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'भारत को इससे सीखना चाहिए', श्रीलंका घूमकर लौटी भारतीय महिला ने कही बड़ी बात

श्रीलंका घूमने गई भारतीय महिला रूथ डिसूजा प्रभु ने अपने यात्रा अनुभव सोशल मीडिया पर साझा किए हैं. उन्होंने कहा कि सात दिन की यात्रा के दौरान उन्हें एक भी गड्ढा नहीं मिला, लोग बिना हॉर्न बजाए वाहन चलाते हैं और जेब्रा क्रॉसिंग पर पैदल यात्रियों के लिए खुद रुक जाते हैं. उनकी पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है.

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समुद्र तट पर नहीं दिखा कचरा (Photo:Pexel)
समुद्र तट पर नहीं दिखा कचरा (Photo:Pexel)

क्या पड़ोसी देश भारत से भी ज्यादा साफ-सुथरा और अनुशासित हो सकता है? सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट के बाद यही सवाल चर्चा में है. भारतीय महिला रूथ डिसूजा प्रभु ने श्रीलंका की यात्रा के अपने अनुभव साझा किए हैं. उन्होंने कहा कि वहां की कुछ बातें देखकर उन्हें 'कल्चर शॉक' लगा और उनका मानना है कि भारत भी अपने पड़ोसी देश से कई बातें सीख सकता है.

'7 दिन घूमी, एक भी गड्ढा नहीं मिला'

रूथ ने इंस्टाग्राम पर बताया कि उन्होंने श्रीलंका में सात दिनों के दौरान करीब 650 से 700 किलोमीटर तक सड़क यात्रा की. इस दौरान उन्हें एक भी गड्ढा नहीं मिला. उन्होंने लिखा कि पूरे सफर में कहीं भी रोड रेज नहीं दिखा. एक जगह दो गाड़ियां संकरी सड़क पर आमने-सामने फंस गईं. उन्हें लगा कि अब दोनों ड्राइवरों के बीच बहस होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. दोनों ने मुस्कुराते हुए बात की, रास्ता निकाला और कुछ ही मिनटों में जाम खत्म हो गया.

जेब्रा क्रॉसिंग पर गाड़ियां खुद रुक जाती हैं

रूथ ने बताया कि श्रीलंका में सबसे ज्यादा हैरानी उन्हें इस बात पर हुई कि जेब्रा क्रॉसिंग पर पैदल यात्रियों को देखते ही वाहन अपने-आप रुक जाते हैं. लोगों को सड़क पार करने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ता.

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देखें पोस्ट

समुद्र तट पर नहीं दिखा कचरा

उन्होंने श्रीलंका के समुद्र तटों की भी तारीफ की. उनके मुताबिक, वहां न प्लास्टिक का कचरा दिखाई दिया, न टूटी हुई बोतलें. उन्होंने यह भी लिखा कि बीच पर घूमने वाले लोग दूसरों को घूरते नहीं थे और न ही विदेशी पर्यटकों के साथ जबरन सेल्फी लेने की कोशिश करते थे.

रूथ के अनुसार, श्रीलंका के लोग बेहद विनम्र, शांत स्वभाव के और अपनी संस्कृति पर गर्व करने वाले हैं. अगर भाषा की समस्या होती है, तो लोग इशारों में भी मदद करने की कोशिश करते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि वहां के पर्यटन स्थल और ऐतिहासिक जगहें इस तरह व्यवस्थित हैं कि पर्यटकों को घूमने में आसानी होती है.

भारत के लिए क्या कहा?

रूथ ने लिखा कि भारत, श्रीलंका से कहीं बड़ा देश है, लेकिन सफाई, सार्वजनिक स्थानों की देखभाल और नागरिक जिम्मेदारी जैसी बुनियादी बातों में अभी भी बहुत कुछ सीख सकता है. उनका कहना था कि देशभक्ति सिर्फ सोशल मीडिया पर दिखाने से नहीं, बल्कि अपने आसपास की जगहों को साफ रखने और जिम्मेदार नागरिक बनने से शुरू होती है.

सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?

रूथ की पोस्ट पर कई लोगों ने सहमति जताई. कुछ यूजर्स ने लिखा कि श्रीलंका की सबसे बड़ी खासियत वहां की साफ-सफाई और लोगों का विनम्र व्यवहार है. वहीं कुछ लोगों ने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा हैरानी इस बात की हुई कि वहां वाहन बिना हॉर्न बजाए पैदल यात्रियों को पहले सड़क पार करने देते हैं.

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