प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों इंडोनेशिया के राजकीय दौरे पर हैं. दोनों देशों ने स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल तकनीक और कई अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं. भारत और इंडोनेशिया के रिश्ते सिर्फ व्यापार और कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हजारों साल पुराने सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंध भी दोनों देशों को जोड़ते हैं.
इसी बीच सोशल मीडिया पर इंडोनेशिया के 20,000 रुपियाह के एक पुराने नोट की तस्वीर फिर चर्चा में आ गई है. इस नोट पर भगवान गणेश की तस्वीर छपी थी. इसे देखकर कई लोग हैरान होते हैं कि दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम बहुल देश की करेंसी पर आखिर हिंदू देवता भगवान गणेश की तस्वीर क्यों छापी गई थी.
1998 में जारी हुआ था भगवान गणेश वाला नोट
इंडोनेशिया के केंद्रीय बैंक बैंक इंडोनेशिया ने 1998 में 20,000 रुपियाह का नोट जारी किया था. इस नोट के एक तरफ इंडोनेशिया के महान शिक्षाविद और राष्ट्रीय नायक की हजर देवंतरा की तस्वीर थी, जबकि दूसरी तरफ भगवान गणेश की प्रतिमा बनाई गई थी.
भगवान गणेश को इस नोट पर धार्मिक पहचान के रूप में नहीं, बल्कि ज्ञान, बुद्धिमत्ता और शिक्षा के प्रतीक के तौर पर स्थान दिया गया था. यही कारण था कि इस नोट को शिक्षा से जुड़ी थीम के साथ डिजाइन किया गया.
आखिर गणेश जी ही क्यों?
इंडोनेशिया की सांस्कृतिक जड़ें प्राचीन भारतीय सभ्यता से गहराई से जुड़ी रही हैं. पहली सहस्राब्दी में भारतीय व्यापारियों, विद्वानों और समुद्री मार्गों के जरिए वहां हिंदू और बौद्ध संस्कृति का प्रभाव पहुंचा. समय के साथ वहां श्रीविजय और मजापहित जैसे शक्तिशाली हिंदू-बौद्ध साम्राज्य विकसित हुए.
आज भी इंडोनेशिया के कई हिस्सों में इस विरासत की झलक साफ दिखाई देती है. खासकर बाली में हिंदू धर्म प्रमुख रूप से प्रचलित है. इसके अलावा प्रम्बानन मंदिर, बोरोबुदुर, गरुड़ जैसे राष्ट्रीय प्रतीक और रामायण-महाभारत पर आधारित सांस्कृतिक परंपराएं इस ऐतिहासिक संबंध की याद दिलाती हैं.
भगवान गणेश को इंडोनेशिया में लंबे समय से विद्या, विवेक और शुभारंभ के प्रतीक के रूप में सम्मान दिया जाता रहा है. इसी वजह से उन्हें शिक्षा से जुड़े नोट पर स्थान मिला.
2008 में क्यों बंद कर दिया गया?
कई लोग मानते हैं कि गणेश जी की तस्वीर होने की वजह से नोट हटाया गया था, जबकि ऐसा नहीं है.दरअसल, बैंक इंडोनेशिया ने 2008 में सुरक्षा कारणों से पुराने नोटों की पूरी सीरीज वापस लेने का फैसला किया. इस दौरान 20,000 रुपियाह समेत कई पुराने नोट चलन से बाहर कर दिए गए और उनकी जगह नए सिक्योरिटी फीचर्स वाले नोट जारी किए गए.31 दिसंबर 2008 के बाद यह नोट कानूनी मुद्रा नहीं रहा. हालांकि लोगों को इन्हें बदलने के लिए 2018 तक का समय दिया गया था.
अब किसकी तस्वीर है 20,000 रुपियाह के नोट पर?
वर्तमान में इंडोनेशिया के 20,000 रुपियाह के नोट पर देश के राष्ट्रीय नायक और सुलावेसी के पहले गवर्नर सैम रातुलांगी की तस्वीर छपी है. यानी अब भगवान गणेश की तस्वीर वाला नोट चलन में नहीं है.
भारत और इंडोनेशिया का सांस्कृतिक रिश्ता
भारत और इंडोनेशिया के रिश्ते करीब दो हजार साल पुराने माने जाते हैं. इंडोनेशिया की भाषा में आज भी संस्कृत के हजारों शब्द मिलते हैं. देश का राष्ट्रीय प्रतीक गरुड़, राष्ट्रीय एयरलाइन गरुड़ा इंडोनेशिया, रामायण और महाभारत पर आधारित नृत्य-नाटक, बाली की धार्मिक परंपराएं और अनेक मंदिर इस साझा विरासत की गवाही देते हैं.
यही वजह है कि मुस्लिम बहुल देश होने के बावजूद इंडोनेशिया ने अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखा और एक समय अपनी करेंसी पर भगवान गणेश को भी स्थान दिया.