जान ले ली. संतोषजनक काम न होने के कारण डिप्टी जनरल मैनेजर सुधीर कुमार गुप्ता ने आरोपी का टेंडर निरस्त कर उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया था, जिससे नाराज होकर उसने इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया. सुरक्षा घेरा तोड़कर कॉन्फ्रेंस रूम में घुसे हमलावर ने पहले सुधीर गुप्ता पर गोलियां चलाईं और बीच-बचाव करने आए हर्षित मिश्रा को भी मौत के घाट उतार दिया. आरोपी ने पुरानी रंजिश और वर्चस्व दिखाने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया.
पुरानी रंजिश और पुलिस की सुस्ती
जांच में सामने आया है कि आरोपी अजय प्रताप पिछले कई महीनों से अधिकारियों को डरा रहा था. उसने जनवरी में भी प्लांट में घुसकर हंगामा किया था और अधिकारियों का 5 किलोमीटर तक पीछा किया था. हैरानी की बात यह है कि सुधीर गुप्ता ने खुद वादी बनकर 4 फरवरी 2026 को FIR दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया.

रिटायरमेंट से पहले खत्म हुई जिंदगी
मृतक जनरल मैनेजर सुधीर कुमार गुप्ता का ट्रांसफर हो चुका था और उन्होंने वीआरएस (VRS) के लिए आवेदन कर रखा था. 31 मार्च उनका आखिरी कार्यदिवस होना था. घटना के समय महाराष्ट्र से आए नए अधिकारी लोकेश कुमार भी वहां मौजूद थे, जिन्होंने अपनी आंखों के सामने यह खौफनाक मंजर देखा. पुलिस की ढिलाई के कारण दो होनहार अधिकारियों को अपनी जान गंवानी पड़ी.
लापरवाही पर एक्शन और गिरफ्तारी
वारदात के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. लापरवाही बरतने के आरोप में इंस्पेक्टर अजय कुमार और सब-इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है. डीआईजी अजय कुमार साहनी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं. सवाल बना हुआ है कि अगर समय रहते कार्रवाई होती, तो शायद यह जान बच सकती थी.