भरे हुए डस्टबिन के अंदर कूड़ा नहीं डाल पाने की वजह से उसके बगल में एक डिब्बे में घर का कचरा निकालकर रख देना एक शख्स को इतना महंगा पड़ गया कि उस पर करीब 1 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया गया. हालांकि, बाद में जुर्माने की रकम कम कर दी गई, लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ. शख्स अब भी इस फैसले के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है और इसे पूरी तरह गलत बता रहा है.
द मिरर के मुताबिक, यह मामला ब्रिटेन के हैम्पशायर के न्यू मिल्टन इलाके का है. यहां रहने वाले ली रेनॉल्ड्स एक बड़े गत्ते के डिब्बे (कार्डबोर्ड बॉक्स) को रिसाइक्लिंग सेंटर में फेंकने पहुंचे थे. लेकिन वहां लगे चारों रिसाइक्लिंग डस्टबिन पहले से ही कूड़े से पूरी तरह भरे हुए थे. ऐसे में उन्होंने अपना कार्डबोर्ड बॉक्स डस्टबिन के पास जमीन पर रख दिया.
कुछ दिन बाद घर पहुंच गया नोटिस
इस घटना के कुछ दिन बाद, 3 जून को ली रेनॉल्ड्स के पास न्यू फॉरेस्ट डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (NFDC) की ओर से नोटिस पहुंचा. उन पर गैरकानूनी तरीके से कचरा फेंकने यानी फ्लाई-टिपिंग का आरोप लगाया गया और 1,000 पाउंड (करीब 1 लाख रुपये) का जुर्माना लगा दिया गया. रेनॉल्ड्स का कहना है कि नोटिस देखकर उन्हें इतना झटका लगा कि उनकी तबीयत खराब हो गई.
काउंसिल का दावा था कि वहां लगे डस्टबिन सप्ताह में तीन बार खाली किए जाते हैं. लेकिन रेनॉल्ड्स ने उस दिन की तस्वीरें दिखाईं, जिनमें साफ नजर आ रहा था कि चारों डस्टबिन पूरी तरह भरे हुए थे और उनमें कुछ भी डालने की जगह नहीं बची थी. उन्होंने जुर्माने के खिलाफ अपील करते हुए कहा कि डस्टबिन के पास कचरा न रखने की चेतावनी वाला बोर्ड भी कूड़े के ढेर के कारण दिखाई नहीं दे रहा था.
जुर्माना घटा, लेकिन मामला नहीं सुलझा
अपील के बाद काउंसिल ने फ्लाई-टिपिंग का आरोप हटाकर इसे घरेलू कचरे का सही तरीके से प्रबंधन न करने का मामला मान लिया. इसके बाद जुर्माना घटाकर 300 पाउंड कर दिया गया. साथ ही कहा गया कि अगर तय तारीख तक भुगतान कर दिया जाए तो सिर्फ 150 पाउंड देने होंगे.
समय सीमा खत्म होने से पहले ली रेनॉल्ड्स ने मजबूरी में 150 पाउंड का जुर्माना भर दिया, लेकिन उनका कहना है कि उन्होंने सिर्फ कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए ऐसा किया. उन्होंने कहा कि मैं कानून का पालन करने वाला नागरिक हूं. इस पूरे मामले ने मुझे मानसिक रूप से परेशान कर दिया. अगर जुर्माना नहीं भरता तो मेरे खिलाफ मुकदमा चल सकता था.
अब भी लड़ रहे हैं कानूनी लड़ाई
रेनॉल्ड्स का कहना है कि वह अभी भी हार नहीं मानेंगे. उन्होंने इस मामले को जिला परिषद की शिकायत प्रक्रिया में भेज दिया है. अगर वहां भी उन्हें राहत नहीं मिली, तो वे लोकल गवर्नमेंट एंड सोशल केयर ओम्बुड्समैन के पास शिकायत करेंगे.
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उनका आरोप है कि रिसाइक्लिंग सेंटर में हर तरफ कचरा फैला रहता है और यह आग लगने जैसी घटनाओं का खतरा भी पैदा करता है. ऐसे में सफाई की जिम्मेदारी निभाने में प्रशासन की नाकामी का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है.
काउंसिल ने क्या कहा?
न्यू फॉरेस्ट डिस्ट्रिक्ट काउंसिल ने इस मामले पर किसी एक व्यक्ति से जुड़े मामले में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. हालांकि, काउंसिल ने कहा कि अगर रिसाइक्लिंग डस्टबिन भर भी गए हों, तब भी उनके बगल में कचरा रखना नियमों के मुताबिक फ्लाई-टिपिंग माना जाता है.
काउंसिल का कहना है कि इससे न सिर्फ आसपास गंदगी फैलती है, बल्कि पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है. कई बार कचरा खराब होने के कारण उसे रिसाइक्लिंग के बजाय फेंकना पड़ता है, जिससे अतिरिक्त खर्च भी आता है.
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प्रशासन ने यह भी बताया कि इस जगह पर पहले भी कई बार फ्लाई-टिपिंग की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. इसी वजह से घटना से पहले 20 मई को वहां नए साइन बोर्ड लगाए गए थे और लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया गया था.