विदेश घूमने जाना हर किसी का सपना होता है, लेकिन कई बार एक छोटी-सी गलती जिंदगी का सबसे डरावना अनुभव बन जाती है. ऑस्ट्रेलिया की एक महिला के साथ इटली में ऐसा ही हुआ. उसने रास्ते में एक अनजान शख्स की कार में लिफ्ट ले ली. कुछ ही मिनटों बाद उसे एहसास हो गया कि वह गलत इंसान के साथ फंस गई है. किसी तरह उसकी गिरफ्त से भागकर जान बचाई, लेकिन किस्मत का खेल देखिए... थोड़ी देर बाद एक सिक्योरिटी गार्ड ने मदद के बहाने उसे कार में बैठाया और वह भी उसे सुनसान जगह ले गया.
यह पूरी घटना ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न की रहने वाली 36 साल की स्टेफनी के साथ हुई, जिसने खुद अपने इस खौफनाक अनुभव को news.com.au के साथ साझा किया है. स्टेफनी पिछले साल अक्टूबर में दोस्तों के साथ यूरोप घूमने गई थीं. दोस्त वापस ऑस्ट्रेलिया लौट गए, लेकिन वह इटली में रुक गईं. उनका सपना इटली की मशहूर 1 यूरो हाउस स्कीम के तहत एक पुराना घर खरीदने का था. इसके अलावा वह सिसिली के लो स्टैग्नोने इलाके में काइटबोर्डिंग का भी आनंद लेना चाहती थीं.
एक लिफ्ट और शुरू हो गया डरावना सफर
स्टेफनी काइटबोर्डिंग करने वाले लोगों के एक ग्रुप के साथ थीं. कार्यक्रम खत्म होने के बाद सभी लोग दूसरी जगह जा रहे थे. इसी दौरान वहां मिले एक यूरोपीय मूल के शख्स ने उन्हें कार से छोड़ने की पेशकश की.स्टेफनी को लगा कि वह भी बाकी लोगों के साथ उसी जगह जा रहा है, इसलिए वह उसकी कार में बैठ गईं.लेकिन कुछ ही देर बाद उन्हें महसूस हुआ कि कार बाकी लोगों से अलग दिशा में जा रही है.
स्टेफनी के मुताबिक, कार में बैठते ही ड्राइवर ने कहा - चलो देखते हैं, यह कार 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है या नहीं. इसके बाद उसने तेज रफ्तार से गाड़ी दौड़ानी शुरू कर दी.स्टेफनी लगातार उससे कार रोकने और उतारने की गुहार लगाती रहीं, लेकिन हर बार वह और तेज गाड़ी चलाने लगा.
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डरी हुई स्टेफनी ने तुरंत अपने काइटबोर्डिंग इंस्ट्रक्टर को अपनी लाइव लोकेशन भेज दी. ड्राइवर की बात सुनकर समझ गई कि कुछ गड़बड़ है. रास्ते में स्टेफनी ने आगे बैठे एक दूसरे व्यक्ति को यह पूछते सुना कि क्या बाकी लोग भी ड्राइवर के घर आ रहे हैं? ड्राइवर ने जवाब दिया- नहीं, कोई नहीं आ रहा.यही सुनकर स्टेफनी को यकीन हो गया कि मामला बेहद गंभीर है. उन्हें लगा कि ड्राइवर का साथी भी उसकी असली मंशा से अनजान था.
गेट खुलते ही दौड़ पड़ी
करीब 12 किलोमीटर चलने के बाद कार एक बड़े गेट वाले मकान में पहुंची. जैसे ही कार रुकी, स्टेफनी ने देखा कि दरवाजा लॉक नहीं था. उसने बिना एक पल गंवाए दरवाजा खोला और पूरी ताकत से भागना शुरू कर दिया.वह तब तक दौड़ती रही, जब तक उन्हें यकीन नहीं हो गया कि कोई उनका पीछा नहीं कर रहा.
कई किलोमीटर पैदल चलने के बाद स्टेफनी एक छोटे कस्बे में पहुंचीं, जहां उन्हें एक सिक्योरिटी गार्ड मिला.उसने मोबाइल के ट्रांसलेशन ऐप की मदद से पूरी घटना बताई. गार्ड ने भरोसा दिलाया कि वह उन्हें सुरक्षित होटल छोड़ देगा.स्टेफनी को लगा कि आखिरकार उन्हें मदद मिल गई.लेकिन कुछ देर बाद गार्ड ने कार एक सुनसान गली में रोक दी.
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फिर उसने स्टेफनी का मोबाइल लेकर उसमें एक मैसेज टाइप किया. मैसेज में लिखा था - मैं तुम्हें घर छोड़ रहा हूं, इसके बदले मेरे लिए क्या करोगी? यह पढ़ते ही स्टेफनी के पैरों तले जमीन खिसक गई.
दूसरी बार भी जान बचाकर भागीं
स्टेफनी ने बिना देर किए कार का दरवाजा खोला और फिर से भाग निकलीं. इस बार वह पास के एक वाइनयार्ड में जाकर छिप गईं. इसके बाद कई किलोमीटर पैदल चलकर किसी तरह अपने होटल पहुंचीं. उसने बताया कि रास्ते में जब भी कोई गाड़ी आती थी, वह छिप जाती थीं. यहां तक कि उन्होंने रास्ते में वेंडिंग मशीन से ड्रिंक भी खरीदी, ताकि जरूरत पड़ने पर उनके वहां होने का रिकॉर्ड मौजूद रहे.
इस पूरी घटना के बाद स्टेफनी इतनी सदमे में थीं कि अगले दिन तक रोती रहीं. बाद में उन्होंने काइटबोर्डिंग ग्रुप के लोगों को पूरी घटना बताई. हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि इस घटना के आधार पर पूरे इटली या वहां के लोगों को गलत नहीं समझना चाहिए. उनके मुताबिक, पहली कार चलाने वाला शख्स इटली का नहीं, बल्कि यूरोप के किसी दूसरे देश का प्रवासी था.
अब बदल गया इटली में बसने का सपना
स्टेफनी का कहना है कि इस घटना ने उनकी जिंदगी बदल दी. उन्होंने इटली में घर खरीदने और वहां रहकर प्रोजेक्ट पर काम करने का अपना सपना फिलहाल टाल दिया है. उनका कहना है कि अब मैं इटली में अकेले किसी प्रोजेक्ट पर काम करने नहीं जाऊंगी. अगर जाऊंगी भी तो किसी भरोसेमंद साथी के साथ ही.
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यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि विदेश हो या अपना देश, किसी अनजान व्यक्ति की मदद या लिफ्ट स्वीकार करने से पहले पूरी सावधानी बरतना बेहद जरूरी है. कई बार एक छोटा-सा फैसला जिंदगी का सबसे बड़ा खतरा बन सकता है.