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क्लासेज देते थे, वीडियो शेयर करते थे... 50 हजार चीनी ऐसे चला रहे थे 'रेप नेटवर्क'!

जर्मनी में एक ऐसे टेलीग्राम ग्रुप और उसे चलाने वाले लोगों का पर्दाफाश हुआ, जो महिलाओं को बेहोश कर उनके साथ रेप करते थे. फिर उनका वीडियो बनाते और उसे ग्रुप में शेयर कर इस पर बातचीत करते और एक दूसरे को ऐसे कुकृत्य को ठीक से अंजाम देने की सलाह देते थे. हैरान करने वाली बात ये है कि अधिकतर पीड़ित महिलाओं को पता तक नहीं चल पाया कि उनके साथ ऐसा भी कुछ हुआ है. दुष्कर्म के ये आरोपी अपने आसपास और पहचान की महिलाओं को ही अपना शिकार बनाते थे.

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जर्मनी में चीनी नागरिकों का ग्रुप टेलीग्राम पर बता रहा था महिलाओं से रेप करने के तरीके (Photo - AI Generated)
जर्मनी में चीनी नागरिकों का ग्रुप टेलीग्राम पर बता रहा था महिलाओं से रेप करने के तरीके (Photo - AI Generated)

पिछले साल की शुरुआत में, जर्मनी में रहने वाली एक छात्रा आइवी (बदला हुआ नाम) को पुलिस का फोन आया. एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें एक ऐसे व्यक्ति से जुड़े मामले की जांच में उसकी मदद चाहिए जिसे वह पहले जानती थी. इसके बाद जो हुआ उसने उसकी दुनिया को उलट-पुलट कर दिया.

पुलिस ने उसे बताया कि उसके पूर्व प्रेमी, जिसकी पहचान अदालती दस्तावेजों में टोंग जेड (बदला हुआ नाम)के रूप में हुई है. उस पर महिलाओं से दुष्कर्म और उनकी अश्लील फोटो और वीडियो बनाने के आरोप में जांच चल रही थी. इस दौरान पुलिस को टोंग जेड के पास से आइवी की भी एक तस्वीर मिली. तस्वीर में आइवी बिना कपड़ों के सोते हुए दिखाई दे रही थी. इसके बाद पुलिस उसतक पूछताछ के लिए पहुंची.  टोंग ने उसकी कई तस्वीरें ली थी. पुलिस ने सभी फोटो आईवी को दिखाई,.27 साल की आइवी ने खुद को पहचान लिया. हालांकि, उसे उस वक्त  की कोई याद नहीं थी,आखिर कब टोंग ने उसकी ऐसी फोटो ली.

द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, आईवी ने बताया कि जब मैंने वो देखा, तो मैं अवाक रह गई… मुझे लगा जैसे मैं सांस ही नहीं ले पा रही. तस्वीरों में मैं किसी 'शिकार' जैसी दिख रही थी. आइवी का जर्मनी में पढ़ने वाले एक चीनी छात्र टोंग जेड के साथ काफी कम समय के लिए रिलेशन रहा था. आइवी की यादों में, टोंग जेड कभी एक आदर्श प्रेमी हुआ करता था. वह साफ-सुथरा और विचारशील प्रतीत होता था. लेकिन, अब उसे यह जानकर घिन आती है कि 

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महिलाओं को पता तक नहीं चल पाता था
जर्मन अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, आइवी उन 11 महिलाओं में से एक है जिनका 26 साल के टोंग ने यौन उत्पीड़न किया था. 2019 से 2024 के बीच, टोंग जेड ने जर्मनी में कई आवासों पर और पोलैंड, डेनमार्क और चीन की यात्राओं के दौरान , अपने आसपास और जान-पहचान की कई महिलाओं की सोते समय, नहाते समय या कपड़े पहनते समय गुप्त रूप से अंतरंग तस्वीरें या वीडियो बनाए. महिलाए जब बेहोश रहती थी, तब उनके साथ रेप होता था और उन्हें पता तक नहीं चल पाता था कि बेहोशी के दौरान उनके साथ क्या- क्या हुआ. बाद में महिलाओं को ऐसा लगता था कि जैसे वो सोकर उठी हों. 

उसने  बर्लिन में अपने पड़ोसी के घर में प्रवेश किया और उसके बाथरूम में एक छिपा हुआ कैमरा लगा दिया.  2024 में उसने उस महिला के साथ दुष्कर्म किया और इस पूरी घटना का वीडियो बनाया. यह सब उसने तब किया जब महिला नशीली दवा के प्रभाव से बेसुध थी. किसी बहाने से टोंग महिलाओं को नशीली दवा पिलाकर अत्यधिक बेहोश कर देता था और फिर उसके साथ रेप करता और उसकी वीडियो और तस्वीर ले लेता था. आइवी की तरह, बाकी महिलाओं को भी इस दुर्व्यवहार के बारे में तभी पता चला जब पुलिस ने उससे संपर्क किया. क्योंकि, बेहोशी की हालत में टोंग ने उनके साथ क्या किया था, उन्हें कभी कुछ पता नहीं चल पाया. 

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टेलीग्राम पर बना रखा था रेप नेटवर्क
टोंग जेड अकेला नहीं था.  इसी तरह के एक रेप के मामले की जांच के दौरान  "जर्मन ड्राइविंग स्कूल" नामक एक टेलीग्राम ग्रुप का पता चला. इस ग्रुप में आठ सदस्य थे और टोंग इनमें से एक था. इस ग्रुप पर सभी मेंबर महिलाओं को नशीली दवा देकर उनसे रेप करने की चर्चा करते थे. इस ग्रुप पर बस यही बातें होती थीं कि किसने कैसे रेप किया. दुष्कर्म करते वक्त क्या सावधानी बरतें और अगर किसी ने इस दौरान कोई गलती की है, तो दूसरे ग्रुप मेंबर उसे सलाह भी देते थे.

 इस ग्रुप पर ऐसी है और भी कई तरह की अमानवीय बातचीत ग्रुप मेंबर्स के बीच होती थी. इसके साथ ही सभी महिलाओं के साथ किए गए दुष्कर्म के वीडियो और फोटो भी शेयर करते थे. इन वीडियो की दूसरे ग्रुप मेंबर समीक्षा करते और इसकी कमियां निकालकर बताते कि अगली बार ऐसा करती वक्त किन बातों का ध्यान रखना है.  कुछ मेंबर उन नशीली दवाओं के बारे में एक्सपर्ट राय देते थे, जो महिलाओं को बेहोश करने में कारगर हो. 

चैट के लिए सांकेतिक भाषा का करते थे इस्तेमाल
ग्रुप पर बातचीत करने के लिए टोंग और अन्य मेंबर सांकेतिक भाषा का इस्तेमाल करते थे. इसमें 'फ्यूल' का मतलब बेहोश करने वाली दवाएं होती थी, वहीं कार के मॉडलों के नाम से दुष्कर्म की शिकार महिलाओं के टाइप बताए जाते थे. इस टेलीग्राम ग्रुप पर शामिल पुरुषों में से एक को छोड़कर बाकी सभी चीनी नागरिक थे. उन्होंने अपने कुकृत्यों के वीडियो को यहां न सिर्फ शेयर किया था, बल्कि अपनी विकृति का जश्न भी मनाते थे.

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आइवी ने बताया कि टोंग जब उसके साथ रिलेशन में था तो उसे खाना बनाना बहुत पसंद था. खासकर सिचुआन का खाना. आइवी कहती है कि अब उसके लिए यह तय करना मुश्किल है कि यह उसका प्यार था या फिर जानबूझकर किया गया कुकृत्य था, या फिर एक प्रीप्लान अपराध. क्या वो मुझे नशा कराने के लिए मेरे लिए खाना बना रहा था? मैं खुद से बार-बार यही सवाल पूछती हूं. क्या वह खाना बनाने का सिर्फ इसलिए ढोंग करता था कि मुझे नशीली दवा उसमें मिलाकर खिला दे और फिर मेरे साथ कुकृत्य करे. मैं आखिर इतने बुरे इंसान के साथ डेटिंग करने के चक्कर में कैसे पड़ गई?

यह मामला तब खुला जब ग्रुप चलाने वाले मुख्य आरोपी ने अपनी जान-पहचान के अलावा ऑनलाइन मिलने वाली महिलाओं को भी झांसे में लेकर उनके साथ दुष्कर्म किया. इनमें से ही एक पीड़िता को खुद के साथ हुए यौन उत्पीड़न का किसी तरह पता चल गया और उसने पुलिस में शिकायत कर दी. 

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नवंबर 2024 में, डैपेंग जेड (बदला हुआ नाम) टेलीग्राम समूह में गिरफ्तार होने वाला पहला व्यक्ति था. जब उसके कई पीड़ितों ने पुलिस को उसकी सूचना दी. पुलिस को उसके डिवाइस पर इस टेलीग्राम ग्रुप के सबूत मिले. इससे टोंग ज़ेड और जर्मनी में रहने वाले कई अन्य संदिग्धों की पहचान हुई. पुलिस ने जल्द ही टोंग जेड को गिरफ्तार कर लिया.  उसके घर की तलाशी में कंडोम, महिलाओं के अंडरवियर, सिरिंज, बिस्तर के नीचे की स्टोरेज में प्रिस्क्रिप्शन वाली नींद की गोलियां और 2 TB से अधिक फुटेज वाली हार्ड ड्राइव मिली. हार्ड ड्राइव में, पुलिस को पता चला कि टोंग जेड ने प्रत्येक पीड़ित के लिए एक अलग फोल्डर बनाया था, जिसमें उससे जुड़े भयावह फुटेज थे. 

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टेलीग्राम ग्रुप से जुड़े मामले में टोंग जेड समेत तीन लोगों को दोषी ठहराया जा चुका है. ग्रुप के एडमिन और 44 साल के आईटी इंजीनियर डापेंग जेड को बलात्कार और हत्या के प्रयास के आरोप में 14 साल की जेल की सजा सुनाई गई है. 8 लोगों वाला ये मुख्य ग्रुप था, लेकिन टेलीग्राम पर ऐसे ही कई ग्रुप थे जिस पर 50 हजार से ज्यादा चीनी लोग जुड़े हुए थे. सभी इन चैट में शामिल होते थे, ऐसे वीडियो देखते थे और इनका समर्थन करते थे और हो सकता है उनमें से कईयों ने दूसरी महिलाओं के साथ भी ऐसा ही कुछ किया हो. 

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