scorecardresearch
 

चंबा की पहाड़ियों में हिमालयन तहर की झलक, बर्फबारी के बीच कैद हुआ दुर्लभ नजारा

भारी बर्फ़ से ढकी पहाड़ियों के बीच संकटग्रस्त प्रजाति हिमालयन तहर का वीडियो वायरल हो रहा है. ताज़े बर्फीले मौसम में इसका दिख जाना वन्यजीव प्रेमियों के लिए किसी सुखद आश्चर्य से कम नहीं है.

Advertisement
X
थार, जिसे हिमालयन तहर भी कहा जाता है (Photo:ITG)
थार, जिसे हिमालयन तहर भी कहा जाता है (Photo:ITG)

हिमालयी इलाकों में बर्फ़बारी के दौरान वन्यजीवों को देख पाना आमतौर पर बेहद मुश्किल होता है. लेकिन इस बार हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की दुर्गम पांगी घाटी से एक अनोखी और दुर्लभ झलक सामने आई है. भारी बर्फ से ढकी पहाड़ियों के बीच संकटग्रस्त प्रजाति हिमालयन तहर (Himalayan Tahr) दिखाई दिया है. ताजे बर्फीले मौसम में इसका दिख जाना वन्यजीव प्रेमियों के लिए किसी सुखद आश्चर्य से कम नहीं है.

बर्फ से ढकी ढलानों पर आराम से घूमता दिखा तहर का झुंड

पांगी क्षेत्र में ताजा बर्फ़बारी के बाद खुले पहाड़ी ढलानों पर घूमते तहर के झुंड का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. यह वीडियो स्थानीय लोगों ने रिकॉर्ड किया है. फुटेज में ऊंचे, बर्फीले और कठिन इलाकों में तहर का झुंड बड़ी सहजता से घूमता हुआ नजर आता है. ऊंचाई, ठंड और मुश्किल भूभाग के बावजूद इन वन्यजीवों का इस तरह खुले में दिखना बेहद दुर्लभ माना जाता है.

थार, जिसे हिमालयन तहर भी कहा जाता है, सामान्य दिनों में भी आसानी से नजर नहीं आता. पथरीले और खड़ी पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाली यह प्रजाति इंसानों से दूरी बनाए रखना पसंद करती है. ऐसे में भारी बर्फबारी के बीच इसका इस तरह झुंड में दिखना प्राकृतिक सुंदरता का अनोखा पल है.

Advertisement

हेल्दी इकोसिस्टम का संकेत

पांगी घाटी में हिमालयन तहर का खुले में दिखाई देना इलाके के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है. विशेषज्ञों के मुताबिक यह एक हेल्दी इकोसिस्टम  की निशानी है और बताता है कि क्षेत्र में संरक्षण प्रयास सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. इन इलाकों में जैव विविधता का मजबूत रहना हिमालयन इकोलॉजिकल बैलेंस के लिए बेहद अहम है.

देखें वायरल वीडियो

तहर का झुंड में दिखना इस बात की पुष्टि करता है कि कठिन मौसम और भारी बर्फबारी के बावजूद घाटी का प्राकृतिक तंत्र अभी भी जीवंत है. यह दृश्य वन विभाग और स्थानीय समुदायों के संरक्षण प्रयासों के लिए भी उत्साह बढ़ाने वाला है.

यह भी पढ़ें: हिमालय की बर्फ में खेलते दिखे तीन स्नो लेपर्ड, लद्दाख से आया दुर्लभ वीडियो वायरल

संकटग्रस्त प्रजाति होने के कारण महत्व बढ़ा

हिमालयन तहर को संकटग्रस्त श्रेणी में रखा गया है. जलवायु परिवर्तन, आवास कम होना और शिकार जैसी वजहों से इसकी संख्या लगातार घट रही है. हिमाचल प्रदेश में यह प्रजाति बेहद कम दिखाई देती है. इसलिए चंबा में इसका दिखना न केवल प्रकृति की सुंदरता का संकेत है, बल्कि यह भी बताता है कि यहां की जैव विविधता अभी भी मजबूत है.

हाल ही में लद्दाख से स्नो लेपर्ड का वीडियो सामने आया था, जिसे पहाड़ों का 'पहाड़ों का भूत' कहा जाता है. पांगी घाटी में तहर की यह दुर्लभ झलक भी उसी तरह लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement