
बेंगलुरु के एक ऑटो ड्राइवर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में वह बताता है कि ChatGPT उसकी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. कोई सवाल हो, नई चीज सीखनी हो या किसी मुश्किल विषय को समझना हो, वह सबसे पहले ChatGPT का सहारा लेता है.
ड्राइवर बताता है कि वह सवाल अंग्रेजी में लिखता है, लेकिन ChatGPT से जवाब कन्नड़ में देने के लिए कहता है. इससे उसे कठिन विषय भी आसानी से समझ आ जाते हैं. वह ChatGPT की उस क्षमता की भी तारीफ करता है, जिसमें यह पहले हुई बातचीत को याद रखकर नए सवालों से जोड़कर जवाब देता है.
वॉयस फीचर देखकर रह गया हैरान
बातचीत के दौरान उसे ChatGPT के वॉयस फीचर के बारे में पता चलता है. जैसे ही वह इसे इस्तेमाल करता है, AI कन्नड़ में बोलकर जवाब देने लगता है. यह देखकर वह काफी खुश हो जाता है और कहता है कि अब सीखना पहले से कहीं आसान हो गया है. उसे किसी विषय की जानकारी चाहिए, नई चीज सीखनी हो या किसी मुश्किल सवाल का आसान जवाब समझना हो, वह सबसे पहले AI की मदद लेता है. वह अंग्रेजी में सवाल लिखता है और जवाब कन्नड़ में पढ़ता या सुनता है, जिससे भाषा की परेशानी भी खत्म हो जाती है. AI की मदद से वह अपनी जानकारी बढ़ा रहा है, नई तकनीक सीख रहा है और उन सवालों के जवाब भी आसानी से पा रहा है, जिनके लिए पहले उसे किसी विशेषज्ञ या इंटरनेट पर लंबी खोज करनी पड़ती थी.
ज्योतिष पर भी पूछे सवाल
ऑटो ड्राइवर ने ChatGPT की तारीफ के साथ एक कमी भी बताई. उसने कहा कि ज्योतिष, राशि और सब-लॉर्ड जैसे विषयों पर पूछे गए कुछ सवालों के जवाब उसे अधूरे या पूरी तरह संतोषजनक नहीं लगे. उसके मुताबिक, ऐसे विशेष विषयों में AI को अभी और बेहतर होने की जरूरत है.
OpenAI ने भी दिया जवाब
वीडियो इतना वायरल हुआ कि वह OpenAI के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट तक पहुंच गया. OpenAI ने कन्नड़ भाषा में कमेंट कर ऑटो ड्राइवर का धन्यवाद किया और उसके अनुभव की सराहना की. इसके बाद यह वीडियो और तेजी से वायरल हो गया.

AI कैसे बदल रहा है भारत के आम लोगों की जिंदगी?
कुछ साल पहले तक AI को सिर्फ आईटी कंपनियों और बड़े कारोबार से जोड़कर देखा जाता था. लेकिन अब तस्वीर तेजी से बदल रही है.
छात्र पढ़ाई, नोट्स और परीक्षा की तैयारी के लिए AI का इस्तेमाल कर रहे हैं.छोटे दुकानदार और कारोबारी विज्ञापन, पोस्टर, सोशल मीडिया पोस्ट और बिजनेस आइडिया तैयार कर रहे हैं.किसान खेती, मौसम और फसलों से जुड़े सवालों के जवाब अपनी भाषा में पूछ रहे हैं.नौकरी करने वाले लोग ईमेल लिखने, रिपोर्ट बनाने और नई स्किल सीखने में AI की मदद ले रहे हैं.कई लोग अंग्रेजी में सवाल पूछकर हिंदी, कन्नड़, तमिल और दूसरी भारतीय भाषाओं में जवाब पा रहे हैं, जिससे भाषा की बाधा भी कम हो रही है.
बेंगलुरु के इस ऑटो ड्राइवर की कहानी बताती है कि AI का असली असर बड़े दफ्तरों में नहीं, बल्कि आम लोगों की जिंदगी में दिखने लगा है. अब नई तकनीक का फायदा सिर्फ प्रोफेशनल्स ही नहीं, बल्कि वह हर व्यक्ति उठा सकता है जिसके पास स्मार्टफोन और सीखने की जिज्ञासा है.