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'एक फेमस पीएम मुझे नोचता था…', महिला ने बताया एपस्टीन आईलैंड का घिनौना सच

वर्जीनिया ज्यूफ्रे की गवाही ने दिखा दिया कि मानव तस्करी और सत्ता के दुरुपयोग की हदें कितनी खतरनाक हो सकती हैं. उनकी कहानी आज भी चर्चा में है क्योंकि एपस्टीन फाइल लगातार नए खुलासे दुनिया के सामने ला रही हैं.

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ह तस्वीर एपस्टीन स्टेट की है, जिसे 18 दिसंबर 2025 को वॉशिंगटन डी.सी. में House Oversight Committee के डेमोक्रेट्स ने जारी किया (Photo:Reuters)
ह तस्वीर एपस्टीन स्टेट की है, जिसे 18 दिसंबर 2025 को वॉशिंगटन डी.सी. में House Oversight Committee के डेमोक्रेट्स ने जारी किया (Photo:Reuters)

जेफरी एपस्टीन की मौत को सात साल से ज्यादा समय गुजर चुका है. लेकिन उसके गुनाहों की परतें आज भी दुनिया को झकझोर रही हैं. एपस्टीन फाइल के रूप में सामने आ रही जानकारियां एक बार फिर साबित कर रही हैं कि उसकी काली दुनिया कितने बड़े और ताकतवर लोगों से जुड़ी हुई थी. इसी हलचल के बीच एक ऐसी कहानी फिर सुर्खियों में आ गई है, जिसकी सर्ववाइवर अब इस दुनिया में मौजूद नहीं है. वो हैं वर्जीनिया ज्यूफ्रे.

मरने के बाद पब्लिश हुई बायोग्रॉफी ने मचाया हंगामा

वर्जीनिया ज्यूफ्रे की आत्मकथा 'Nobody’s Girl' उनकी मृत्यु के बाद प्रकाशित हुई. 25 अप्रैल 2025 को उनकी मौत के छह महीने बाद जैसे ही यह किताब सामने आई, इसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा हंगामा खड़ा कर दिया. किताब ने न सिर्फ उनके साथ हुए अत्याचारों को दुनिया के सामने लाया बल्कि उन ताकतवर व्यक्तियों का चेहरा भी दिखाया, जिनके बीच उन्हें बार-बार 'उधार' भेजा जाता था.

किताब में 'फेमस पीएम' का जिक्र

किताब की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ज्यूफ्रे ने दावा किया कि एक 'फेमस पीएम' ने उनके साथ क्रूरता से रेप किया.CNN रिपोर्ट के मुताबिक इस खुलासे ने दुनिया में हलचल मचा दी. हालांकि किताब में उस शख्स का नाम सामने नहीं आया. अमेरिकी संस्करण में उसे 'प्रसिद्ध प्रधानमंत्री' कहा गया है, जबकि ब्रिटिश संस्करण में 'पूर्व मंत्री'. यह अंतर मामले को और रहस्यमय बना देते हैं.

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एपस्टीन के नेटवर्क का हिस्सा थीं भयावह घटनाएं

ज्यूफ्रे ने विस्तार से बताया है कि वे अपने अनुभव इसलिए लिख रही हैं ताकि उस भयावह दौर को दुनिया समझ सके, जिसे उन्होंने सालों तक झेला. उनके अनुसार एपस्टीन और उसका सर्कल उन्हें बार-बार अमीर और ताकतवर लोगों के बीच भेजता था. वहां उन पर शारीरिक और मानसिक अत्याचार किए जाते थे. कई बार उनका गला दबाया गया, उन्हें पीटा गया और खून तक निकल आया.

एपस्टीन फाइल से रिलीज शुरुआती तस्वीरें (Photo: Social Media)

एपस्टीन आईलैंड  पर सबसे बर्बर हमला

ज्यूफ्रे ने सबसे खतरनाक घटना का जिक्र कैरेबियन स्थित एपस्टीन आईलैंड से किया है. किताब में वे लिखती हैं कि उन्हें एक ऐसे व्यक्ति के पास भेजा गया जिसने उन पर अब तक का सबसे बर्बर हमला किया. वह बार-बार उनका गला दबाता, उन्हें बेहोश कर देता और उनकी जान के डर पर हंसता था. ज्यूफ्रे कहती हैं कि वे उससे दया की भीख मांगती थीं, लेकिन इससे वह और अधिक हिंसक हो जाता था.

इस घटना के बाद ज्यूफ्रे ने एपस्टीन से रोते हुए विनती की कि उन्हें दोबारा उस शख्स के पास न भेजा जाए. लेकिन एपस्टीन का जवाब था-ऐसा कभी-कभी हो जाता है.

 

यह भी पढ़ें: 'हर दिन 10 लड़कियां आती थीं...' सर्वाइवर ने खोला सीक्रेट- एपस्टीन के राज में क्या-क्या होता था?

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प्रिंस एंड्रयू पर फिर बढ़ा दबाव

किताब सामने आने के बाद एक और बड़ा नाम चर्चा में आ गया-प्रिंस एंड्रयू. ज्यूफ्रे पहले भी उन पर यौन शोषण का आरोप लगा चुकी थीं. उनके अनुसार एपस्टीन ने उन्हें तीन बार एंड्रयू के साथ सोने को मजबूर किया था. एंड्रयू ने हमेशा इन आरोपों से इनकार किया. इसके बावजूद उन्होंने 2022 में करोड़ों डॉलर देकर ज्यूफ्रे के साथ समझौता किया था. अब किताब के बाद इस विवाद पर फिर नए सवाल उठने लगे हैं.

अमेरिकी न्याय विभाग ने जारी की एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर की तस्वीर. (Photo: Reuters)

ज्यूफ्रे ने दुनिया के सामने खोला दर्द

CNN की रिपोर्ट बताती है कि ज्यूफ्रे की आत्महत्या के छह महीने बाद प्रकाशित इस किताब ने वैश्विक स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया पैदा की. वजह यह कि किताब ने न सिर्फ एपस्टीन के नेटवर्क की क्रूरता उजागर की, बल्कि यह भी दिखाया कि ज्यूफ्रे जैसी सर्वाइवर्स किन परिस्थितियों से गुजरती रहीं.सात साल बाद भी एपस्टीन की मौत कहानी का अंत नहीं बन सकी है. उसकी मौत तो हो गई, लेकिन उसकी काली दुनिया में शामिल ताकतवर चेहरों पर एपस्टीन फाइल का 'भूत' आज सवार है

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