
अमेरिका के नए उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने सोमवार को यूएस कैपिटल हिल के रोटुंडा हॉल में शपथ ली. लेकिन इस ऐतिहासिक दिन की चर्चा किसी और वजह से हो रही है. दरअसल, वेंस की दो साल की बेटी मिराबेल अपनी मासूमियत और क्यूट हरकतों से सोशल मीडिया पर छा गई हैं.
मिराबेल वेंस की क्यूटनेस का जादू
मिराबेल ने अपने पिता को उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेते हुए अपनी मां उषा वेंस की गोद में खड़े होकर देखा. इस दौरान उनकी मासूमियत और उंगलियों पर लगे ब्लूई और स्कूबी-डू जैसे कार्टून कैरेक्टर्स वाले प्लास्टर ने सबका ध्यान खींच लिया.
मिराबेल अपनी मां की गोद में, हाथ में प्लास्टर और मुंह में अंगूठा लिए इतनी प्यारी लग रही थीं कि लाइव प्रसारण देखते ही लोग उनके दीवाने हो गए. कुछ ही पलों में सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर ट्रेंड करने लगीं.

सोशल मीडिया पर मिराबेल छाईं
मिराबेल की मासूम हरकतें देखते ही X पर लोग उनकी तारीफों के पुल बांधने लगे.एक यूजर ने लिखा कि इतने बड़े समारोह में भी मिराबेल ने दिल जीत लिया. कितनी क्यूट है ये बच्ची.वहीं, दूसरे यूजर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि उनके उंगलियों पर लगे प्लास्टर्स से लग रहा है कि शायद वहां कोई चोट नहीं है, बस मिराबेल को ये चाहिए थे!
जे.डी. वेंस के बच्चे
जे.डी. वेंस और उनकी भारतीय मूल की पत्नी उषा वेंस के तीन बच्चे हैं. ईवान, विवेक और मिराबेल. वेंस ने 2024 में रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन में कहा था कि मेरा सबसे बड़ा सपना था कि मैं एक अच्छा पति और पिता बनूं.
उनकी बड़ी बेटी मिराबेल का जन्म दिसंबर 2021 में हुआ था. जे.डी. वेंस ने उस वक्त इंस्टाग्राम पर लिखा था कि इस क्रिसमस सीजन हमें भगवान का अनमोल तोहफा मिला है -हमारी पहली बेटी मिराबेल रोज वेंस.

कैसे खास बनीं मिराबेल?
मिराबेल ने अपने क्यूट अंदाज और मासूमियत से लोगों का दिल जीत लिया. न सिर्फ उनकी मां उषा का सपोर्ट इस समारोह में दिखा, बल्कि मिराबेल के दोनों भाई, ईवान और विवेक, भी अपने पिता का समर्थन करने वहां मौजूद थे. इस ऐतिहासिक पल में मिराबेल ने अपनी मासूम अदाओं से सारी लाइमलाइट चुरा ली.
जानें कौन हैं US की सेकेंड लेडी ऊषा वेंस
उषा चिलुकुरी वेंस, अमेरिका की पहली भारतीय मूल की सेकंड लेडी हैं. भारतीय-अमेरिकी उषा का जन्म कैलिफोर्निया में हुआ था और उनका पालन-पोषण सैन डिएगो में हुआ. उनकी पहचान इंडो-अमेरिकन है, और उनके परिवार के रूट्स आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु से जुड़े हुए हैं.
उषा वेंस का भारत से कनेक्शन
उषा वेंस का नाता आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के पामर्रु गांव से है. उनके माता-पिता, लक्ष्मी और राधाकृष्ण चिलुकुरी, रोजगार के सिलसिले में अमेरिका चले गए थे. उषा का बचपन और शिक्षा सैन डिएगो, कैलिफोर्निया में हुई.
शिक्षा और उपलब्धियां
उषा वेंस ने माउंट कार्मेल स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की. इसके बाद उन्होंने येल यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए किया और कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से आधुनिक इतिहास में एमफिल की डिग्री प्राप्त की.कानून की पढ़ाई के लिए उषा ने येल लॉ स्कूल में दाखिला लिया, जहां वे येल लॉ जर्नल की एग्जीक्यूटिव डेवलपमेंट एडिटर और जर्नल ऑफ लॉ एंड टेक्नोलॉजी की मैनेजिंग एडिटर भी रहीं.
करियर और अनुभव
कॉलेज के बाद, उषा ने वकालत में कदम रखा और सुप्रीम कोर्ट एडवोकेसी क्लिनिक, मीडिया फ्रीडम एंड इंफॉर्मेशन एक्सेस क्लिनिक जैसे प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट्स में हिस्सा लिया. इसके अलावा, उन्होंने इराकी शरणार्थी सहायता परियोजना में भी काम किया. वकील और ज्यूडिशियल क्लर्क के रूप में कार्य करते हुए उषा ने सिविल लिटिगेशन मामलों में विशेषज्ञता हासिल की.
हाल के महीनों में, उषा ने अपने पेशेवर जीवन से ब्रेक लेकर पति जे.डी. वेंस के प्रचार अभियान में सक्रिय भाग लिया. उनकी रणनीतियां और मेहनत जे.डी. वेंस की सफलता का अहम हिस्सा रहीं.
चुनाव अभियान में निभाई थी अहम भूमिका
उपराष्ट्रपति जे डी वेंस की पत्नी उषा वेंस ने उनके चुनाव अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. भारतीय मूल की उषा ने अपनी मेहनत और रणनीति से न सिर्फ अपने पति बल्कि ट्रंप के प्रचार अभियान को भी मजबूती दी.चुनावी जीत के बाद उषा के पैतृक गांव तमिलनाडु के होशिया में जश्न का माहौल था. लोग उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे थे.