जी20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता इस साल भारत कर रहा है. सितंबर में आने वाले विदेशी मेहमानों की लिस्ट भी जारी हो गई है. देश के विभिन्न राज्यों में समूह की बैठकें हो रही हैं. अभी तक 100 से अधिक बैठकों का आयोजन हो चुका है. जिन भी शहरों में आयोजन हो रहा है, उन्हें खूब सजाया जा रहा है. इस दौरान ये भी ध्यान रखा जा रहा है कि विदेशी मेहमानों को संबंधित राज्य की संस्कृति से ज्यादा से ज्यादा रूबरू कराया जा सके.
विदेशी मेहमान भी भारत की संस्कृति को ज्यादा से ज्यादा जान पा रहे हैं. जहां भी बैठक हो रही हैं, वहां पारंपरिक गीतों से उनका स्वागत किया जा रहा है. इनके लिए खासतौर पर कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है. जिनमें कलाकार पारंपरिक नृत्य कर रहे हैं. भारत ने वास्तविक नियंत्रण रेखा से लगे लेह-लद्दाख क्षेत्र में वाई 20 का सफल आयोजन किया है. जिसमें 30 से अधिक देशों के 100 प्रतिनिधि शामिल हुए. इससे चीन को दर्द होना लाजमी है.
पाकिस्तान भी चिढ़ा हुआ है
वहीं दूसरी तरफ जम्मू कश्मीर में होने वाली बैठक को लेकर भी राजनीति तेज हो गई है. महबूबा मुफ्ती ने युवाओं की गिरफ्तारी से जुड़े आरोप लगाए हैं. वहीं पाकिस्तान भी यहां बैठक करने का विरोध कर रहा है. उसके विदेश मंत्रालय की तरफ से इस पर बयान जारी किया गया है. हालांकि भारत उसे मुहंतोड़ जवाब देते हुए ये बोल चुका है कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है. और भारत जहां चाहे अपने देश के उस हिस्से में बैठक का आयोजन कर सकता है.
Day 2️⃣ at the pre-summit in saw discussions on ways to enhance collaboration with stakeholders to contribute towards the development of youth. spoke of Y20's push towards empowering the youth.
— G20 India (@g20org)
आज इस खबर में हम जी20 से जुड़ी बीते हफ्ते की बड़ी खबरों पर बात करेंगे. ये बैठक जिन चैनलों के वर्किंग ग्रुप्स के बीच होती हैं, उन्हीं पर ये ग्रुप काम करता है. प्रमुख चैनलों के नाम वित्तीय ट्रैक और शेरपा ट्रैक हैं. इसके साथ ही एक इंगेजमेंट ग्रुप भी होता है.
जम्मू कश्मीर में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा- आजाद
डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) के प्रमुख गुलाम नबी आजाद ने कश्मीर में आगामी जी20 बैठक की सराहना करते हुए कहा कि इससे घाटी में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा. यहां शेरपा ट्रैक की तीसरी पर्यटन कार्य समूह की बैठक 22 से 24 मई, 2023 को श्रीनगर में होगी. इसे लेकर आजाद ने एक जनसभा के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हमारा देश पर्यटन वाला है. जी20 कार्यक्रमों में जाहिर तौर पर अन्य देशों के बड़े नेता शामिल होंगे. ऐसे में यह वैश्विक स्तर पर एक्सपोजर होगा. यहां जी20 वर्किंग ग्रुप्स की सिफारिशों से केंद्र शासित प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी.
कार्यक्रम से पहले सैकड़ों युवक हिरासत में- महबूबा
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जी20 आयोजन की तैयारी शुरू होने के बाद से सैकड़ों स्थानीय युवाओं को हिरासत में लिया गया है. उनसे पूछताछ हो रही है. मुफ्ती ने जम्मू कश्मीर की तुलना ग्वांतानामो खाड़ी से कर दी. उन्होंने पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक सम्मेलन में कहा कि दक्षिणी कश्मीर के सैकड़ों युवाओं को जेलों में डाला गया है.
लद्दाख में Y-20 की बैठक, 30 देश जुटे
जी20 के इंगेजमेंट ग्रुप के Y-20 यानी यूथ20 की बैठक का आयोजन वास्तविक नियंत्रण रेखा से लगे लेह-लद्दाख क्षेत्र में हुआ है. भारत ने इसका सफल आयोजन कर चीन के मुंह पर जोरदार तमाशा मारा है. इस सम्मेलन में 30 देशों के 100 प्रतिनिधि शामिल हुए. केंद्रीय मंत्री अनुराठ ठाकुर ने कार्यक्रम को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि Y-20 पूर्व शिखर सम्मेलन बैठक की सफल मेजबानी उनके लिए करारा जवाब है, जिन्होंने इसके आयोजन से पहले 'भय और भ्रम फैलाने' की कोशिश की थी.
3️⃣rd & final day of the Pre-Summit in had Union Minister at the Youth Dialogue interaction.
— G20 India (@g20org)
The delegates also got an opportunity to delve deeper into the traditions of and learn about the rich heritage of the region.
परिणाम बेमिसाल होगा- हर्षवर्धन श्रृंगला
भारत की जी20 अध्यक्षता के मुख्य समन्वयक और पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने जी20 को लेकर कहा कि इस बार इसकी अध्यक्षता भारत के हाथों में है. इसका परिणाम भी बेमिसाल होगा. भारत को दुनिया आज के वक्त में एक ऐसे देश के तौर पर देखती है, जो वैश्विक समस्याओं का समाधान प्रदान कर सकता है. श्रृंगला ने अपनी बायोग्राफी 'नॉट एन एक्सीडेंटल राइज' के लॉन्च इवेंट में यह बात कही. इस दौरान वह भारतीय-अमेरिकी और डायस्पोरा समुदाय के प्रमुख सदस्यों को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने इस जी20 शिखर सम्मेलन को आजादी के बाद भारत द्वारा आयोजित सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम बताया है.
बता दें, जी20 की स्थापना 1999 में एशियाई वित्तीय संकट के बाद हुई थी. ग्रुप ऑफ ट्वेंटी यानी जी20 में 19 देश (अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्किये, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका) और यूरोपीय संघ शामिल हैं.