आजकल बच्चे जब घर से बाहर निकल कर बढ़ने आते हैं तो उनके सामने कई तरह के चैलेंजेस होते हैं. पहला चैलेंज ही यही होता है कि उसे अपने घर से दूर सब कुछ पीछे छोड़कर आगे बढ़ना होता है. ऐसे में बहुत से स्टूडेंट्स फाइनेंशियली इतनी मजबूत फैमिली से नहीं होते की इतने खर्चे एक साथ मैनेज कर पाए. जिसके चलते उन्हें बड़े-बड़े शहरों में छोटे-छोटे हसल्स करके अपनी डेली लाइफ को आसान करने की कोशिश करते हैं.
ऐसी ही एक स्टोरी X पर कवल देसाई ने भी शेयर की है. कवल एक लॉ स्टूडेंट है. और उन्होंने अपने खर्चों के लिए ब्लिंकिट के साथ गिग वर्कर के तौर पर काम कर रहे हैं. कवल ने एक डिलीवरी बॉय के रूप में अपने पहले दिन के एक्सपीरियंस और कमाई को शेयर किया. कवल ने बताया कि वे एक LLB की डिग्री कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि वो गिग वर्कर का काम एक पार्ट टाइम काम के रूप में कर रहे हैं जिससे वो अपनी पढ़ाई के साथ अपने एक्सपेंसेस को मैनेज कर सकें.
यह भी पढ़ें: Sydney Sweeney: दुनियाभर में है इस Gen Z हसीना का जलवा, फिल्मों में बोल्ड सीन्स से मिली पहचान
कवल बताते हैं कि उन्होंने 6 घंटे और 30 मिनट में 19 डिलीवरी पूरी कर दी. जिसमें उन्होंने 51 किलोमीटर का सफर तय किया, इस सफर में किसी भी ऑर्डर को डिलीवर करते टाइम वापसी के रास्ते को नहीं गिना गया. कवल पोस्ट में आगे बताते हैं कि उन्होंने उन 19 डिलीवरी से 508 रुपए कमाए, जिसमें से 75 रुपए इंसेंटिव थे और एक टारगेट को पूरा करने के लिए 100 रुपए बोनस के तौर पर कमाए. जिसे मिलाकर कुल 608 रुपए बने.
कवल पोस्ट में अपना एक्सपीरियंस शेयर करते हुए कहते हैं कि उनके पास एक एडवांटेज था और वो थी उनकी इलेक्ट्रिक स्कूटी जिसे उन्होंने घर पर ही चार्ज कर लिया था. जिसके चलते उन्हें उस दौरान चार्जिंग का कोई खर्च नहीं उठाना पड़ा. लेकिन कवल को अपना काम रोकना पड़ा क्योंकि उनकी स्कूटी का चार्ज भी कम हो रहा था और उन्हें अपनी पढ़ाई पर भी वापस लौटना था.
देसाई ने पोस्ट शेयर करते हुए अपने डिलीवरी बैग की फोटो भी साझा की और एक दिन की अपनी कमाई का स्क्रीनशॉट भी साझा किया. साथ ही उन्होंने ब्लिंकिट प्लेटफॉर्म की भी तारीफ की और आसान कामकाज को इसका क्रेडिट देते हुए कहा कि इससे उनके जैसे स्टूडेंट्स के लिए पार्ट-टाइम काम करना आसान हो गया है.
कवल की इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर भारत में गिगवर्कर्स के काम पर चर्चा छेड़ दी. एक यूजर इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहते हैं कि गिग वर्किंग करना एक पार्ट टाइम काम के रूप में बना है लेकिन इंडिया में लोग इसको एक फुल टाइम प्रोफेशन के रूप में देखते हैं.
वहीं दूसरे यूजर ने उबर में बाइक राइडर और स्विगी में डिलीवरी पार्टनर के तौर पर काम करने का अपना एक्सपीरियंस शेयर किया. उन्होंने बताया कि इन जॉब्स को करने के बावजूद वो LLB में एडमिशन के लिए जरूरी फीस का इंतजाम नहीं कर पाए थे. एक तीसरे यूजर ने ज्यादा कमाई के लिए कैटरिंग के काम को एक ऑप्शन बताया. उनका कहना था कि डिलीवरी के लिए छह घंटे तक बाइक चलाने के मुकाबले कैटरिंग का काम कम थकाने वाला हो सकता है. इससे बेहतर कमाई के साथ खाना भी मिल सकता है.