कभी नहीं टूट पाने वाला लगता है, लेकिन इस स्टार बल्लेबाज का मानना है कि विराट कोहली या रोहित शर्मा में से कोई उनके इस रिकार्ड को तोड़ सकता है.
ने यह बात तब कही जब बॉलीवुड स्टार सलमान खान ने मुंबई में एक पार्टी के दौरान उनसे यह सवाल किया. यह पार्टी मुंबई इंडियन्स के मालिक मुकेश अंबानी ने में आयोजित की थी. सलमान के भाषण में हास्य का पुट था और इसमें तब सभी की हंसी फूट पड़ी जब उन्होंने तेंदुलकर को इस सवाल पर घेरना शुरू किया कि क्या उनके अभेद्य लग रहे रिकार्ड को कोई तोड़ पाएगा.
बॉलीवुड के इस स्टार ने कहा, ‘क्या लगता है आपको? सीधे-सीधे बोलो नहीं तोड़ पाएगा.’ तेंदुलकर भी इस पर अपनी हंसी नहीं रोक पाये. उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि जो तोड़ सकते हैं वे इसी हॉल में बैठे हैं.’
इस पर सलमान का जवाब था, ‘चांस ही नहीं है.’ ने कहा, ‘मैंने इन युवा खिलाड़ियों को देखा है. विराट और रोहित इनमें शामिल हैं. यदि कोई भारतीय इसे तोड़ता है मुझे दुख नहीं होगा.’
सलमान ने तेंदुलकर की उपलब्धि के संदर्भ में कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि यह रिकार्ड जल्द टूट जाएगा क्योंकि रिकार्ड टूटने के लिये होते हैं. सचिन यार, आप हर समय प्रशंसा सुनकर कैसा महसूस करते हो. आपको ऐसा नहीं लगता है कि ‘ठीक है. मैं यह सब जानता हूं. यह पर्याप्त है.’ इस पर सभी हंस पड़े.
यह अभिनेता यहीं पर नहीं रुका. सलमान ने आगे कहा, ‘200 के बारे में क्या विचार है. यह कैसा रहेगा. 100 तो बन चुके हैं एक और 100 बनने में कितना समय लगेगा.’
इसके बाद उन्होंने जो गुगली फेंकी उससे फिर हंसी का फव्वारा फूट पड़ा. ऐसा सुना गया है कि सचिन का रिकार्ड तोड़ना असंभव है और यह डॉन नहीं, यह मैं बोल रहा हूं. मैं ऐसा इसलिए कह सकता हूं कि मेरे पिता ने उस फिल्म की स्क्रिप्ट लिखी थी. अमित जी (अमिताभ बच्चन) ने उसमें अभिनय किया था.’
इस पार्टी के आकषर्ण सचिन तेंदुलकर को ‘सचिन सर’ कहकर संबोधित करने वाली प्रियंका चोपड़ा ने जब इस स्टार बल्लेबाज के बारे में बात की तो अधिकतर हंसी ही निकलती ही रही. सचिन इस बीच मुकेश और नीता अंबानी के बीच में बैठे हुए थे. फिल्म जगत, पूर्व और वर्तमान क्रिकेटरों के अलावा राजनीतिज्ञों ने भी मास्टर ब्लास्टर की जमकर तारीफ की. सलमान ने अपने भाषण का अंत मजाकिया अंदाज में ही किया. उन्होंने कहा, ‘आप सौभाग्यशाली हो कि मैंने अपना समय स्टूडियो में बिताया नहीं तो फिर इस समय आपके स्थान पर मैं होता और ये शतक मेरे नाम होते.’
बाद में जब तेंदुलकर को महाराष्ट के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण से प्रतीक चिन्ह लेने के लिये आमंत्रित किया गया. इस अवसर पर वह भी प्रियंका चोपड़ा को उन्हें ‘सर’ कहने के लिये छेड़ने से बाज नहीं आये. तेंदुलकर ने कहा, ‘मैं नहीं जानता कि जब आप मुझे सचिन सर कहकर बुलाती हो तो मुझे क्या कहना चाहिए. मैंने हाल में अपना हेयरस्टाइल यह सोचकर बदला कि मैं थोड़ा युवा दिखाई दूंगा लेकिन लगता है इससे काम नहीं बना.’
सचिन ने 99 से 100वें शतक के लिये एक साल के इंतजार के बारे में कहा, ‘99 से 100वें शतक की यात्रा काफी लंबी रही लेकिन यह मेरे नियंत्रण में नहीं था.’
महान गायिका लता मंगेशकर भी इस अवसर पर मौजूद थीं और उन्होंने उस दिन को याद किया जब तेंदुलकर से उनकी पहली मुलाकात हुई थी. इस अवसर पर सचिन ने लता से अपना पंसदीदा गीत गुनगुनाने के लिये कहा और यह महान गायिका भी उनके आग्रह को नहीं ठुकरा सकी और उन्होंने ‘मेरा साया’ फिल्म का गाना ‘तू जहां जहां चलेगा, मेरा साया साथ होगा’ का मुखड़ा सुनाया.
आमिर खान ने इस कार्यक्रम के दौरान तेंदुलकर को ‘बेहतरीन इंसान’ बताया और कहा, ‘मैं सीसीआई में एक फिल्म की शूटिंग कर रहा था और शाम में भारतीय टीम नेट्स पर अभ्यास के लिये आयी. मैं सीनियरों से बात कर रहा और नेट्स पर एक छोटा 14 साल का लड़का खेल रहा था. मैं सोच रहा था कि ये बच्चा कहां से घुस गया इंडियन टीम के नेट्स में.’
उन्होंने कहा, ‘मैं खुद को रोक नहीं सका और मैं उसे गेंदबाजी कर रहे गेंदबाजों को देख रहा था. वह गेंद का सामना अच्छी तरह कर रहा था और सचमुच अच्छे स्ट्रोक खेल रहा था. मैं सीनियरों से बात करते हुए खुद को नहीं रोक सका और मैंने उनसे पूछा कि यह बच्चा कौन है? तब मुझे बताया गया कि वह सचिन है और वह भारतीय टीम में शामिल हो सकता है.’
आमिर ने कहा, ‘आपके बारे में यह चीज काफी शानदार है कि आपके नाम इतनी सारी उपलब्धियां हैं और अब 100वां अंतरराष्ट्रीय शतक भी. इतना सब हासिल करने के बाद भी आप एक बेहतरीन इंसान हैं. आप जिस सुघड़ता से अपनी जिंदगी, अपने खेल और अपने परिवार को चला रहे हैं, यह शानदार है.’
अभिषेक बच्चन भी अपनी पत्नी और अभिनेत्री ऐश्वर्या के साथ इस मौके पर मौजूद थे. उन्होंने तेंदुलकर के 100वें अंतरराष्ट्रीय शतक के बारे में एक दिलचस्प बात कही. उन्होंने कहा, ‘यह कहने की जरूरत नहीं है कि आपके 100वें शतक से हमें भी काफी कुछ लेना देना था. सभी भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों ने एक से ही कपड़े पहने, हम सभी एक ही पोजीशन में बैठे रहे, हमने एक सा ही खाना खाया, मैंने भी विश्व कप के दौरान यही किया. हमने भी 100वें शतक से बड़ी भूमिका निभायी है, क्योंकि ऐसा हमारी प्रार्थनाओं और अंधविश्वास के कारण ही हो सका कि आप 100वां शतक जमा सके.’