पश्चिम बंगाल में जारी चुनावी हलचल का असर अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी साफ दिखाई देने लगा है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बंगाल के चुनावी माहौल को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा निशाना साधा है. उन्होंने दावा किया कि राज्य में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ेगा और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का समर्थन करते हुए कहा कि 'दीदी हैं और दीदी ही रहेंगी.'
अखिलेश यादव ने X पर एक पोस्ट शेयर करते एक अखबार की कटिंग भी लगाई, जिसमें पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों और बीडीओ के तबादलों का उल्लेख था. इसी मुद्दे को आधार बनाकर उन्होंने भाजपा पर सवाल खड़े किए.
अपने पोस्ट में उन्होंने तीन हिस्सों में अपनी बात रखी. पहले हिस्से में उन्होंने साफ कहा कि भाजपा बंगाल में बुरी तरह हार रही है. दूसरे हिस्से में उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पार्टी की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है और पहली बार ऐसा दिख रहा है कि भाजपा अपनी 'सम्मानजनक हार' की तैयारी कर रही है. उन्होंने इन तबादलों को सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया न मानते हुए चुनावी गड़बड़ी करार दिया.
तीसरे हिस्से में उन्होंने निष्कर्ष निकालते हुए कहा कि बड़ी संख्या में अधिकारियों के तबादले यह संकेत देते हैं कि भाजपा को चुनाव में सफलता नहीं मिलने वाली. उन्होंने एक बार फिर ममता बनर्जी के समर्थन में अपनी बात दोहराई.
'ये तबादले नहीं, चुनावी हेराफेरी है'
अखिलेश ने लिखा, 'भाजपा बंगाल बुरी तरह हार रही है. विशिष्ट बात: प. बंगाल में भाजपा की स्थिति दिन-पर-दिन बद से बदतर होती जा रही है. ऐसा पहली बार देखा जा रहा है कि भाजपा सम्मानजनक हार के लिए अपनी व्यवस्था कर रही है. यही इस चुनाव की विशिष्टता है. ये तबादले नहीं, चुनावी हेराफेरी है. निष्कर्ष- भाजपा जिस बड़ी संख्या में बंगाल में पुलिस अधिकारियों और बीडीओ को बदल रही है, उससे ये बात साबित होती है कि बंगाल में भाजपा का मुंह मीठा नहीं होगा. दीदी हैं, दीदी रहेंगी.'
अखिलेश यादव पहले भी चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठा चुके हैं. उनका कहना है कि आयोग केवल विपक्ष शासित राज्यों में ही अधिकारियों के तबादले करता है, जबकि भाजपा शासित राज्यों में विपक्ष की शिकायतों को नजरअंदाज किया जाता है. इस तरह पश्चिम बंगाल के चुनाव को लेकर शुरू हुई यह राजनीतिक बयानबाजी अब दूसरे राज्यों की राजनीति में भी हलचल पैदा कर रही है.