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आंखों देखी: रामनवमी पर श्रृंगार और 'सूर्य तिलक' का अलौकिक संगम... देखें- अयोध्या में कैसी तैयारियां

रामनवमी से पहले अयोध्या पूरी तरह सजकर तैयार है. रामलला का दिव्य श्रृंगार, 1 हजार 251 हवन कुंडों पर महायज्ञ और दोपहर 12 बजे ‘सूर्य तिलक’ सबसे बड़ा आकर्षण रहेगा. देश-विदेश से श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है. सुरक्षा के लिए शहर को 6 जोन और 29 सेक्टर में बांटकर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.

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दोपहर 12:00 बजे जन्मोत्सव आरती के साथ पट खुलेंगे.(Photo: ITG)
दोपहर 12:00 बजे जन्मोत्सव आरती के साथ पट खुलेंगे.(Photo: ITG)

रामनगरी अयोध्या में इस बार रामनवमी का पर्व भक्ति, वैभव और दिव्यता का अद्भुत संगम बनने जा रहा है. भगवान श्रीराम के बाल रूप रामलला का जन्मोत्सव इस बार ऐतिहासिक और भव्य स्वरूप में मनाया जाएगा, जिसमें आस्था के साथ आधुनिक विज्ञान का भी अनूठा मेल देखने को मिलेगा.

मैं समर्थ श्रीवास्तव, आजतक के रिपोर्टर के तौर पर पूरे दिन अयोध्या में मौजूद रहा और परखा कि आखिर अयोध्या रामनवमी के मौके के लिए कितनी तैयार है. एक बात साफ है कि जिस तरह श्रद्धालुओं की भीड़ आज देखने को मिली है, कल रामनवमी के दिन राम मंदिर के आसपास पैर रखने की जगह नहीं होगी. भीड़ काफी हद तक और बढ़ने वाली है और मंदिर ट्रस्ट भी नए रिकॉर्ड बनने का अनुमान लगा रहा है.

अयोध्या में श्री लक्ष्मीनारायण सह हनुमत श्रीराम महायज्ञ भी हो रहा है, जिसमें जीयर स्वामी जी महाराज सम्मिलित हो रहे हैं. रामनवमी के अवसर पर 1251 हवन कुंडों पर एक साथ 5000 यजमान आहुति दे रहे हैं. यह यज्ञ रामनवमी के साथ विश्व में युद्ध की स्थिति को देखते हुए भी किया जा रहा है और विश्व शांति का आह्वान किया जा रहा है.

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राजघाट यज्ञ परिसर में जीयर स्वामी जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित लक्ष्मी नारायण महायज्ञ में आस्था और श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा है. यह महायज्ञ 28 मार्च तक चलेगा. यज्ञ मंडप में 1251 हवन कुंड स्थापित किए गए हैं, जिनमें प्रत्येक कुंड पर चार-चार यजमान बैठकर आहुति दे रहे हैं. वैदिक मंत्रों की गूंज से पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक माहौल में डूब गया है.

मंदिर में रामलला का विशेष अभिषेक कर उन्हें पीले वस्त्र धारण कराए जाएंगे. इसके साथ ही सोने का मुकुट और हीरा-पन्ना जड़ित स्वर्ण आभूषणों से उनका दिव्य श्रृंगार किया जाएगा, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा.

भूतल पर प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह तीसरा रामनवमी उत्सव है, लेकिन इस बार खास बात यह है कि मंदिर के प्रथम तल पर ‘राजा राम’ के रूप में पहली बार उत्सव मनाया जाएगा. यहां भव्य राजशाही दरबार सजेगा, जो रामराज्य की अनुभूति कराएगा.

सूर्य तिलक बनेगा सबसे बड़ा आकर्षण

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रोटोकॉल के अनुसार- सुबह 9:30 से 10:30 बजे तक अभिषेक, 10:30 से 10:40 बजे तक गर्भगृह के पट बंद, 10:40 से 11:45 बजे तक दिव्य श्रृंगार, 11:45 बजे भोग के लिए पट बंद और दोपहर 12:00 बजे जन्मोत्सव आरती के साथ पट खुलेंगे.

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ठीक दोपहर 12 बजे रामलला के प्राकट्य के क्षण पर लगभग चार मिनट तक सूर्य की किरणें सीधे उनके मस्तक पर पड़ेंगी, जिसे ‘सूर्य तिलक’ कहा जा रहा है. यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं होगा.

रामनवमी पर मंदिर में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भजन, कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है, जिससे पूरा वातावरण राममय रहेगा. देश-विदेश से श्रद्धालु अयोध्या पहुंचेंगे और मंदिर परिसर में मौजूद भक्त इस अलौकिक क्षण के साक्षी बनेंगे.

रामनवमी पर्व को लेकर अयोध्या धाम की सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है. शहर को 6 जोन और 29 सेक्टर में बांटा गया है. हनुमानगढ़ी, कनक भवन, नयाघाट और नागेश्वरनाथ मंदिर सहित प्रमुख मंदिरों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं. अन्य जिलों से तैनात 10 एएसपी, 30 सीओ और 200 निरीक्षकों के साथ सुरक्षा का कड़ा पहरा रहेगा. एडीजी जोन प्रवीण कुमार, डीआईजी सोमेन वर्मा और एसएसपी डॉ गौरव ग्रोवर लगातार अयोध्याधाम में भ्रमणशील हैं.

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