रीवा एक्सप्रेस ट्रेन में कथित हमले की घटना को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. एक ओर जहां आशुतोष ब्रह्मचारी इसे अपने ऊपर हुआ जानलेवा हमला बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी ने इस पूरे मामले को साजिश बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की मांग की है.
दिनेश फलाहारी का कहना है कि ट्रेन के एसी कोच के टॉयलेट में हुई यह घटना कई सवाल खड़े करती है. उनका दावा है कि आशुतोष ब्रह्मचारी ने खुद ही टॉयलेट में जाकर अपनी नाक पर चीरा लगाया और इसे हमला बताकर उन्हें और उनके संगठन को फंसाने की कोशिश की है. मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में दिनेश फलाहारी ने कहा है कि अगर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करनी है तो इसे सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए. उनका कहना है कि सीबीआई जांच होने पर सच्चाई अपने आप सामने आ जाएगी. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार इस मामले की सीबीआई जांच नहीं कराती है तो वह भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होंगे. उनका कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति पर हुए हमले का नहीं, बल्कि धार्मिक और सामाजिक संगठनों की छवि से भी जुड़ा हुआ है.
टॉयलेट के बाहर कुछ नहीं हुआ
दिनेश फलाहारी ने यह भी कहा कि ट्रेन के कोच अटेंडेंट के मुताबिक टॉयलेट के बाहर किसी तरह की कोई घटना नहीं हुई थी. ऐसे में यह सवाल उठता है कि अगर हमला हुआ तो किसने और कैसे किया. उनका आरोप है कि पूरी कहानी गढ़ी गई है और इसे इस तरह पेश किया जा रहा है ताकि संगठन और उससे जुड़े लोगों को बदनाम किया जा सके.
नार्को टेस्ट की भी मांग
दिनेश फलाहारी ने अपने पत्र में एक और मांग उठाई है. उन्होंने कहा कि इस मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए आशुतोष पांडे उर्फ आशुतोष ब्रह्मचारी का नार्को टेस्ट भी कराया जाना चाहिए. उनका कहना है कि अगर नार्को टेस्ट कराया जाए तो यह साफ हो जाएगा कि घटना वास्तव में क्या है और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं. फलाहारी ने आरोप लगाया कि यह व्यक्ति पहले भी विवादों में रहा है और उस पर कई तरह के आरोप लग चुके हैं.
आशुतोष ब्रह्मचारी का आरोप
दूसरी ओर, आशुतोष ब्रह्मचारी का कहना है कि उनके ऊपर ट्रेन में जानलेवा हमला हुआ था. उनका आरोप है कि हमलावर ने धारदार हथियार से उनकी नाक काटने की कोशिश की और कहा कि वह नाक काटकर अपने गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के चरणों में अर्पित करना चाहता है. आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया कि हमले के बाद वह किसी तरह ट्रेन के टॉयलेट में घुस गए और अंदर से दरवाजा बंद कर अपनी जान बचाई. उनका कहना है कि हमलावर ने दरवाजा तोड़ने की भी कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सका.
मेडिकल जांच में आई चोटें
आशुतोष ब्रह्मचारी ने बताया कि घटना के बाद जीआरपी ने उन्हें दो बार मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा. प्रयागराज के काल्विन अस्पताल में उनका परीक्षण कराया गया. मेडिकल जांच में उनके शरीर पर चोटों की पुष्टि हुई है. उन्होंने कहा कि चोटों के कारण उन्हें सांस लेने में परेशानी हो रही है और आंखों से देखने में भी दिक्कत हो रही है. डॉक्टरों ने उनका एक्स-रे और सीटी स्कैन भी कराया है ताकि चोटों की गंभीरता का पता लगाया जा सके.
सोशल मीडिया पर हमले की जिम्मेदारी
आशुतोष ब्रह्मचारी ने एक और बड़ा दावा किया है. उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. उन्होंने आरोप लगाया कि वह व्यक्ति स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है. ऐसे में उन्हें शक है कि इस हमले के पीछे वही लोग हो सकते हैं जो उनके खिलाफ चल रहे विवाद से जुड़े हैं.
आरोपों का खंडन
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से यह आरोप लगाया गया था कि आशुतोष ब्रह्मचारी ने सुरक्षा पाने के लिए खुद पर हमला कराया है. इस आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि अगर ऐसा है तो वे भी अपने ऊपर वैसा ही हमला कराकर दिखाएं. उन्होंने कहा कि यह कहना कि उन्होंने खुद पर हमला कराया है, पूरी तरह गलत और निराधार है. गौरतलब है कि आशुतोष ब्रह्मचारी ने जिला अदालत में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया है. इस मामले को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा है.
यात्रा को लेकर भी उठाए सवाल
आशुतोष ब्रह्मचारी ने यह भी आरोप लगाया कि अदालत में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने यह कहा था कि वह बनारस छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे. लेकिन अब वह लखनऊ की यात्रा पर जा रहे हैं. आशुतोष ब्रह्मचारी का कहना है कि यह अदालत में किए गए वादे का उल्लंघन है. उन्होंने सरकार से मांग की है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की यात्रा उन जिलों तक न जाने दी जाए जहां इस मामले से जुड़े लोग रहते हैं.
ट्रेन में हुआ था हमला
यह पूरी घटना रविवार सुबह करीब पांच बजे की बताई जा रही है. आशुतोष ब्रह्मचारी रीवा एक्सप्रेस से गाजियाबाद से प्रयागराज की ओर यात्रा कर रहे थे. जब ट्रेन कौशांबी जिले के सिराथू रेलवे स्टेशन के पास पहुंची, उसी दौरान कथित रूप से उन पर हमला हुआ. आशुतोष ब्रह्मचारी एच-1 एसी कोच में सीट नंबर 15 पर सफर कर रहे थे. उनका कहना है कि हमलावर ने अचानक धारदार हथियार से उन पर हमला कर दिया. हमले के बाद किसी तरह घायल अवस्था में वह प्रयागराज पहुंचे. वहां उन्होंने जीआरपी थाने में जानलेवा हमले की शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और ट्रेन में मौजूद यात्रियों तथा रेलवे कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है.